जैसा की सबको पता है कि विवेक रंजन अग्निहोत्री की फिल्म “द कश्मीर फाइल्स” कामयाबी की झंडे गाड़ रही है। दिन प्रतिदिन लोग इस फिल्म में इंटरेस्ट दिखा रहे है, यहां तक की मध्यप्रदेश में इस फिल्म को देखने के लिए पुलिस वालो को अवकास दिया गया है। ज्यादातर बीजेपी शासित प्रदेश में इस फिल्म को टैक्स फ्री कर दिया गया है। कश्मीर में कश्मीरी हिंदुओं के साथ हुए नरसंहार की वास्तविकता और लाखों नागरिकों की अथाह पीड़ा बताने वाली फिल्म “द कश्मीर फाइल्स” को हरियाणा, गुजरात, मध्यप्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों ने टैक्स फ्री किया है। राजस्थान सहित बाकी कांग्रेस शासित राज्यो में भी बड़ी संख्या में नागरिक इस फिल्म को टैक्स फ्री करने की मांग कर रहे है। इस फिल्म को देखने की सिफारिश खुद उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने किया है, यहां तक की इस फिल्म का प्रचार खुद लोग कर रहे है तभी तो कम स्क्रीन मिलने के बाद भी ये फिल्म धमाकेदार कमाई कर रही है। बाहुबली फिल्म से अपनी पहचान बनाने वाले प्रभास की फिल्म राधे श्याम भी कश्मीर फाइल से पीछे होती जा रही है जबकि राधे श्याम ढेर सारे स्क्रीन पे रिलीज हुई थी। कश्मीर फाइल के रिलीज हुए मात्र 4 दिन ही हुए है लेकिन फिल्म ने कामयाबी के झंडे गाड़ दिए हैं। राधे श्याम और द कश्मीर फाइल के बजट की बात की जाए तो कश्मीर फाइल दूसरे ही दिन सुपरहिट का तमगा पा चुकी है क्योंकि फिल्म की लागत 2 ही दिन में निकल चुकी है। अगर हम बात करें “द कश्मीर फाइल्स” की, विवेक रंजन अग्निहोत्री की इस फिल्म ने पहले दिन जोरदार प्रदर्शन करते हुए उम्मीद से अधिक 3.35 करोड़ का कलेक्शन कर डाला था। हालांकि तब तक यह फिल्म केवल 700 स्क्रीन्स पर ही रिलीज की गई थी लेकिन दर्शकों की डिमांड के चलते इसकी स्क्रीन बढ़ाकर 2000 कर दी गई। सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह है कि इस फिल्म का बजट मात्र 14 करोड़ है। दूसरे दिन फिल्म ने 8.25 करोड़ और तीसरे दिन रिकॉर्डतोड़ 14 करोड़ का कलेक्शन किया है।अब आप अंदाजा लगा सकते है की फिल्म किस तरह कामयाबी के झंडे बुलंद कर रही है। यहीं नहीं बल्कि फिल्म ने तीन दिन में ही 25.5 करोड़ का कलेक्शन कर डाला है। अगर फिल्म की कमाई इसी तरह रही तो जल्द ही ये 100 करोड़ के क्लब में आ जाएगी। विवेक रंजन अग्निहोत्री की इस फिल्म की कहानी में बहुत दम है। फिल्म में 90 को दशक में कश्मीरी पंडितों को घर से बेघर करने की कहानी को दर्शाया गया है।

 

शिकारा से बिल्कुल अलग है द कश्मीर फाइल्स

 

