समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को करहल विधानसभा सीट से अपना नामांकन किया है। आपको बता दे की अखिलेश यादव के चुनाव लड़ने और ना लड़ने पर अटकलें लगाई जा रही थी। लेकिन जब उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से चुनाव लड़ने का ऐलान किया तो, ऐसा माना जा रहा दवाब में आके अखिलेश यादव ने भी चुनाव लड़ने का फैसला किया। खैर उनसे पूछने पर हमेशा एक ही बात सुनने को मिलता था की अगर पार्टी तय करेगी तो मैं चुनाव लंडूगा। लेकिन जब तय हुआ की अखिलेश यादव चुनाव लड़ेगे तब ये बात सामने आई आखिर वो सीट कौन सी होगी पहले ये बोला जा रहा था कि वो आजमगढ़ से चुनाव लड़ेगे, या फिर कन्नौज, लेकिन अब साफ हो गया है की अखिलेश करहल से चुनाव लड़ रहे है। वही लोगो का कहना है की अखिलेश यादव ने सर्वे कराया की आखिर वो कहा से जीत सकते है उसके हिसाब से उन्होंने सीट चुना है।
आपको बता दें की मैनपुरी की करहल सीट हमेशा से हो समाजवादी पार्टी के अनुकूल रही है, क्यूंकि करहल विधानसभा सीट यादव बाहुल्य क्षेत्र है। और शायद इसी के चलते अखिलेश यादव ने इस सीट को चुना और यहां से चुनाव लड़ने का फैसला किया। इसलिए भारतीय जनता पार्टी ने भी पलटवार करते हुए जातिगत कार्ड खेला है, भाजपा के कोर वोट के साथ बघेल मतदाताओं को अपनी ओर लुभाने के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल को यहां से अपना प्रत्याशी बनाया है। यहां पर लगभग सवा लाख यादव मतदाता है यही कारण है की समाजवादी पार्टी हमेशा से यहां पर जातिगत राजनीति किया है, यादव प्रत्याशी उतार कर जीतती आ रही है।

 

आइए जानते है करहल के जनता का मूड।

 

द राजधर्म की टीम उत्तर प्रदेश के चुनावी दौरे पर है, जब टीम मैनपुरी के करहल विधानसभा पहुंची तो जानते है वहा के लोगो ने क्या कहा? जब लोगो से पूछा गया को इस बार किसकी लहर है अखिलेश यादव ने करहल से अपना पर्चा भरा है तो इसपर आप लोगो की क्या राय है। लोगो का कहना था कि यहां पर एक बार फिर से प्रचंड बहुमत से भारतीय जनता पार्टी की जीत होने जा रही है। और यहां पर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव का कोई लहर नहीं है। उनसे पूछा गया की आखिर अखिलेश यादव से दिक्कत क्या है तो लोगो ने कहा की उनके शासन और प्रशासन में सिर्फ और सिर्फ गुंडाराज था, लोगो ने कहा उनके राज में हुए भ्रष्ट्राचार, और कुशासन का बदला लेने का समय है। और यहां की जनता ने मन बना लिया है की एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी के साथ है। आपको बता दे करहल में सबसे ज्यादा यादव वोट है और करहल लोगो का ये कहना है कि अखिलेश यादव ने सबसे ज्यादा यादव को ही लूटा है। क्योंकि पूर्व में जो उन्होंने नियुक्तियां दी थी उसमे लोगो से 8 से 10 लाख तक घुस लिए गए, लोगो ने अपने घर और जमीनें बेचकर पैसे दिए। इसलिए यहां पर सबसे ज्यादा अगर कोई नाराज़ है तो वो यादव समुदाय के लोग है।

 

किसकी कितनी है जनसंख्या।

 

यादव- 1.25 लाख
शाक्य- 35 हजार
बघेल- 30 हजार
क्षत्रिय- 30 हजार
एससी- 22 हजार
मुस्लिम- 18 हजार
ब्राह्मण- 16 हजार
लोधी- 15 हजार
वैश्य- 15 हजार

 

कुल मतदाता

 

पुरुष मतदाता- 201394
महिला मतदाता- 169851
अन्य- 16
कुल मतदाता- 371261

 

भारतीय जनता पार्टी ने भी खेला अपना जातिगत कार्ड।

 

आपको बता दे की अखिलेश यादव ने सामने भाजपा से एसपी सिंह बघेल प्रत्याशी और बघेल मतदाता की जनसंख्या तीसरे नंबर पर है। 1.25 लाख के करीब यादव, 35 हजार के करीब शाक्य और उसके बाद 30 हजार के बाद बघेल मतदाता है इसलिए भारतीय जनता पार्टी भी समाजवादी पार्टी को शिकस्त देने के लिए जातिगत कार्ड खेला। क्योंकि बघेल प्रत्याशी के आने से 30 हजार बघेल मतदाताओं की पकड़ बढ़ने की संभावना है। और इससे पहले ही भाजपा ब्राह्मण और लोधी का समर्थन पाने के लिए हर तरह से प्रयासरत है।

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