आईपीएल 2022 में होगी चेन्नई की नई टीम और नय कप्तान, जानिये टीम की मजबूती और कमजोरी
साल 2020 खराब होने के बाद 2021 में कप जीतने वाली चेन्नई सुपर किंग इस बार फिर से कप जीतने के इरादे से उतरेगी। लेकिन वो टीम थोड़ी बहुत बदल चुकी है जिसने 2021 में माही को कप दिलाया था। चेन्नई सुपर किंग ने धोनी की कप्तानी में 2021 में चौथी बार कप अपने नाम किया। और उसका कारण था पूरी टीम को मिल कर अपना 100 प्रतिशत योगदान देना। आप अंदाजा लगा सकते है की जो टीम 2020 में आखरी पायदान पे रही थी वो 2021 में कप जीत जाती है। इसमें धोनी की चतुराई और पूरी टीम की मेहनत थी जो पिछले साल के खराब प्रदर्शन के बाद सबको चौकाने वाला वापसी किया टीम ने। चेन्नई सुपर किंग में लगभग खिलाड़ियों की उम्र 30 से उपर है और उसका कारण ये भी है की टीम मैनेजमेंट ने अनुभव को ज्यादा वरीयता दिया है। इसी वजह से ये टीम कई बार डैड्स आर्मी का टैग भी सोशल मीडिया पर झेल चुकी है। लेकिन इस टीम के सभी खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन के दम पर सबको चौकाया है और बताया है की वो कितने अनुभवी है। एक बार फिर चेन्नई सुपर किंग की जिम्मेदारी उनके पुराने और सबसे सफल कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को थमाई गई थी लेकिन उन्होंने इस बार इस जिम्मेदारी को रविन्द्र जडेजा को सौप दिया।। चेन्नई में धोनी को लेकर लोगो में एक अलग ही जगह बन चुका है,धोनी अगर अभ्यास करने भी जाते है तो उनके प्रशंसक उनके पीछे जाते है। तभी तो धोनी को लोग थाला कहते है। अब एक बार फिर पूरी टीम इकट्ठा होने के बाद धोनी अपने काम में जुट गए है।कैप्टन भले ही चेन्नई का कोई और हो पर धोनी ही उस टीम के सबकुछ है और उन्होंने पहले ही मैच में दिखा भी दिया। धोनी को पता होता है की किस खिलाड़ी को कहा इस्तेमाल करना है और ये उनकी सबसे बड़ी मजबूती है। पिछले साल धोनी ने मोइन अली का जिस तरह से इस्तेमाल किया था वो काबिले तारीफ था। एक जीत का सूत्रधार भी वही बना था।
चेन्नई ने अपने कोटे के 25 खिलाड़ियों को चुना
जैसा की नीलामी के पहले हर टीम अपने चार खिलाड़ियों को रिटेन करती है तो चेन्नई ने भी अपने 4 सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों पर विश्वास जताया जिसमे विकेटकीपर/बैटर महेंद्र सिंह धोनी, कैप्टन रवींद्र जडेजा, ओपनर रुतुराज गायकवाड़ और ऑलराउंडर मोईन अली भी शामिल हैं। इन खिलाड़ियों ने 2021 में अपने टीम के लिए बहुत योगदान दिया और अपने टीम को विजेता बनाया। शायद यही वजह रहा की टीम मैनेजमेंट ने इन खिलाड़ियों को फिर से रिटेन किया और दुबारा मौका दिया। सी.एस.के ने सबसे ज्यादा रवींद्र जडेजा को 16 करोड़ रुपये में, महेंद्र सिंह धोनी को 12 करोड़ रुपये में, रुतुराज गायकवाड़ को 6 करोड़ और इंग्लैंड के ऑलराउंडर 8 करोड़ रुपये में रिटेन किया था। तो वही टीम के पास 48 करोड़ रुपये थे। जिसमे 14 करोड़ रूपये टीम ने दीपक चाहर को खरीदने में लगा दिया। और उसी के साथ चाहर सबसे महंगे भारतीय गेंदबाज बन गए। चाहर के अलावा चेन्नई ने अंबाती रायुडू, ड्वेन ब्रावो और रॉबिन उथप्पा को टीम में शामिल किया। ये चारों खिलाड़ी पिछले साल खिताब जीतने वाली टीम में भी थे। इनके अलावा के.एम आसिफ और तुषार देशपांडे को टीम ने खरीदा।
