10 फरवरी से विधानसभा चुनाव होने है और उत्तर प्रदेश की राजनीति में गरमा गहमी का माहौल है। इसी बीच एक बड़ी खबर सुनने को मिली कि भारतीय जनता पार्टी के कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिले है, और कर सकते है सपा ज्वाइन। हालांकि खबर ऐसी भी है की वो सपा ज्वाइन कर चुके है, लेकिन अभी उनकी तरफ से ये साफ नही किया गया है की वो समाजवादी पार्टी का दामन धाम रहे है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपना इस्तीफा राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को भेज दिया है जिसमे उन्होंने लिखा है कि, माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के मंत्रिमंडल में श्रम, सेवायोजन एवं समन्वय मंत्री के रूप में विपरीत परिस्थितियों विचारधारा में रह कर भी बहुत मनोयोग के साथ उत्तरदायित्व का निर्वहन किया हूं किंतु दलितों, पिछड़ों, किसानों, बेरोजगारों, नौजवानों, एवं छोटे लघु एवं मध्यम श्रेणी के व्यापारियों की घोर उपेक्षयात्मक रवैए के कारण उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल से इस्तीफा देता हूं।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिले स्वामी प्रसाद मौर्य।

 

इस्तीफा देने के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य अखिलेश यादव से मिले और अखिलेश यादव उनके साथ ट्विटर पर एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा। सामाजिक न्याय और समता-समानता की लड़ाई लड़ने वाले लोकप्रिय नेता श्री स्वामी प्रसाद मौर्या जी एवं उनके साथ आने वाले अन्य सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का सपा में ससम्मान हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है।

 

इस्तीफा देने के बाद क्या कहा स्वामी प्रसाद ने?

 

कैबिनेट पद से इस्तीफा देने के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि, मुझे प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी, गृहमंत्री, अमित शाह, और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जी से, किसी से कोई शिकायत नहीं है। क्योंकि मैं मुद्दे और नीतियों को लेकर राजनीति करता हूं। और शायद मुझे यहा रह कर ये सब नही मिल पा रहा था हालांकि मुझे अपने से बड़े नेताओं का प्यार सम्मान और सानिध्य जरूर मिला है। मीडिया से बातचीत के दौरान मौर्य ने कहा कि योगी सरकार में दलित, पिछड़े, अति पिछड़े, किसान, मजदूर और बेरोजगारों से जो व्यवहार हुआ है। उस पर मैंने पार्टी के मंचों पर सवाल उठाए और अब मंत्री इस्तीफा दे दिया है।

 

अखिलेश और कार्यकर्ताओं से बातचीत के बाद लेंगे फैसला।

 

स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि पार्टी में शामिल होने पर अभी मेरी सीधे बात अखिलेश यादव से हो रही और मैं अभी अपने कार्यकर्ताओं समर्थकों से बात करूंगा उसके बाद एक दो दिन में मीडिया के समक्ष अपनी बात रखूंगा। और उन्होंने कहा कि अभी आगे की धार और आगे की वार देखते रहिए। मौर्य के इस्तीफा देने के बाद कई भाजपा विधायक उनके आवास पर मौजूद थे। मौर्य के साथ ही तिंदवारी से विधायक बृजेश प्रजापति, बिल्हौर से विधायक भगवती सागर और तिलहर से विधायक रोशन लाल वर्मा ने इस्तीफा दे दिया है।

 

शायद टिकट कटने की थी गुंजाइश।

 

कुछ लोगो का ये भी कहना है कि शायद इस बार बीजेपी इनका टिकट काट सकती थी इस वजह से इन्होंने ये फैसला लिया लेकिन, स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे उत्कृष्ट मौर्य रायबरेली की ऊंचाहार सीट से पिछले बार भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे, हालांकि बहुत कम अंतर से वह चुनाव हार गए थे लेकिन कहा यह जा रहा है कि बीजेपी से वह सीट जीतना बेहद मुश्किल है। ऐसे में स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे को अगर यह सीट जीतनी है तो समाजवादी पार्टी ही वह जीत सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी एक बार फिर स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे को ऊंचाहार सीट से टिकट देने को तैयार है लेकिन स्वामी प्रसाद मौर्य को लगता है कि इस सीट के समाजवादी पार्टी ही मुफीद है।

 

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने क्या कहा?

 

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि आदरणीय स्वामी प्रसाद मौर्य जी ने किन कारणों से इस्तीफा दिया मैं नहीं जानता हूं लेकिन उनसे अपील है कि बैठकर बात करे जल्दबाजी में लिए हुए फैसले अक्सर गलत साबित होते है। वही बीजेपी के मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने अपने ट्विटर पर स्वामी प्रसाद मौर्य को ट्वीट करते हुए कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य जी का सपा ज्वाइन करना विनाशकाले विपरीत बुद्धि जैसा है, अखिलेश यादव की डूबती नाव की सवारी स्वामी प्रसाद मौर्य जी के लिए राजनैतिक आत्महत्या जैसा आत्मघाती निर्णय साबित होगा। भाजपा राष्ट्र को सर्वोपरि मानने वाली विचारधारा का नाम है।

 

सोशल मीडिया पर स्वामी प्रसाद मौर्य जी को लोगो ने बताया मौसम वैज्ञानिक।

 

स्वामी प्रसाद मौर्य के ऊपर तंज कसते हुए लोगो ने सोशल मीडिया पर काफी कुछ लिख रहे है। लोग कह रहे है कि स्वामी प्रसाद मौर्य मौसम वैज्ञानिक की तरह है अपने फायदे और मतलब के लिए वो कब पलट जाए कुछ कहा नहीं जा सकता है क्योंकि इसी तरह से उन्होंने बसपा के साथ भी किया था।

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