बॉलीवुड की मशहूर डिस्को संगीतकार लोकप्रिय बनाने वाले संगीतकार और गायक बप्पी लाहिड़ी ने आज 69 साल की उम्र में अंतिम सांस ली।बप्पी लाहिड़ी को आज हम सब बप्पी लहरी के नाम से भी जानते है। हालांकि बप्पी लाहिड़ी को लोग बप्पी दा भी कहते है। मुंबई के क्रिटिकेयर अस्पताल में आज उनका निधन हो गया।बप्पी लाहिड़ी 70-80 के दशक में सभी को उनके गानों पर थिरकने को मजबूर कर दिया था। बप्पी लाहिड़ी बॉलीवुड की कई फिल्मों में ऐसे संगीत दिए और गाने गाए जो सदाबहार बन गए और हमेशा ही लोगों के दिलों में रहेंगे। उन्होंने आज हम सबको अपने शानदार गानों ने रू-ब-रू करवाया है।

 

बॉलीवुड के मशहूर गायक, संगीतकार और डिस्को किंग बप्पी लाहिड़ी आज हमारे बीच नहीं रहे। सूत्रों के मुताबिक गायक और संगीतकार बप्पी लाहिड़ी ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया और बार-बार होने वाले सीने में संक्रमण से पीड़ित थे। स्वास्थ समस्या होने के कारण बप्पी लाहिड़ी 29 दिनों तक जुहू के क्रिटिकेयर अस्पताल में अस्पताल में भर्ती रहे। बाद में वह ठीक भी हो गए थे और 15 फरवरी उन्हें घर जाने के लिए अनुमति दी गई थी। लेकिन घर जाने के बाद फिर उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और फिर से उन्हें अस्पताल लाया गया था। उन्हें कई स्वास्थ्य समस्याएं थीं जिसके कारण उनकी मृत्यु हो गई।

 

बप्पी लाहिड़ी का शुरुआती जीवन और करियर-

बप्पी लाहिड़ी का वास्तविक नाम लोकेश लहरी है। उनका जन्म जलपाईगुड़ी, पश्चिम बंगाल, में एक ब्राह्मण परिवार में 27 नवंबर 1952 को हुआ था।सिराजगंज बांग्लादेश जन्मे बप्पी दा अपने गानों के साथ ही अपने पहनावे के लिए भी जाने जाते थे।बप्पी लाहिड़ी हमेशा सोने के गहनों से पहने रहते थे और उनका यही अंदाज लोगों को काफी लुभाता था। बप्पी लाहिड़ी को बचपन से ही संगीत का बहुत शौक था। इसलिए जब वह कम उम्र के ही थे, तब वह तबला बजाया करते थे। उनकी संगीत के पति लगन और रुझान देखकर उनके पिता ने उन्हें संगीत सीखने को कहा।बप्पी लाहिड़ी के पिता का नाम अपरेश लाहिड़ी था और वह एक बंगाली गायक थे।उनकी मां का नाम बांसुरी लाहिड़ी था जोकि एक संगीतकार थी। बप्पी को संगीत की शिक्षा भी अपने माता-पिता से ही मिली थी। वही उनकी मां का नाम बांसुरी लाहिड़ी था जोकि एक संगीतकार थी। बप्पी को संगीत की शिक्षा भी अपने माता-पिता से ही मिली थी।बप्पी लाहिड़ी की पत्नी का नाम चितरानी लाहिड़ी है। बप्पी लाहिड़ी और चितरानी का विवाह 24 जनवरी 1977 को हुआ था। इस कपल के बच्चों के नाम बप्पा लाहिड़ी और रेमा लाहिड़ी है। वैसे तो उन्होंने काफी गाने गाए लेकिन उन्हें असली पहचान साल 1975 में आई फ‍िल्‍म “जख्‍मी” से मिली थी। बप्पी के साथ इस फ‍िल्‍म में रफी और किशोर कुमार ने भी गाना गया था।इसके बाद ही बप्पी लाहिड़ी संगीत की दुनिया में डूबते और निखरते चले गए और कम उम्र में ही उन्होंने बहुत बड़ा मुकाम हासिल कर लिया। उन्होंने बॉलीवुड के सिनेमा में डिस्को संगीत को बहुत खास और लोकप्रिय बनाया था, ऐसा माना जाता है कि इंडिया में डिस्को की में इसकी शुरुआत इन्होंने ही कि है इसीलिए वह भारत में डिस्को किंग के नाम से भी बहुत मशहूर है।उनके बहुत सारे गाने 80 और 90 के दशक में काफी फेमस हुए ।उनकी प्रसिद्धि सन् 1980 और सन् 1990 के दशक में आयी फिल्मे वारदात, डिस्को डांसर, नमक हलाल, डांस डांस, कमांडो सन् 1988 में आई फिल्म, गैंग लीडर, सैलाब और शराबी जैसी फिल्मी द्वारा बढ़ी।

