पपीता स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी होता है। अध्ययनों के मुताबिक, पपीते में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते है, जो हमारे शरीर को कई गंभीर रोगों से सुरक्षित रखने में मदद करता है। पपीते में विटामिन्स और यौगिकों की मौजूदगी होती है।पोषण से भरपूर पपीता कई बीमारियों से दूर रखने में कारगर है। पाचन या भूख न लगने की समस्या से जूझ रहे लोगों को तो हर कोई पपीता खाने की सलाह देता है। पपीता पका हो या कच्चा, इसके अनेक फायदे है। विशेषज्ञों के मुताबिक, कुछ रोगों से ग्रसित होने पर पपीते का नियमित सेवन करना चाहिए।कोरोना काल में पपीते को इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए लाभकारी फल माना गया। पपीता विटामिन सी का उत्कृष्ट स्रोत है, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है। पेट, पाचन तंत्र, त्वचा की रंगत में निखार और अस्थमा जैसी क्रोनिक बीमारियों में पपीते का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है।

पपीता एक ऐसा फल है जो हर मौसम में आसानी से आपको मार्केट में मिल जाता है। पपीता को सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है।पपीते का सेवन सुबह के समय करना चाहिए। इसमें एसिडिक गुण कम होने के कारण सुबह के समय खाने से इसका पाचन आसानी से हो जाता है और इसमें मौजूद पानी की ज्यादा मात्रा और फाइबर की प्रचुरता भी शरीर की मेटाबोलिक रेट को संतुलित करती है।वजन को कंट्रोल करने के लिए पपीता लाभकारी है क्योंकि पपीते में फाइबर भरपूर मात्रा में होता है, जो पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है। पपीते के सेवन से इम्यूनिटी को मजबूत बनाया जा सकता है। पपीता को आयुर्वेद में एक औषधी के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है।पपीते में विटामिन ए, विटामिन सी, नियासिन, मैग्नीशियम, कैरोटीन, फाइबर, फोलेट, पोटैशियम, कॉपर, कैल्शियम और कई तरह के एंटीऑक्सिडेंट्स पाए जाते है, जो शरीर के लिए फायदेमंद माना जाते है।

 

