जब भी भारतीय क्रिकेट टीम की बात होती है तो चेतेश्वर पुजारा का नाम जरूर आता है क्योंकि राहुल द्रविड़ के सन्यास के बाद पुजारा ही एकमात्र ऐसे बल्लेबाज है जिनके अंदर द्रविड़ जैसा धैर्य दिखता है। लेकिन अभी हाल में ही भारतीय टीम ने कई टेस्ट खेले जिसमे पुजारा का बल्ला शांत रहा था और कई बार तो उनको टीम से निकालने की भी बाते होने लगी थी। लेकिन वही पुजारा अब शतक पे शतक लगा रहे है और पूरी दुनिया देख रही है। भारत के सबसे अनुभवी टेस्ट बल्लेबाज और भारतीय टीम के नय वाल चेतेश्वर पुजारा ने इंग्लिश (इंग्लैंड) काउंटी चैम्पिनयनशिप में ससेक्स का प्रतिनिधित्व करते हुए लगातार चौथे मैच में चौथा शतक जड़ा। चेतेश्वर पुजारा मिडलसेक्‍स के खिलाफ जारी चार दिवसीय मैच में तीसरे दिन का खेल खत्‍म होने तक 149 गेंदों का सामना करते हुए 125 रन बनाकर अभी भी टिके हुए है। पुजारा ने अपनी पारी में 16 चौके और दो छक्‍के लगाए है। अक्सर पुजारा को कम ही देखा जाता है छक्का लगाते हुए। अब पुजारा के फैंस ये उम्मीद लगाए बैठे है कि वो पिछले दो दोहरे शतक की तर्ज पर आज चौथे और आखिरी दिन के खेल के दौरान अपने 200 रन पूरे करे और भारतीय चयन समिति को करारा जवाब दे जो उन्हें टीम में मौका नही दिए थे।

 

पाकिस्तानी गेंदबाज शाहीन अफरीदी को चेतेश्वर ने जम कर तोड़ा

 

2021 वर्ल्ड कप में भारतीय बैटर अगर किसी गेंदबाज से सबसे ज्यादा परेशान हुए थे तो वो थे पाकिस्तान के तेज गेंदबाज शाहीन अफरीदी। अफरीदी ने विराट कोहली,रोहित शर्मा और केएल राहुल जैसे बल्लेबाजों को आउट किया था लेकिन यहां इंग्लिश काउंटी क्रिकेट में शाहीन अफरीदी की जम की धुनाई हो रही है। पुजारा शाहीन अफरीदी के गेंद पर क्या शानदार अपर कट से छक्के मारे। आपको बता दे की पाकिस्‍तान का यह गेंदबाज इंग्लिश काउंटी क्रिकेट में मिडलसेक्‍स का हिस्‍सा है।

 

 

इस से पहले पुजारा के पिता का आ चुका है बयान

 

चेतेश्वर पुजारा के पिता और कोच अरविंद पुजारा का अपने बेटे को लेकर बयान आया है। पुजारा के पिता का मानना है कि यह भारतीय टेस्ट विशेषज्ञ बल्लेबाज नियमित मैच अभ्यास मिल पाने के कारण मौजूदा काउंटी चैंपियनशिप में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। उनके पिता ने कहा कि चेतेश्वर इससे पहले कोविड-19 से जुड़ी पाबंदियों के कारण लगातार मैच अभ्यास नहीं कर पा रहा था। जो उनके फॉर्म के लिए अच्छा नही था। भारत के लिए अभी तक 95 टेस्ट खेलने वाले अनुभवी चेतेश्वर को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उसकी सरजमीं पर टेस्ट सीरीज गंवाने के बाद भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया था। और ये पहली बार भी था जब पुजारा को उनके फॉर्म को लेकर बाहर किया गया था। चेतेश्वर पूजा का फॉर्म निरंतर गिरता जा रहा था जिसका कारण रहा की उनको श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। राहुल द्रविड़ के जाने के बाद अगर सबसे ज्यादा किसी पे भरोसा रहता है तो वो पुजारा ही है। लेकिन उनका फॉर्म उनका साथ नही दे रहा था जिसके वजह से वो टीम से बाहर भी हुए। लेकिन अब ससेक्स के लिए मौजूदा सत्र में तीन मैच में दो दोहरे शतक और एक शतक के साथ पुजारा ने जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट के लिए भारतीय टीम में वापसी का अपना मजबूत दावा पेश कर दिया है। सेलेक्टर्स के ध्यान में पुजारा का नाम जरूर होगा। कोरोना के वजह से रणजी भी कैंसल हो गया था और इंटरनेशनल क्रिकेट में टेस्ट कम खेला जा रहा था इस से खिलाड़ियों के प्रैक्टिस पर भी असर पड़ रहा था और कही ना कही यही वजह भी रहा पुजारा की बैटिंग को लेकर। पुजारा के कोच अरविंद ने कहा कि भारतीय टीम से बाहर होने के बाद चेतेश्वर निराश थे लेकिन इस झटके ने उनमें रनों की भूख बढ़ा दी। उन्होंने कहा, ‘चयन तो चयनकर्ताओं के हाथ में होता है। मैंने उसे कहा कि तुम्हें कड़ी मेहनत जारी रखने की जरूरत है, रोजाना कड़ा प्रयास जारी रखो और नतीजे मिलेंगे।’ अब जब सारे खिलाड़ी आईपीएल के मैचों में रन बना रहे है और अपने अपने टीम में जगह पाने के लिए खेल रहे है तब चेतेश्वर पुजारा सात समंदर पार शतक पर शतक बना कर टीम इंडिया में वापसी का मजबूत दावा पेश कर दिया है।

 

खराब फॉर्म से जूझ रहे थे पुजारा

 

खराब फॉर्म से जूझ रहे थे पुजारा लेकिन ब्रिटिश लीग में क्या गजब का प्रदर्शन किया है। भारतीय टीम में वापसी की राह देख रहे पुजारा का पांच पारियों में यह तीसरा बेहतरीन शतक है। उन्होंने इस दौरान ससेक्स के साथ अपने पदार्पण मैच में छह और नाबाद 201 रन बनाये थे जिससे टीम ने डर्बीशर के खिलाफ फॉलोऑन मिलने के बाद मैच ड्रॉ कराया था। अगर शायद पुजारा न होते तो वो मैच उनकी टीम हार जाती लेकिन पूजा संकटमोचन बन कर आए और फॉलोऑन मिलने के बाद भी अपनी टीम को बचा लिया। यही खासियत पुजारा की रही है जब वो एक बार क्रीज पर टिक जाते है तो फिर उनको आउट करना मुश्किल हो जाता है। पुजारा यही नहीं रुकते है उन्होंने इसके बाद वॉस्टरशर के खिलाफ 109 और 12 रन की पारियां खेली थी जो दर्शाता है की वो किस फॉर्म में चल रहे है,इंग्लैड की पिचों पर जाकर ऐसा खेलना फॉर्म को दर्शाता है। लेकिन इस मैच में उनकी टीम को 34 रन से हार का सामना करना पड़ा था। दक्षिण अफ्रीका दौरे के बाद भारतीय टीम से बाहर हुए पुजारा इस शानदार लय के कारण इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट श्रृंखला के आखिरी मैच के लिए टीम में वापसी कर सकते हैं। बल्कि उनका टीम में सिलेक्ट होना तय माना जा रहा है।

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