 

अननोन फैक्ट्स अबाउट बप्पी लाहिड़ी,जो आपको हैरान कर देगे-

  • बप्पी लाहिड़ी का वास्तविक नाम अलोकेश लाहिड़ी है, हालांकि लोग उन्हें बप्पी दा और डिस्को किंग के नाम से भी जानते है।
  • मात्र 3 साल की छोटी उम्र में ही बप्पी लाहिड़ी ने तबला बजाना शुरू कर दिया था। उनका म्यूजिक के लिए लगन और रुझान देखकर उनके पिता ने उन्हें सपोर्ट किया। छोटी सी उम्र में गीत-संगीत की दुनिया में उतरने वाले बप्पी लाहिड़ी जब 14 साल के हुए तो उन्होंने अपना फर्स्ट म्यूजिक दिया था।
  • बप्पी दा अपने गानों के साथ ही अपने पहनावे के लिए भी मशहूर थे। बप्पी लाहिड़ी हमेशा सोने के गहनों पहनते थे और उनका यही अंदाज लोगों को काफी लुभाता था।
  • बप्पी लाहिड़ी की पत्नी का नाम चितरानी लाहिड़ी है। बप्पी लाहिड़ी और चितरानी का विवाह 24 जनवरी 1977 को हुआ था।
  • सन् 1973 में बप्पी लाहिड़ी ने फिल्म “नन्‍हा शिकारी” में संगीत दिया था और यही से उनके फ़िल्मी संगीत का सफर शुरू हुआ, जिसने कभी थमने का नाम नहीं लिया। इस फिल्म से पहले बप्पी लाहिड़ी एक बंगाली फिल्म में भी गाना गा चुके थे।
  • बप्पी लाहिड़ी के मामा किशोर कुमार थे और उन्होंने ही बप्पी को म्यूजिक की दुनिया में अपना हाथ अजमाने की सलाह दी थी। 19 साल की उम्र में ही बप्पी लाहिड़ी ने कोलकाता से मुंबई तक का सफर तय किया था। बप्पी लाहिड़ी को भारत का डिस्को किंग भी कहा जाता है।
  • उनकी बेटी रेमा लाहिरी एक बेहतरीन गायिका है और बेटे बप्पा लाहिड़ी को अपने पिता की संगीत की गहरी समझ विरासत में मिली है।
  • उन्हें असली पहचान साल 1975 में आई फ‍िल्‍म “जख्‍मी” से मिली थी। बप्पी के साथ इस फ‍िल्‍म में रफी और किशोर कुमार ने भी गाना गया था।
  • साल 1996 में बप्पी लाहिड़ी भारत में जैक्सन के पहले लाइव शो में विश्व प्रसिद्ध गायक माइकल जैक्सन से मिले थे और सन् 2002 में, अमेरिकी आर एंड बी गायक,ट्रुथ हर्ट्स की कुछ पंक्तियों का इस्तेमाल किया, बप्पी का गाना ‘थोडा रेशम लगता है।
  • बॉलीवुड में उनके कई डिस्को गाने काफी प्रसिद्ध हुए है और फिल्म डर्टी पिक्चर का गाना ऊह लाला बॉलीवुड के जाने माने गानो में से एक है।
  • मशहूर गीतकार और संगीतकार बप्पी लाहिड़ी की टोटल नेट वर्थ 22 करोड़ रुपए है। उन्होंने अपने गीतों से काफी अच्छा पैसा कमाते थे। इसके अलावा वे कई शोज में भी नजर आते थे जहां से उन्हें अच्छी कमाई होती थी।
  • साल2018 में, उन्हें फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट 63 वें फिल्मफेयर अवार्ड्स में पुरस्कार से सम्मानित किया गया था और फिल्मफेयर में अवार्ड प्राप्त करते बप्पी लाहिड़ी वह एक सोने का प्रेमी है और धूप का चश्मा पहनना पसंद करता है।
  • बप्पी लाहिड़ी के पास एक साल में 33 फिल्में करने का गिनीज बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड है और उन्हें संगीत उद्योग में उनके योगदान के लिए कई पुरस्कार भी मिले है।
  • बप्पी लाहिड़ी ने 2014 के आम चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार के रूप में पश्चिम बंगाल के श्रीरामपुर से चुनाव लड़ा, लेकिन ये उसमे सफल नहीं रहे और हार गए थे।

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