हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के लिए साल 2022 बिलकुल भी अच्छा नहीं रहा है । जनवरी से लेकर अब तक कई बड़े सुपरस्टार्स की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर धराशायी हो चुकी है । अभिनेता अक्षय कुमार, अजय देवगन और आमिर खान जैसे दिग्गज कलाकार भी इस साल कोई कमाल नहीं दिखा सके है । इन सितारों की फिल्मों के फ्लॉप होने के पीछे का कारण बायकॉट ट्रेंड को माना जा रहा है ।

सोशल मीडिया पर इन दिनों लगभग हर हिंदी फिल्म के बहिष्कार की मुहिम चल रही है । इसी बीच आज हम आपको कुछ ऐसी फिल्मों के बारे में बताने जा रहे है , जिनका रिलीज के वक्त बहुत विरोध किया गया लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इसका असर जरा भी देखने को नहीं मिला –

दंगल फिल्म

दंगल फिल्म

साल 2016 में रिलीज हुई आमिर खान की फिल्म ” दंगल ” को भी विरोध का सामना करना पड़ा था । इसके पीछे का कारण आमिर खान का एक बयान था, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी पत्नी किरण राव को भारत में रहने पर डर लगता है । आमिर के बयान के सामने आने के बाद दंगल का जमकर विरोध हुआ । लेकिन इसका असर उनकी फिल्म पर बिलकुल भी नजर नहीं आया । फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 384 करोड़ का कारोबार किया । वहीं, दुनियाभर में फिल्म ने 2000 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन कर नया रिकॉर्ड स्थापित कर दिया ।

दंगल फिल्म की कहानी है हरियाणा के एक छोटे से गांव के भूतपूर्व नैशनल रेसलिंग चैंपियन महावीर सिंह फोगाट (आमिर खान) की । घर की कमजोर आर्थिक स्थिति की वजह से अपने रेसलिंग के करियर पर विराम लगा नौकरी चुनने वाले महावीर के सीने में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने की चाहत उसे हमेशा कचोटती है । अपनी गोल्ड मेडल जीतने की चाहत को वह अपनी बेटियों से पूरा करवाता है । पुरुष प्रधान समाज में बेटियों से पहलवानी करवाना और अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेटियों के गोल्ड मेडल जीतने की इस दिलचस्प कहानी में प्रेरणादायक मनोरंजन है ।

दंगल में आमिर खान ने महावीर फोगाट के रूप में जवान बेटियों के पिता बनने का किरदार बेहतरीन ढंग से निभाया है, उनकी बेटियों के किरदार में फातिमा सना शेख, सान्या मल्होत्रा, ज़ायरा वसीम और सुहानी भटनागर ने भी कमाल का अभिनय किया है । साक्षी तंवर और अपारशक्ति खुराना ने अपनी सहज अदाकारी से हर सीन में जान फूंक दी है ।

पीके फिल्म

पीके फिल्म

साल 2014 में रिलीज हुई आमिर खान की फिल्म ‘पीके’ को लेकर खूब विवाद हुआ था । इस फिल्म पर हिंदू संगठनों ने लोगों की आस्था का अपमान करने का आरोप लगाया था । फिल्म के कुछ सीन पर ईसाई और मुस्लिम समाज के लोगों ने भी आपत्ति दर्ज की थी । इसके बावजूद फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त प्रदर्शन किया था । फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 340 करोड़ से ज्यादा कमाई की थी । वहीं, वर्ल्डवाइड इसने 854 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था ।

