आईपीएल में अंपायर द्वारा कई डिसीजन ऐसे दिए गए है जिस से खिलाड़ी काफी नाराज हुए हैं। लेकिन किसी खिलाड़ी ने कुछ ऐसा नहीं किया जिसके वजह से उसे सजा भुगतना पड़े, हां दिल्ली के टीम के कप्तान ऋषभ पंत ने अंपायर डिसीजन पे सवाल खड़ा किया था जिसका खामियाजा उन्हें खुद भुगतना पड़ा था। गुजरात टाइटन्स के विकेटकीपर बल्लेबाज मैथ्यू वेड ने भी कुछ ऐसा कर दिया जिसके वजह से उन्हे भी सजा मिली है। मैथ्यू वेड ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूर के खिलाफ मैच के दौरान इंडियन प्रीमियर लीग की आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिये डांट लगायी गयी। आईपीएल के अनुसार, ‘‘वेड ने आईपीएल आचार संहिता के अनुच्छेद 2.5 के तहत लेवल एक का अपराध और सजा को स्वीकार किया। आचार संहिता के लेवल एक के उल्लंघन के लिये मैच रेफरी का निर्णय अंतिम होता है।’’ आपको बताते चले की वेड को एलबीडबल्यू दिया जाना विवादास्पद जरूर था। और यहां तक कि आरसीबी के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने भी उनके प्रति सहानुभूति जताई थी। ये किसी भी क्रिकेट की किताब में नही लिखा है की आप डिसीजन लो अंपायर के खिलाफ लेकिन यहा मैथ्यू हेड ने वही किया। इसके पहले भी कई खिलाड़ी आईपीएल में अंपायर के फैसले का विरोध करके सजा पा चुके हैं।

 

मैच गवा बैठा था गुजरात टाइटंस

 

टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करने उतरी गुजरात की शुरुआत ही बेकार हुई थी उस मैच में। पूरे सीजन में अच्छे फॉर्म में चल रहे गिल मात्र एक रन बनाकर हेजलवुड के शिकार हुए। गिल ने मात्र 1 रन बनाय और उसके लिए उन्होंने 4 गेंद खेले। ये गुजरात को लगने वाला बहुत बड़ा झटका था क्योंकि गिल अभी सबसे ज्यादा बना कर सबसे आगे चल रहे है गुजरात की टीम में। गुजरात की टीम को पहला झटका लगने के बाद जल्दी ही दूसरा भी लग गया, दूसरे विकेट के रूप में मैथ्यू वेड गए जो इस पूरे सीजन में फॉर्म में नही दिखे है। वेड ने जाने से पहले 13 गेंदों में 16 रन बनाय जिसमे 2 चौके और 1 बेहतरीन छक्का शामिल था। लेकिन वो अपनी इस पारी को लंबा नही खीच पाय और वो मैक्सवेल के जाल में फस गए जबकि दोनो ही खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया से आते है। मैक्सवेल ने तो वेड को अच्छे से समझा और फसाया भी लेकिन मैक्सवेल को वेड नही पकड़ पाय। वेड के जाने के साहा और पांड्या ने पारी को संभाली और दोनो ने एक साझेदारी शुरू की लेकिन जल्दी ही साहा रन आउट हो गए। और ये एक और बड़ा झटका था गुजरात के लिए क्योंकि साहा पिछले कुछ मैचों से गजब के फॉर्म में है। वही इस मैच में भी साहा ने आउट होने से पहले 22 गेंदों पर 31 रन बनाय जिसमे चार चौके और 1 छक्का शामिल था। अब गुजरात की टीम कही न कही बैकफुट पर आ चुकी थी क्योंकि उसके महत्वपूर्ण विकेट जा चुके थे। लेकिन फिर भी पारी को संभालने की जिम्मेदारी कप्तान पांड्या ने और मिलर ने संभाली और दोनो ने बढ़िया साझेदारी भी निभाई। इस से पहले की ये साझेदारी और बढ़ती की तभी मिलर अपना विकेट गवा बैठे। मिलर ने आउट होने से पहले 25 गेंदों पर 34 रन बनाय जिसमे सिर्फ छक्के ही शामिल थे। मिलर ने 3 शानदार छक्के लगाए। मिलर के बाद राहुल तेवतिया आय और चले भी गय। उन्होंने 3 गेंदों पर मात्र 2 रन बनाय। तेवतिया के बाद राशिद खान ने छोटी लेकिन शानदार पारी खेली। खान ने आखरी की गेंदों पर मात्र 6 गेंदों पर 19 रन बना डाले जिसमे 2 छक्के शामिल थे और 1 चौका। वही हार्दिक पांड्या ने एक छोर संभाले रखा और कप्तानी पारी खेली। उन्होंने 47 गेंदों पर 62 रन बनाय जिसमे 4 चौका और 3 शानदार छक्के शामिल थे। वही अगर आरसीबी के गेंदबाजों की बात करे तो हेजलवुड को सबसे ज्यादा 2 विकेट मिले लेकिन उन्होंने रन बहुत लुटा दिए। वही हसरंगा और मैक्सवेल को भी एक एक विकेट मिला। सबसे किफायती हसरंगा ही थे जिन्होंने अपने 4 ओवर में 25 रन देकर 1 विकेट निकाले थे।

 

आरसीबी की बैटिंग

 

169 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी की टीम की शुरूआत अच्छी रही। पहले विकेट के लिए डुप्लेसी और कोहली ने मिलकर 115 रन बना दिए जो बहुत ही अच्छी शुरुआत थी। फिर डुप्लेसी आउट हो गए। उन्होंने आउट होने से पहले 44रनों की एक धीमी पर सही पारी खेली। राशिद खान ने डुप्लेसी को आउट किया था। वही विराट ने शानदार 54 गेंदों पर 73 रनों की पारी खेली। जिसमे 8 चौके और 2 छक्के शामिल थे। फिर बाद में मैक्सवेल का आकर तूफानी पारी खेल जाना,आरसीबी के लिए और भी आसान बना दिया। मैक्सवेल ने 18 गेंदों पर 40 रन बनाय जो जीत के और करीब ले आया। मैक्सवेल की पारी में 4 चौके और 2 छक्के शामिल थे। गुजरात की गेंदबाजी की बात करे तो राशिद खान को ही दोनो विकेट मिले। राशिद के अलावाअन्य कोई गेंदबाज एक भी विकेट नही निकाल सका। गुजरात की बॉलिंग वैसी नहीं रही जिसके लिए वो पूरे टूर्नामेंट में जाने जाते रहे हैं। यही कारण रहा की इस मैच को आरसीबी ने 8 विकेट से जीत लिया।

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