दुनिया का सबसे महंगे टूर्नामेंट में बृहस्पति वार यानी कल वो सब देखने को मिला जिसकी आसा किसी ने कभी नही की होगी। पहले बिजली के वजह से टॉस में देरी होना और फिर बाद में प्लेयर का डीआरएस न ले पाना। मुंबई ने यह मैच पांच विकेट से जीत लिया और चेन्नई सुपर किंग्स को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। चेन्नई-मुंबई का ये मैच भले ही लो-स्कोर रहा लेकिन इस मैच में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिले। शायद अगर कनवे एलबीडब्ल्यू आउट नही हुए रहते तो चेन्नई मैच नही हारती। कनवे के पास डीआरएस तो था लेकिन बिजली नही थी। ये भारतीय क्रिकेट बोर्ड के लिए बहुत शर्मनाक बात है की उनके एक गलती के वजह से एक टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई। टॉस के वक्त भी मालूम पड़ा कि वानखेड़े मैदान की बत्ती गुल है, ऐसे में यहां सिर्फ एक फ्लड लाइट चल रही थी। जिसकी वजह से टॉस में भी कुछ मिनट की देरी हुई। ये कितनी शर्मनाक बात है कि जिस स्टेडियम में 2011 का विश्व कप का फाइनल खेला गया था उस स्टेडियम की ये स्थिति थी।

 

चेन्नई सुपर किंग्स की पारी

 

टॉस हार कर पहले बल्लेबाजी करने उतरी चेन्नई की किस्मत बहुत खराब रही। पहले ओवर की दूसरी ही गेंद पर कनवे को एलबीडब्ल्यू आउट दे दिया गया जब की वो बॉल स्टंप को मिस कर रही थी। लेकिन चेन्नई डीआरएस का इस्तेमाल इस लिए नही कर पाई क्योंकि उसके पास डीआरएस तो थे लेकिन बत्ती गुल थी, इसी वजह से थर्ड अंपायर देख नही पाया। और कनवे को आउट करार दिया गया। इस तरह से चेन्नई सुपर किंग्स को लगने वाला सबसे बड़ा झटका था क्योंकि कनवे जब से इस सीजन में खेल रहे तब से क्या परफॉमेंस दिया है। उन्ही के वजह से टीम जीत भी रही थी। उसी ओवर के चौथी गेंद पर मोइन अली भी चलते बने। मतलब मुंबई ने अपने पहले ही ओवर में 2 महत्वपूर्ण विकेट ले लिए और ये कारनामा डेनियल सैम ने किया। अब चेन्नई की टीम पूरी तरह से बैकफुट पर आ चुकी थी क्योंकि उसके दो विकेट 1 रन पर ही गिर चुके थे। लेकिन दूसरा ओवर लेकर आय बुमराह भी कहा पीछे हटने वाले थे उन्होंने अपनी चौथी गेंद पर रॉबिन उथप्पा को एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया। इस तरह से अब चेन्नई सुपर किंग 5 रन के स्कोर पर 3 विकेट थे और क्रीज पर थे अंबाती रायडू और ऋतुराज गायकवाड लेकिन ये दोनो से भी पारी नही संभल पाई और ऋतुराज गायकवाड भी चौथे ओवर की पहली गेंद पर चलते बने। चेन्नई सुपर किंग्स की स्थिति ओवर दर ओवर खराब ही होती चली जा रही थी। एक खिलाड़ी आ रहा था तो दूसरा जा रहा था। 29 रन पर चेन्नई ने अपना 5वा विकेट भी दे दिया और अंबाती रायडू 14 गेंदों पर 10 रन बनाकर वापस पवेलियन चले गए। धोनी और दुबे ने पारी को संभालने की कोशिश की लेकिन दुबे भी ज्यादा देर तक टिक कर नही खेल पाय और 9 गेंदों में 10 रन बनाकर आउट हो गए। चेन्नई की टीम तास की पत्तो की तरह बिखर रही थी लेकिन चेन्नई के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी एक छोर पर अंत तक टिके रहे और उन्ही के वजह से चेन्नई सुपर किंग्स 97 तक पहुंच पाई। उधर मुंबई के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। डेनियल सैम्स ने अपने कोटे के 4 ओवर से 16 रन खर्च करके 3 महत्वपूर्ण विकेट निकाले। वही जसप्रीत बुमराह ने अपने 3 ओवर में एक मेडन कराकर 12 रन खर्च किये और 1 सफलता उनके हाथ लगी। रिले मेरेडिथ ने भी शानदार गेंदबाजी की और उन्होंने 3 ओवर में 27 रन देकर 2 विकेट झटके। कुमार कार्तिकेय ने 3 ओवर करा कर 22 रन खर्च किये और 2 विकेट अपने नाम किया।

