कश्मीर को मिला एक बड़ा तोहफा, घाटी में 30 साल बाद हो रही सिनेमा की वापसी

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जम्मू कश्मीर को मिला एक बड़ा तोहफा. पूरे 30 साल बाद घाटी में लौटी रौनक. कहते है खुबसूरत चीज़ हमेशा खतरनाक होती है जहां ठीक ऐसा ही कश्मीर के बारें में लोगों का कहना है. जहां पर आए दिन आतंक का खौफ बना रहता है तो वही इन सब के बीच पूरे 30 साल के बाद श्रीनगर में सिनेमा हॉल की वापसी हुई है. ये वही श्रीनगर है जहां पर लोग डर सहमें रहते है कि पता नही कब यहां पर आतंकियों का आतंक मच जाए.
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को कश्मीर के शोपियां और पुलवामा में 2 सिनेमा हॉल की शुरुआत की। सिन्हा ने यहां बैठकर फिल्म भी देखी। सिन्हा ने कहा कि जल्द ही जम्मू-कश्मीर के सभी जिलों में मल्टीप्लेक्स सिनेमा हॉल शुरू किए जाएंगे। श्रीनगर के सोमवर इलाके में कश्मीर का पहला आईनॉक्स मल्टीप्लेक्स अगले हफ्ते लोगों के लिए खोल दिया जाएगा, जहां 520 सीटों की कुल क्षमता वाले 3 मल्टीप्लेक्स होंगे। इस मल्टीप्लेक्स की शुरुआत मंगलवार को आमिर खान की रिलीज होने वाली फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ के साथ होगा। कभी बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग के लिए पहली पसंद रहे कश्मीर में 1980 के दशक के अंत तक करीब एक दर्जन सिंगल सिनेमा हॉल थे, लेकिन आतंक की बढ़ती घटनाओं के बाद इन्हें बंद करना पड़ा था। वहीं 1990 के दशक में कई बार थिएटर खोलने की कोशिशें की गईं, लेकिन ग्रेनेड हमले जैसी घटनाओं ने इन पर ब्रेक लगा दिया था।
तो वही बात करें जम्मू-कश्मीर और सिनेमा जगत की तो इनका रिश्ता बहुत ही पुराना रहा है. सिन्हा ने कहा कि ‘केंद्र शासित प्रदेश की नई फिल्म नीति और सुविधाओं ने एक बार फिर इस क्षेत्र को पसंदीदा शूटिंग गंतव्य बना दिया है’, आपको बता दें कि कश्मीर का लंबा और समृद्ध सिनेमाई इतिहास 30 साल पहले उस समय काला हो गया था, जब आतंकवादियों और कट्टरपंथियों के फरमानों की दहशत के चलते सिनेमाघरों को बंद कर फिल्मों पर बैन लग गया था क्योंकि आतंकियों का इसके पीछे मत था कि इस तरह का मनोरंजन इस्लाम के सिद्धांतों के खिलाफ है और इसे “हराम” की संज्ञा दे दी गई। वहीं इस पहल के बाद छात्रों से लेकर युवा और सभी क्षेत्रों के लोग द्रुसू पुलवामा और एमसी शोपियां में सिनेमाघरों के उद्घाटन को देखने के लिए इकट्ठा हुए।
23 साल पहले भी सिनेमा को खोलने का प्रयास किया गया था. साल 1999 में 23 साल पहले भी जम्मूS-कश्मीर में फारूक अब्दुल्ला की सरकार ने सिनेमाघरों को दोबारा से शुरू करने की कोशिश की थी। लेकिन रीगल सिनेमा में पहले शो के दौरान एक आतंकवादी हमला हुआ, जिसमें एक शख्स की मौत हो गई थी और 12 लोग जख्मी हो गए थे। वहीं इसके बाद साल 2017 में बीजेपी-पीडीपी सरकार ने भी ऐसी ही कोशिश की थी, लेकिन घाटी में कट्टरपंथियों ने ऐसे किसी भी कदम को शुरू करने का विरोध किया था। जिसकी वजह से सिनेमा को खोलने के बारें तो दूर की बात फिर उसके बाद इस पर कभी सोचा नही गया.

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