कांग्रेस में एक तरफ राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा पर है, तो दूसरी ओर पार्टी के नए अध्यक्ष को लेकर सियासत गर्म है । सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ-साथ अध्यक्ष पद के लिए कई नेताओं के नाम चर्चा में है । सबके अपने-अपने तर्क है ।

ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि आखिर कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए कौन-कौन चुनाव लड़ सकता है ? गांधी परिवार से हटकर किन नेताओं के नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है ? अध्यक्ष पद के लिए अभी क्या-क्या दांव-पेंच चले जा रहे है ?

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता कहते है, ” अगर गांधी परिवार से अलग कोई कांग्रेस की कमान संभालता है तो पार्टी में फूट पड़ने की आशंका है । पार्टी में अभी काफी गुट बन चुके है । ये गुट केवल गांधी परिवार के चलते ही एकजुट हो पाते है । अगर गांधी परिवार ने पार्टी की बागडोर छोड़ी तो इनका विद्रोह तेज हो जाएगा । पार्टी के भविष्य के लिए ये एक तरह से खतरा है । ”

कांग्रेस के राष्ट्रीय स्तर के एक अन्य नेता कहते है , ” पार्टी पर परिवारवाद का आरोप लगता है । ऐसे में मुश्किल है कि राहुल गांधी या सोनिया गांधी फिर से अध्यक्ष पद संभालें । ऐसी स्थिति में किसी ऐसे चेहरे को ये जिम्मेदारी दी जा सकती है जो नेहरु-गांधी परिवार का विश्ववसनीय हो । ऐसे ही चेहरे की तलाश हो रही है । ”

कांग्रेस का नया अध्यक्ष

अध्यक्ष पद को लेकर अभी पार्टी में क्या चल रहा है ? 

कांग्रेस ने 17 अक्तूबर को अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होना है । 19 अक्तूबर को नतीजे आ जाएंगे । चुनाव के लिए 22 सितंबर को अधिसूचना जारी कर दी जाएगी । 24 सितंबर से 30 सितंबर तक इसके लिए नामांकन दाखिल किया जा सकेगा । अगर सबकुछ तय कार्यक्रम के तहत हुआ तो 19 अक्तूबर को कांग्रेस का अगला अध्यक्ष मिल जाएगा ।

क्या फिर से गांधी परिवार को मिलेगी कमान ?

इस वक्त कांग्रेस में दो खेमा है । एक दबी जुबान से ये बोल रहा है कि इस बार अध्यक्ष गांधी परिवार से अलग का हो, वहीं दूसरा खेमा ऐसा है जो सोनिया और राहुल गांधी को ही अध्यक्ष बनाना चाहता है । हालांकि, सोनिया गांधी, राहुल गांधी कई बार अध्यक्ष पद से हटने के लिए कह चुके है ।

अशोक गहलोत गांधी परिवार के करीबी है । गहलोत को अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस एक तीर से दो निशाने लगा सकती है । गहलोत नाराज न हों, इसलिए उन्हें पार्टी की सबसे बड़ी पोस्ट मिल जाएगी और राजस्थान हाथ से न जाए इसके लिए सचिन पायलट को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया जा सकता है । हालांकि, गहलोत लगातार अध्यक्ष बनने से इंकार करते रहे है । गहलोत नहीं चाहते कि सचिन पायलट को राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाया जाए । इसके लिए वह लगातार कोशिश में जुटे है ।

छह राज्यों ने राहुल, एक ने सोनिया को सौंपी जिम्मेदारी

दूसरी ओर, अध्यक्ष पद के लिए ज्यादातर राज्यों की कमेटियों ने राहुल और सोनिया को ही अध्यक्ष बनाने की मांग दोहराई है । सबसे पहले राजस्थान कांग्रेस ने शनिवार को राहुल गांधी को अध्यक्ष पद संभालने की मांग का प्रस्ताव पारित किया । रविवार को छत्तीसगढ़ और गुजरात कांग्रेस ने भी ऐसा ही प्रस्ताव पास किया । इसके बाद सोमवार को बिहार, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश से भी राहुल को समर्थन देने वाला प्रस्ताव पास हो गया । हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी इसको लेकर एक प्रस्ताव पास किया है । इसमें सोनिया गांधी को नया अध्यक्ष चुनने के लिए सहमति दे दी है ।

कांग्रेस की स्थापना

कांग्रेस की स्थापना 1885 में हुई थी । वोमेश चंद्र बनर्जी को पार्टी का पहला अध्यक्ष बनाया गया था । इसके बाद से अब तक पार्टी को 57 अध्यक्ष मिल चुके है । सबसे ज्यादा 45 साल तक पार्टी की कमान नेहरु-गांधी परिवार के पास ही रही है ।

 

कांग्रेस स्थापना की कहानी क्या है ? 

कांग्रेस की स्थापना थियिसोफिकल सोसायटी के प्रमुख सदस्य रहे एओ ह्यूम ने 28 दिसंबर 1885 में की । स्थापना के वक्त ह्यूम के साथ 72 और सदस्य थे । पार्टी के गठन के बाद ह्यूम संस्थापक महासचिव बने और वोमेश चंद्र बनर्जी को पार्टी का पहला अध्यक्ष नियुक्त गया । इसके बाद से अब तक पार्टी को 56 अध्यक्ष मिल चुके हैं । सबसे ज्यादा 45 साल तक पार्टी की कमान नेहरु-गांधी परिवार के पास ही रही है ।

 

कांग्रेस 1919 तक नहीं था नेहरु-गांधी परिवार का ज्यादा दखल

1885 से लेकर 1919 तक कांग्रेस में नेहरु-गांधी परिवार का कांग्रेस में ज्यादा दखल नहीं था। इसके बाद 1919 में कांग्रेस पार्टी के अमृतसर अधिवेशन में मोती लाल नेहरु को नया अध्यक्ष चुना गया। 1928 में उन्हें कलकत्ता के अधिवेशन में फिर से पार्टी का अध्यक्ष चुन लिया गया। इसके अगले ही साल कांग्रेस की कमान मोती लाल नेहरु के बेटे पं. जवाहर लाल नेहरू को मिल गई। लगातार दो साल उन्होंने कमान संभाली, फिर सरदार वल्लभ भाई पटेल को नया अध्यक्ष चुन लिया गया।

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