पपीता का अद्भुत और चमत्कारी लाभ-

  • पपीते में फाइबर के गुण पाए जाते है। जो पाचन के लिए अच्छे माने जाते है। पपीता में रेचन यानि लैक्सटिव का गुण भी पाया जाता है, जो कि कब्ज को भी दूर करने में मदद कर सकता है।
  • पपीते में केवल 120 कैलोरी होती है। इसके साथ ही विटामिन सी, फोलेट और पोटैशियम आदि पाए जाते है, जो वजन को हेल्दी तरीके से कम करने में मदद कर सकते है।
  • पपीते में विटामिन सी और कई तरह के एंटीऑक्सिडेंट्स होते है, जो इम्यूनिटी को मजबूत बनाने का काम कर सकते है। मजबूत इम्यूनिटी शरीर को कई वायरल संक्रमण से बचाने में भी सहायता कर सकती है।
  • पपीते में मौजूद लाइकोपिन, कैरोटिनॉइड, एंटीऑक्सिडेंट, बीटा-क्रिप्टोक्साथीन और बीटा कैरोटिन आदि तत्व कैंसर से बचाव करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है।
  • पपीते में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर के गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते है। पपीते के सेवन से कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कंट्रोल कर दिल को दुरुस्त रखा जा सकता है।
  • पपीते में आंखों के लिए जरूरी विटामिन ए भरपूर पाया जाता है। इसमें नीली रोशनी से आंखों का बचाव करने वाला कैरोटिनॉइड ल्यूटिन पाया जाता है। पपीते का सेवन कर आंखों को हेल्दी रखा जा सकता है।
  • पपीते में पपेन समेत कई पाचक एंजाइम्स और कई डायट्री फाइबर्स होते है। ये पाचन क्रिया को उत्तेजित करने का काम करते हैं, जिससे पाचन तंत्र पूरी तरह सक्रिय रहता है।
  • पपीते के सेवन से शरीर को कई जरूरी तत्वों की पूर्ति हो जाती है। शरीर को विटामिन सी भी भरपूर मात्रा में मिलता है, जो सफेद कोशिकाओं के निर्माण में सहायक साबित होता है।
  • त्वचा के लिए भी पपीता बहुत फायदेमंद है। अगर पके हुए पपीते के गूदे को मैश कर चेहरे पर लगाया जाए, तो चेहरे पर चमक आती है।
  • इसके अलावा पपीता मैश करके उस में थोड़ा नींबू का रस मिलाकर इसे चेहरे पर लगाएं तो त्वचा के दाग-धब्बे साफ होते हैं। यदि निखार के साथ मुलायम त्वचा भी चाहिए, तो पपीता मैश कर उसमें नींबू का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर त्वचा पर लगाएं। पपीते में मौजूद फ्लेवोनॉएड और बीटा हाइड्रोक्सी एसिड त्वचा के लिए फायदेमंद होते है।
  • यदि आप रक्त को पतला करने वाली दवाओं का सेवन कर रहे हैं या आपका पेट खराब है, तो भी पपीते का सेवन न करें। विशेषज्ञों के अनुसार, पपीते की बाहरी त्वचा में लेटेक्स होता है, जो पेट खराब होने या दस्त का कारण बन सकता है। इससे पेट में दर्द की भी शिकायत हो सकती है।
  • पपीते में पपैन नाम का एक एंजाइम होता है, जो बालों की जड़ों को मजबूती प्रदान करता है। इससे बाल लंबे और खूबसूरत होते हैं। पपीते के पत्तों का रस कंडिशनर के रूप में काफी कारगर साबित होता है।
  • कच्चा पपीता सभी औषधीय गुणों से भरपूर होता है। इसमें सभी तरह के पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसलिए इसके सेवन से ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं को काफी लाभ होता है।
  • विशेषज्ञों के मुताबिक, पपीते में लाइकोपीन यौगिक पाया जाता है, जो कैंसर के खतरे को कम कर सकता है। जिन मरीजों का कैंसर का इलाज चल रहा है, उनके लिए पपीते का सेवन फायदेमंद है। इसके अलावा पपीते में एंटीऑक्सीडेंट बीटा-कैरोटीन भी पाया जाता है। बीटा-कैरोटीन से भरपूर आहार का सेवन युवाओं में प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को कम करता है।
  • पपीते के सेवन से हड्डियां मजबूत बनती है। पपीता शरीर में विटामिन सी की कमी को दूर करता है। विटामिन सी की कमी से हड्डी टूटने का खतरा अधिक होता है। पपीते में विटामिन-के और कैल्शियम की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है।
  • डायबिटीज के रोगी को खानपान को लेकर सतर्क रहना पड़ता है। पपीते का सेवन डायबिटीज रोगियों के लिए अच्छा विकल्प है। अध्ययनों के मुताबिक, टाइप-1 मधुमेह रोगियों को उच्च फाइबर वाले आहार का सेवन करना चाहिए।
  • गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसका सेवन डॉक्टर के परामर्श से ही करना चाहिए। पपीते के बीज और जड़ भ्रूण को नुकसान पहुंचा सकते हैं। शोधों के अनुसार, पपीते में लेटेक्स की उच्च मात्रा होती है, जो गर्भाशय के सिकुड़न का कारण बन सकती है।
  • ज्यादा मात्रा में पपीते के सेवन से कैरोटिनेमिया यानी पेलाग्रा नामक बीमारी हो सकती है, जिसमें शरीर के अंगों का रंग पीला पड़ने लगता है।पपीते में मौजूद एंजाइम पपेन से सूजन, चक्कर आना, सिरदर्द, चकत्ते और खुजली जैसी समस्याएं हो सकती है।पपेन से अस्थमा, कंजेशन और जोर-जोर से सांस लेने जैसी श्वसन संबंधी समस्याएं हो सकती है।

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