लखनऊ सुपर जायंट्स और चेन्नई सुपर किंग्स का मुकाबला रोमांचक मोड़ पर जाकर खत्म हुआ। ये इस आईपीएल का सबसे अच्छा मैच रहा अभी तक का। लखनऊ की टीम भले ही मैच जीत लिया हो लेकिन चेन्नई ने भी पूरी दम दिखाई। लखनऊ की टीम ने आईपीएल में अपनी पहली जीत दर्ज की है और धमाकेदार मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स जैसी मजबूत टीम को मात दी जिस टीम में धोनी जैसा फिनिशर और जडेजा जैसा ऑलराउंडर है। इंडियन प्रीमियर लीग में गुरुवार को चेन्नई सुपर किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच रोमांचक मुकाबला खेला गया। चेन्नई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 210 रनों का पहाड़-सा स्कोर बनाया। लेकिन लखनऊ सुपर जायंट्स की धमाकेदार बल्लेबाजी के सामने ये भी बौना साबित हुआ। देखा जाए तो पिच बैटिंग के लिए काफी मददगार थी तभी तो 400 से अधिक रन बने दोनो पारियों को मिला दिया जाए तो। इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास में लखनऊ सुपर जायंट्स की यह पहली जीत है, जो यादगार साबित हुई है। इस लिए भी यादगार है क्योंकि आईपीएल की सबसे मजबूत टीम को हराया है। आखिरी के ओवर्स में लखनऊ ने जो धमाल मचाया, उसकी मदद से टीम ने 6 विकेट से जीत दर्ज की। लेविस की पारी सबसे तेज थी और तब आई जब लखनऊ को सबसे ज्यादा जरूरत थी लेविस ने 23 गेंदों पर 55 रन बनाय जिसमे 6 चौके और 3 छक्के शामिल थे। लखनऊ की टीम ने 19.3 ओवर में 3 गेंद शेष रहते 211 का लक्ष्य हासिल कर लिया। जो शुरू में असंभव लग रहा था। इस रन चेस में लखनऊ के ओपनर्स का भी बहुत बड़ा हाथ था। के.एल राहुल और क्वांटन डिकॉक की साझेदारी ने लखनऊ के जीत की नीव रखी जो बाकी के बल्लेबाजों ने पूरा किया। लेकिन पूरे मैच में चेन्नई सुपर किंग ही बनी हुई थी,बल्कि आखरी के 2 ओवर के चले मैच लखनऊ सुपर जायंट्स के पाले में जा गिरा। चेन्नई सुपर किंग की एक गलती ने उसे मैच हरा दिया क्योंकि 19वां ओवर कराने आए शिवम दुबे की अच्छी खासी पिटाई हुई। 22 साल के आयुष बदोनी ने लखनऊ के पाले में मैच लाकर खड़ा कर दिया। एक समय था जब लग रहा था कि चेन्नई इस मैच को जीत जाएगी लेकिन आखरी के 2 ओवर्स ने चेन्नई से ही मैच छीन लिए। जब मैच चेन्नई के हाथ में था और आखरी के 2 ओवर्स में 34 रन बनाना था तब चेन्नई ने बाल शिवम दुबे को पकड़ा दिया जिसमे दुबे ने 25 रन लुटा दिये। यही ओवर चेन्नई के हार का सबसे बड़ा कारण बना और लखनऊ ने इस मैच को तब आसानी से जीत लिया जब लग रहा था की चेन्नई ही इस मैच को जीतेगी।
चेन्नई के बल्लेबाजों ने दिखाया दम
