समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की लम्बे समय से तबियत बिगड़ी हुई है। और देर रात उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें नई दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया। सपा के वरिष्ठ नेता और रामपुर सदर से समाजवादी पार्टी के विधायक 73 वर्षीय आजम खां की तबीयत देर रात अचानक खराब हो गई। सीने में दर्द की शिकायत के साथ ही उनको सांस लेने में दिक्कत और कमजोरी की शिकायत बाद रामपुर से नई दिल्ली लाया गया। आजम खां के साथ पूर्व मंत्री सरफराज खां के बेटे शाहनवाज खां भी हैं। यहां पर डाक्टर्स की टीम उनकी सेहत पर नजर रखे है। आजम को सांस लेने में परेशानी होने के चलते स्वजन ने उन्हें अस्पताल में दाखिल करवाया। उनकी हालत स्थिर है। फिलहाल वह चिकित्सकों की निगरानी में हैं। आजम खां अभी 20 मई को सीतापुर जेल से बाहर आए हैं। उन पर मुहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के लिए जमीन कब्जाने समेत चोरी, डकैती और अन्य धाराओं में 89 मुकदमे विचाराधीन हैं। 27 महीने सीतापुर जेल में रहने के बाद वह रिहा हुए हैं। जेल में रहने के दौरान भी आजम खांं की तबीयत खराब हुई थी। पिछले साल यानी मई 2021 में आजम खां को कोरोना वायरस का संक्रमण हो गया था। साथ ही उनकी हालत ज्यादा खराब हो गई थी। इसके चलते आजम खां को लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मेदांता अस्पताल में इलाज के दौरान ही उनके फेफड़ों में संक्रमण बढ़ गया था। इसके चलते करीब डेढ़ महीने तक आजम खां को अस्पताल में रखा गया था और उनका इलाज चला था। इस दौरान उनकी हालत कई बार गंभीर भी हो गई थी लेकिन, डॉक्टरों ने स्थिति को संभाल लिया था। पूरी तरह से उनकी हालत ठीक होने पर उनको अस्पताल से छुट्टी दी गई थी। जिसके बाद उन्हें फिर से सीतापुर जेल भेज दिया गया था। आजम खां के खिलाफ 89 मामले विचाराधीन हैं। इन सभी मामलों में जमानत मंजूर होने के बाद आजम खां को 20 मई को जेल से रिहा कर दिया गया था। जेल से बाहर होने के बाद वह सीधे रामपुर स्थित अपने आवास पर पहुंचे थे। अभी तीन दिन पहले दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट में जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन से संबंधित एक मामले में सुनवाई के लिए पहुंचे थे। वहां पर भी उनकी तबीयत खराब हुई थी। दिल्ली से लौटने के बाद शनिवार की रात उन्हें फिर से सांस लेने में तकलीफ हुई, जिस पर उन्हें दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

 

कपिल सिब्बल को राज्यसभा का टिकट मिलने के बाद शांत हुए आजम खान।

 

तीन महीने से अधिक समय तक नखरे दिखाने के बाद, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ अपना लहजा कम कर लिया है। आजम को शांत करने के लिए सपा प्रमुख अखिलेश ने कपिल सिब्बल को राज्यसभा का टिकट दिया है। सिब्बल ने आजम के मामले में सुप्रीम कोर्ट में पैरवी की थी और उनकी जमानत सुनिश्चित की थी। पूर्व मंत्री और सपा के संस्थापक सदस्यों में से एक, आजम खान पार्टी प्रमुख अखिलेश से नाराज हैं क्योंकि बाद में उन्हें लगा कि उनकी गिरफ्तारी का मुद्दा ठीक से नहीं उठाया गया था। उन्होंने अपनी ही पार्टी के लोगों पर उन्हें परेशानी में डालने का आरोप लगाकर अपना गुस्सा सार्वजनिक किया है। आज़म इतने नाराज़ थे कि उन्होंने अपनी ही पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल से मिलने से भी इनकार कर दिया, जो इस महीने की शुरुआत में जेल में उनसे मिलने आया था। वहीं आजम की मुलाकात सपा नेता शिवपाल यादव और कांग्रेस नेता प्रमोद कृष्णन से जेल में हुई थी। जमीन हड़पने और चोरी सहित विभिन्न आरोपों में दो साल से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद, आजम को शीर्ष अदालत के आदेश पर दस दिन पहले रिहा किया गया था। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री, आजम खान ने इच्छा व्यक्त की थी कि प्रसिद्ध वकील कपिल सिब्बल को उच्च सदन में भेजा जाए। सपा नेताओं के अनुसार, राज्यसभा के लिए सिब्बल की उम्मीदवारी ने आजम खान को कुछ हद तक शांत किया है, लेकिन अभी भी ऐसे मुद्दे हैं जिन्हें सुलझाए जाने की जरूरत है। बहुत जल्द पार्टी आजमगढ़ और रामपुर संसदीय क्षेत्रों के उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम तय करेगी। जहां पार्टी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सपा प्रमुख अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव आजमगढ़ से उम्मीदवार होंगी, वहीं रामपुर सीट के लिए नाम को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। इस साल मार्च में आजम खान के इस्तीफा देने के बाद रामपुर सीट खाली हो गई है। आजम खान ने हाल ही में हुए चुनाव में रामपुर सदर विधानसभा सीट से जीत हासिल की और संसद छोड़ने का फैसला किया। आजम खान जहां चाहते हैं कि उनके ही परिवार का कोई व्यक्ति रामपुर संसदीय सीट से चुनाव लड़े, वहीं सपा प्रमुख ने किसी और को मैदान में उतारने के संकेत दिए हैं. पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, सपा प्रमुख यूपी विधान परिषद के आगामी चुनावों में आजम के परिवार के सदस्य को बर्थ देने की पेशकश कर सकते हैं। हालांकि अखिलेश से तमाम नाराजगी के बावजूद आजम खान ने साफ कर दिया है कि वह पार्टी में बने रहेंगे और कहा कि वह इसे छोड़ने के बारे में सोच भी नहीं सकते।

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