चेन्नई सुपर किंग की ये है मजबूती
चेन्नई सुपर किंग की सबसे मजबूती धोनी खुद है क्योंकि सबको पता है की टीम इंडिया के कप्तान रहते धोनी ने कितनी कामयाबी हासिल किया है। चेन्नई के पास ऑलराउंडर बाकी टीमों के हिसाब से ज्यादा अनुभवी है। जडेजा के पास चाहर जैसे तेज तरार बॉलर भी है जो समय के हिसाब से विकेट लाकर देते है। इस बार टीम के साथ शिवम दुबे भी जुड़े है जो चेन्नई के लिए बहुत फायदा पहुंचा सकते है क्योंकि पिछले साल राजस्थान के लिए उन्होंने अच्छा खेला था तो चेन्नई के लिए ये तुरुप का इक्का साबित हो सकते है। अंबाती रायडू इस टीम के बैकबोन माने जाते है और उनपे लगभग चेन्नई की बैटिंग डिपेंड है। चेन्नई अगर किसी चीज में सबसे आगे है तो वो है उसकी फील्डिंग,चेन्नई में रविन्द्र जडेजा और ब्रावो जैसे फिल्डर है जो अपनी फील्डिंग के दम पर मैच पलटने का माद्दा रखते है। सुपर किंग के पास उसका सुपर फिनिशर है जो आखरी बाल पर चेन्नई को जीत दिलाता है,जी हां महेंद्र सिंह धोनी जो हमेसा चेन्नई को मैच फिनिश कर के देते है। अगर आखरी ओवर में चेन्नई को 20 रन भी चाहिए होता है तो प्रेशर चेन्नई पर नही बल्कि दूसरी टीम के बॉलर पे होती है क्योंकि सामने धोनी होते है। चेन्नई सुपर किंग के पास ब्रावो जैसा एक अनुभवी ऑलराउंडर है जो जरूरत पड़ने पर रन बना कर भी देता है और जरूरत पड़ने पर अपने कैप्टन को विकेट चटका कर देता है।
चेन्नई सुपर किंग की ये रही है कमजोरी
चेन्नई की टीम को 2021 में बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा था। और पूरी टीम की कमजोरी सबके सामने आ गई थी,देखा जाए तो चेन्नई की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी बैटिंग है जो किसी-किसी मैच में एकदम से विफल हो जाती है। अगर टीम के ओपनर अच्छा नहीं करते है तो पूरी टीम प्रेशर में आ जाती है। तो वही एक कमजोरी जो इस साल सबसे ज्यादा दिखेगी वो है सुरेश रैना का न होना,आप को बता दे की सुरेश रैना को इस साल किसी टीम ने नही खरीदा। रैना ने चेन्नई के लिए कई लंबी परियां खेल कर के टीम को मैच जिताया है,उनको आईपीएल का मिस्टर आईपीएल भी बोला जाता है। रैना इस बार चेन्नई से नही खेलेंगे जो चेन्नई के लिए चिंता का विषय बना हुआ है की उनकी जगह कौन लेगा। तो वही मोइन अली का वीजा प्रोब्लम है जिसके वजह से वो अभी तक टीम से नही जुड़ पाए है। चेन्नई ही मात्र एक ऐसी टीम है जिसकी कमियां भी होती है तो टीम उसपे काम करती है और उस कमी को जल्दी सुधार लेती है। धोनी की कैप्टैंसी छोड़ने के बाद हो सकता है की टीम को कैप्टन की कमी खली लेकिन धोनी के सबसे करीबी रहे जडेजा को ही कप्तानी सौंपी गई है।
चेन्नई की पूरी टीम
दीपक चाहर(14 करोड़) अंबाती रायुडू(6.75 करोड़), ड्वेन ब्रावो(4.4 करोड़) और रॉबिन उथप्पा(2 करोड़),केएम आसिफ( 20 लाख), तुषार देशपांडे( 20 लाख), शिवम दुबे( 4 करोड़), महीष तीक्षणा( 70 लाख), राजवर्धन हंगरगेकर(1.5 करोड़), सिमरजीत सिंह( 20 लाख), डेवेन कॉन्वे (1 करोड़), मिचेल सेंटनर(1.9 करोड़), ड्वेन प्रीटोरियस( 50 लाख), एडम मिल्ने(1.9 करोड़), सुभ्रांश सेनापति(20 लाख), मुकेश चौधरी( 20 लाख), प्रशांत सोलंकी( 1.2 करोड़), सी हरि निशांत(20लाख) ,एन जगदीशन( 20 लाख), के भगत वर्मा(20 लाख)

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