”द कश्मीर फाइल्स” पटकथा और कहानी बुनने की कला को नई ऊंचाई देती हुई फिल्म है। इसके पहले भी कश्मीर पे कई फिल्में बनाई जा चुकी है लेकिन वो सिर्फ मनोरंज के लिए ही थी,सच्चाई से उन फिल्मों का दूर-दूर तक नाता नहीं रहा। ऐसे ही विधु विनोद चोपड़ा की ‘शिकारा’ आई थी जो पूरी तरह से फ्लॉप साबित हुई थी। इस फिल्म का कहानी का केंद्र ‘डॉक्टर शिव कुमार धर’ जिसे मेडिकल स्टूडेंट शांति सप्रू से प्रेम हो जाता है और दिलचस्प है कि विवेक अग्निहोत्री की फाइल्स में मासूम बालक शिवा को निर्ममता से गोली मार दी जाती है। उसका नाम मरने वाली की सूची में दर्ज होता है। जबकि विधु की कहानी का शिवा कविताएं लिख रहा होता है। भाई-चारे का संदेश देने लगता है। मानो घाटी में ऐसा कुछ हुआ ही नहीं, शायद विवेक जबरन गोली मार दिए हो। अब आप अंदाजा लगा सकते हैं कि “द कश्मीर फाइल्स” लोगो को क्यों भा रही है। विवेक रंजन अग्निहोत्री की कहानी का दूसरा पहलू यानी महत्वपूर्ण सूत्र राधिका मेनन कृष्णा पंडित को समझाती है। कि हमें कहानी में विलन की आवश्यकता पड़ती है और तुम्हारी कहानी का खलनायक है भारत सरकार।बिल्कुल इसी नोट पर विधु विनोद चोपड़ा अपनी अनटोल्ड कहानी ऑफ कश्मीरी पंडित कह गए। भारत सरकार को ज़िम्मेदार ठहरा गए। उनका मुख्य किरदार अमेरिका के राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखकर कहता है। कि हम हमारे देश में शरणार्थियों की तरह जी रहे है। हमारी समस्याएं हल करें। हाई लेवल की प्रोपेगैंडा चरस बोई गई। विधु यही न रुके, घाटी में एके-47 क्यों लहराती है। उसका भी मजबूत किस्सा यानी नैरेटिव देने की कोशिश की है। कि लोन अच्छा रणजी एथलीट था। लेकिन पुल्स व सेना ने उसके बाप को मार दिया। उसके बाद उसने बंदूक उठा ली। बिल्कुल मिशन कश्मीर के नायक की तरह,जबकि विवेक अग्निहोत्री की कहानी के मजबूत सूत्रधार आईएएस ब्रह्म दत्त पूछते है तो कश्मीरी हिंदुओं ने बंदूक क्यों नहीं उठाई।

 

350 करोड़ वाली फिल्म को टक्कर दे रही कश्मीर फाइल्स

 

वही अगर बात करें प्रभास और पूजा हेगड़े की फिल्म राधे श्याम की तो इस फिल्म ने साउथ में तो धूम मचाते हुए पहले दिन 35 करोड़ की रिकॉर्डतोड़ कमाई की लेकिन राधे श्याम के हिंदी वर्जन ने पहले दिन 4.50 करोड़ का कलेक्शन किया। दूसरे दिन फिल्म ने 4.50 करोड़ के लिए रेंगती नजर आई। पूरे भारत में ‘राधे श्याम’ के कलेक्शन की बात करें तो फिल्म ने दूसरे दिन 24 से 27 करोड़ रुपये की कमाई की,लेकिन ये भी है की इस फिल्म के लागत द कश्मीर फाइल्स से ज्यादा है,इसकी कुल लागत 350 करोड़ रुपए है। अब आप अंदाजा लगा सकते है की एक 14 करोड़ की फिल्म कैसे 350 करोड़ वाली फिल्म को भेद रही है। आने वाले समय में इस फिल्म को ढेर सारे स्क्रीन मिल सकते हैं क्योंकि लोग इस फिल्म को सिर्फ फिल्म जान कर देखने नही जा रहे है बल्कि कश्मीर के उस सच्चाई को जानने जा रहे है जो उनसे 30 सालो तक छुपा कर रखा गया था।

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