ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे पूरा होने और वहां शिवलिंग मिलने के दावे के बाद सियासत भी गरमा गई है । भारतीय जनता पार्टी की स्पष्ट तौर पर कोई भूमिका ना होने के बाद भी यह तय माना जा रहा है कि ज्ञानवापी विवाद में अगर अदालत का फैसला हिंदू पक्ष में आता है तो यह बीजेपी की बड़ी जीत मानी जाएगी। यही कारण है कि शिवलिंग मिलने के दावे के बाद उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह समेत भारतीय जनता पार्टी के कई दिग्गज नेताओं ने इस दावे का स्वागत किया है। गौरतलब है कि जहां एक तरफ इस मुद्दे से बीजेपी को फायदा होगा तो वहीं दूसरी तरफ अखिलेश यादव या विपक्ष को बड़ा झटका लग सकता है। इसीलिए अखिलेश यादव ने ज्ञानवापी मामले पर पर कहा कि यह मस्जिद बहुत पुरानी है।साथ ही एक निजी चैनल के इंटरव्यू में अखिलेश यादव ने बताया कि सपा मुसलमानों के साथ खड़ी है ।

 

मस्जिद पुरानी है जानबूझकर झगड़े लगाती है बीजेपी

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव मंगलवार 17 मई को आजमगढ़ में थे। दरअसल अखिलेश यादव ने आजमगढ़ से संसदीय सीट छोड़ दि है और वहां उप चुनाव होने वाले हैं। आजमगढ़ से इसके पहले मुलायम सिंह यादव सांसद थे और उसके बाद अखिलेश यादव बने यह भी कयास लगाया जा रहा है कि उपचुनाव में डिंपल यादव को आजमगढ़ से उतारा जा सकता है। अखिलेश यादव उपचुनाव का जायजा लेने और पूर्व विधायक श्याम बहादुर सिंह यादव की माता की तेरही में शामिल हुए। इसी दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए ज्ञानवापी मुद्दे पर भी अपने विचार साझा कीए उन्होंने कहा ज्ञानवापी मस्जिद बहुत पुरानी है। भाजपा जानबूझकर अपने मित्रों को आगे लाकर झगड़े लगाती है। ज्ञानवापी और हिंदू-मुस्लिम मुद्दे इसलिए उठाए जाते है कि महंगाई पर बात न हो।भाजपा के अदृश्य मित्र समय समय पर निकलकर सामने आते हैं और नफरत के बीज बोते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि पुराने मुद्दों को नहीं उठाया जा सकता है। महंगाई पर चर्चा न हो डीजल और पेट्रोल पर चर्चा न हो इसलिए ऐसे मुद्दे उठाए जाते हैं।

 

बीजेपी महंगाई से भटकाना चाहती है ध्यान:अखिलेश

अखिलेश यादव ने भाजपा को घेरते हुए कहा कि वोट लेना था तो राशन दिया। अब किसी को पहचान नहीं रहे। उन्होंने बुलडोजर को भी कटघरे में खड़ा किया कहा कि बुलडोजर चलाते हैं खुद अवैध हास्पिटल का उद्घाटन करते हैं। उन्होंने बीजेपी से पूछा कि क्या उस हास्पिटल पर भी बुलडोजर चलेगा। राशन योजना पर अखिलेश यादव ने कहा कि राशन हटा लीजिए देश की हालत श्रीलंका से भी खराब हो जाएगी। नौकरी और रोजगार के नाम पर सरकार ने कुछ नहीं दिया। सीमेंट, बालू, स्टील, तेल की महंगाई पर चर्चा न हो इसलिए सरकार अपने अदृश्य लोगों को सामने लाकर ज्ञानवापी जैसे मुद्दों पर चर्चा कराती है। आजमगढ़ की जनता ने कभी भी एक्सप्रेस-वे की मांग नहीं की थी लेकिन समाजवादियों ने एक्सप्रेस वे बनाया। एक्सप्रेस-वे से जनता का आना-जाना आसान हो गया। इसलिए हमारा आना जाना भी आसान हो गया।अभी तक भाजपा कहती थी वन नेशन वन राशन। अब कहीं यह न कहे कि एक देश एक पूंजीपति जनता को झगड़ों में उलझाकर देश की तमाम चीजें खरीदी और बेंच दी गईं ।

 

बीजेपी रच रही षड्यंत्र,जनता रहे सतर्क: मायावती

ज्ञानवापी, ताजमहल,मथुरा, लाल किला समेत मुद्दे पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है उन्होंने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके भाजपा पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी, जनता के जरूरी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के षड्यंत्र कर रही है। इससे कभी भी यूपी में हालात बिगड़ सकते हैं। बसपा सुप्रीमो ने प्रदेश की शांति व्यवस्था बनाने की अपील की और साथ ही बीजेपी पर साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसी साजिशों से देश मजबूत नहीं, बल्कि कमजोर होगा। बेरोजगारी महंगाई पर मायावती ने बोलते हुए कहा कि आसमान छू रही महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी से त्रस्त जनता का ध्यान भटकाने के लिए बीजेपी और सहयोगी संगठन चुन-चुनकर धार्मिक स्थलों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘आजादी के इतने सालों के बाद भी मथुरा, ताजमहल, ज्ञानवापी की आड़ में धार्मिक भावनाओं को भड़काया जा रहा है। धर्म विशेष से जुड़े स्थानों के नाम भी बदले जा रहे हैं। इससे शांति, भाईचारे की जगह पर नफरत की भावना पैदा होगी।’

 

दलित और मुस्लिम वोटों पर मायावती की नजर

उत्तर प्रदेश में दलित और मुस्लिम वोटों पर मायावती की अच्छी पकड़ है। 2019 के लोकसभा चुनाव में मायावती ने सपा के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा था। जहां अखिलेश यादव कुल 5 सीटें जीत पाए थे वहीं मायावती ने 10 सीटें जीत कर सबके चौंका दिया था 2014 के लोकसभा चुनाव में मायावती शून्य पर सिमट कर रह गई थी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मायावती की सीट बढ़ने के पीछे का सबसे बड़ा कारण दलित और मुस्लिम एकजुटता है। बसपा के टिकट पर अफजाल अंसारी ने गाजीपुर से मनोज सिन्हा को हराकर सबको चौंका दिया था तभी से स्पष्ट हो गया था कि दलित और मुस्लिम अगर मायावती का साथ देते हैं तो कोई नहीं हरा सकता। इस वक्त सपा से आजम खान को लेकर मुस्लिम नाराज दिखाई दे रहे हैं शायद यही कारण है कि मायावती अब मुस्लिमों को अपने पक्ष में लेने के लिए इस तरह की बयानबाजी आ कर रही है।

 

शिवलिंग मिला है तो हमें संतुलन बनाना होगा :SC

मुस्लिम पक्ष के लोगों ने वाराणसी जिला अदालत के इस फैसले को अस्वीकार किया और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ ने निर्देश दिया कि अगर शिवलिंग मिला है तो हमें संतुलन बनाना होगा हम डीएम को निर्देशित करेंगे कि उस स्थान की सुरक्षा करें लेकिन मुस्लिम को नमाज करने से ना रोका जाए। साथ ही कार्यवाही के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि ट्रायल कोर्ट ने वाराणसी के जिलाधिकारी को उस परिसर को सील करने का निर्देश दिया जहां शिवलिंग पाया गया है। वजू खाना में प्रवेश प्रतिबंधित है और इसका उपयोग नहीं किया जाएगा। केवल 20 लोगों को प्रार्थना के लिए अनुमति दी जाएगी ।

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