पीके फिल्म में भगवान के नाम पर यहां कुछ लोग जिस तरह से अपना धंधा चलाते हैं, पीके उन्‍हें बिना कुछ कहे सबक सिखा देता है । हालांकि यह बात तो कथित तौर पर भगवान के मैसेंजर्स की हुई, लेकिन पीके समाज के उस वर्ग को भी आइना दिखाता है, जो अंधविश्‍वास का चोला ओढ़े है या फिर ओढ़ने की कोशिश करते है । इस फिल्‍म में सीधे तौर पर मैसेज दिया गया है कि हमारा समाज किस तरह से एक व्‍यक्ति के धर्म को जानकर उसका कैरेक्‍टर सर्टिफिकेट बना देता है । अब ऐसे में फिल्‍म हमारे सामने कुछ सवाल छोड़ जाती है कि हमें अपनी इस पारंपरिक सोच को मॉडिफॉइड करना है या फिर इसी अंधविश्‍वास के भवसागर में डुबकी लगानी है । फिल्म एक एलियन से शुरु होती है, जिसका यान धरती पर उतरता है और वह हमारी दुनिया देखने बाहर आ जाता है । इस फिल्‍म में आमिर खान एक एलियन बने हुये हैं, जो किसी कारणवश धरती पर भगवान खोजने आता है ‌। हालांकि , यहां की अनसुलझी दुनिया देखकर वह काफी हैरत में पड़ जाता है । पीके के अलावा जगतजननी (अनुष्‍का शर्मा) एक जर्नलिस्‍ट का रोल निभा रही, जोकि कुछ एक्‍सक्‍लूसिव करने की चाह रखती है ।

इस फिल्‍म की कहानी तब आगे बढ़ती है, जब हमारा पीके अपने सवालों से लोगों को कंफ्यूज करने लगता है । हालांकि बाद में धीरे-धीरे लोग पीके के सवालों को गंभीरता से लेते है । शुरुआत में तो आप खुद पीके के सवालों पर हंसने लगेंगे, लेकिन आखिर में इन्‍हीं सवालों कीं गंभीरता में खुद को डूबता हुआ पायेंगे ।

माई नेम इज खान फिल्म

माई नेम इज खान फिल्म

बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान भी कई साल पहले बायकॉट का सामना कर चुके है । साल 2010 में रिलीज हुई उनकी फिल्म ” माई नेम इज खान ” को रिलीज के समय जमकर विरोध का सामना करना पड़ा था । दरअसल, कुछ लोग शाहरुख के आईपीएल में पाकिस्तान के खिलाड़ियों को शामिल करने की मांग से नाराज थे । लोगों के विरोध का फिल्म पर कोई असर नहीं दिखा था । फिल्म ने दुनियाभर में कुल 223 करोड़ की कमाई की थी ।

” माई नेम इज खान ” में बरसों पुरानी सीधी और सादी बात कही गई है । दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं अच्छे या बुरे । इस लाइन के इर्दगिर्द निर्देशक करण जौहर और लेखिका शिबानी बाठिजा ने कहानी का तानाबाना बुना है । उपरोक्त बातें यदि सीधी-सीधी कही जाती तो संभव है कि ” माई नेम इज खान ” डॉक्यूमेंट्री बन जाती और ज्यादा लोगों तक बात नहीं पहुँच पाती । इसलिए मनोरंजन को प्राथमिकता देते हुए लवस्टोरी को रखा गया और बैकड्रॉप में 9/11 की घटना से लोगों के जीवन और नजरिये पर क्या प्रभाव हुआ यह दिखाया गया ।

कहानी है रिज़वान खान (शाहरुख खान) की । वह एस्पर्गर नामक बीमारी से पीड़ित है । ऐसा इंसान रहता तो बहुत होशियार है, लेकिन कुछ चीजों से वह डरता है । घबराता है । इसलिए आम लोगों से थोड़ा अलग दिखता है । रिज़वान पीला रंग देखकर बैचेन हो जाता है । अनजाने लोगों का साथ और भीड़ से उसे घबराहट होती है । शोर या तेज आवाज वह बर्दाश्त नहीं कर पाता । लेकिन वह खूब किताबें पढ़ता है। उसकी याददाश्त बेहद तेज है । टाइम-टेबल से वह काम करता है ।

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