 

मुंबई इंडियंस की पारी

 

इस सीजन मुंबई इंडियंस की बैटिंग एकदम से लच्चर रही है। बैटरो से रन बिल्कुल नही बन पा रहे। वही इस मैच में भी हुआ। 98 रन का लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की टीम इस मैच में भी फसी हुई नजर आई। एक समय ऐसा भी आया जब मुंबई के जल्दी जल्दी 4 विकेट निकल गए। टीम के तरफ से ओपनिंग करने उतरे ईशान किशन और कप्तान रोहित शर्मा ने टीम को खराब शुरुआत दी। मुंबई ने पहले ही ओवर के आखरी बाल पर ईशान किशन का विकेट गवा दिया। उसके बाद बल्लेबाजों ने संभल कर खेलने का प्रयास किया लेकिन तीसरे ओवर के रोहित शर्मा भी 14 गेंदों में 18 रन बनाकर कर चलते बने। उसके बाद मुंबई के दो विकेट जल्दी जल्दी गिरे और टीम एक समय पर 33 रन पर 4 विकेट खो चुकी थी। अब समय था मुंबई के बल्लेबाज़ों को टिक कर खेलने का और ये जिम्मेदारी तिलक वर्मा और ऋतिक शौकीन ने संभाली और दोनो ने अच्छी साझेदारी की और टीम को जीत दिलाया। चेन्नई सुपर किंग्स ने इस लो स्कोरिंग मैच में भी कसी हुई गेंदबाजी की। मुकेश चौधरी ने 4 ओवर में 23 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट निकाले। वही सिमरजीत सिंह ने भी अपने 4 ओवर में 22 रन देकर 1 विकेट निकाले।

 

बीसीसीआई पर भड़के वीरेंद्र सहवाग

 

मुंबई इंडियंस के साथ करो या मरो मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स हार गई और इस हार का कारण डीआरएस को माना जा रहा है। आपको बता दे की मैच जब शुरू हुआ तब पूरा सिस्टम बंद था क्योंकि बिजली नही थी। और पहले ही ओवर में डीआरएस लेने की आवश्कता पड़ी चेन्नई को और वो ले नही पाई क्योंकि बिजली नही थी। और जब बाद में देखा गया तो कनवे आउट नही थे। इसको लेकर वीरेंद्र सहवाग भड़क गए है। सहवाग ने बीसीसीआई को लताड़ लगाते हुए जनरेटर न इस्तेमाल करने को लेकर अपना गुस्सा जाहिर किया। वीरेंद्र सहवाग ने ‘क्रिकबज’ से बातचीत में कहा कि, ‘अगर बिजली कट जाती है तो क्या होगा? क्या जनरेटर केवल स्टेडियम की रोशनी के लिए है न कि ब्रॉडकास्टर्स और उनके सिस्टम के लिए? अगर मैच हो रहा था तो डीआरएस का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए था। या डीआरएस का इस्तेमाल पूरे मैच में नहीं किया जाना चाहिए था। अगर मुंबई पहले बल्लेबाजी कर रही होती तो उन्हें नुकसान होता।’

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