लखनऊ सुपर जायंट्स के रन तो दूसरी पारी में बने थे लेकिन चेन्नई ने तो रनों की बारिश कर डाली,ऐसा लग रहा था सब अंधाधुन खेल रहे थे। रोबिन उथप्पा ने अपने लिए और अपने टीम के लिए बहुत अच्छी शुरुआत दी जो चेन्नई के ओपनर्स से माना जा सकता है। कही से ये नही लगा की टीम के सबसे मजबूत और पिछले साल फॉर्म में रहे फाफ नही थे। लेकिन शुरुआत उतनी अच्छी नही रही क्योंकि गायकवाड एक बार फिर बड़ा स्कोर बनाने में विफल रहे। जहा रोबिन उथप्पा ने तेज 27 गेंदों पर 50 रन बनाए तो वही ऋतुराज गायकवाड 4 गेंदों पर एक रन बना कर आउट हो गए। लेकिन उसके बाद क्रीज पर उतरे मोइन अली ने भी हाथ खोले और रोबिन उथप्पा का अच्छा साथ दिया और 22 गेंदों में 35 रन बनाए जिसमे 4 चौके और 2 छक्के शामिल थे। मोइन की पारी भले ही छोटी थी लेकिन उन्होंने रोबिन उथप्पा के साथ मिल कर एक साझेदारी की। उसके बाद क्रीज पर उतरे शिवम दुबे ने तो आते ही मारना शुरू कर दिया और उनका बखूबी साथ दे रहे थे अंबाती रायडू। शिवम दुबे अपने आईपीएल के दूसरे हाफ सेंचुरी से 1 रन से चूक गए लेकिन उन्होंने इतना काम तो कर ही दिया था जिस से स्कोर टीम का 200 रनों के पार चला जाए। शिवम दुबे ने अपनी 49 रन की पारी खेलने के लिए 30 गेंद खेले जिसमे 5 चौके और 2 छक्के शामिल थे। पिछले मैच में अच्छा न खेलने वाले शिवम दुबे ने इस मैच में किसी भी गेंदबाज को नही छोड़ा,बाकी जो थोड़ी बहुत कसर थी उसे अंबाती रायडू ने पूरा कर दिया और उन्होंने एक 27 रन की छोटी पारी खेली जिसमे 2 छक्के और 2 चौके शामिल थे। चेन्नई का जब हर खिलाड़ी अच्छा खेल रहा था तो महेंद्र सिंह धोनी कैसे पीछे रह जाते,पीछे मैच में हाफ सेंचुरी बनाने वाले धोनी ने आवेश खान की पहली ही गेंद को छक्के के लिए भेज दिया और बता दिया की माही में आज भी उतना ही पावर है जितना कल था,यही नहीं धोनी ने दूसरी बाल को चौका मार कर अपने फॉर्म को लेकर पुख्ता सबूत दिया। इसके बाद कप्तान जडेजा भी एक छोटी सी पारी को खेलने में सफल रहे। अंत के ओवरों में धोनी और जडेजा ने खूब रन बनाए और लखनऊ को एक बड़ा सा टारगेट दिया। जिसे पार पाना इतना आसान नहीं था जीतने आसानी से ये रन बना था उस से कही ज्यादा अच्छे से लखनऊ की टीम ने रन को चेस किया।
लखनऊ का विषफोटक बल्लेबाज 
जहा एक तरफ चेन्नई ने एक पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया वही दूसरी टीम लखनऊ को वो रन बौना लगा और उसने बड़े ही आराम से उस रन को चेस कर लिया लेकिन उस रन चेस के सबसे बड़ा हाथ था एविन लेविस का जिन्होंने 23 गेंदों में ऐसी तबाही मचाई कि चेन्नई सुपर किंग्स के खेमे में मायूसी छा गई। एविन लेविस लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए 19.3 ओवर तक मैच खत्म करके चलते बने। वो उस समय बैटिंग करने आए थे जब लखनऊ की टीम की स्थिति सही नही थी। एविन लुईस ने तेज 23 गेंदों में 6 चौके और 3 छक्के उड़ाते हुए लखनऊ सुपर जायंट्स को टूर्नामेंट की पहली जीत दिला दी और चेन्नई को इस टूर्नामेंट की दूसरी हार झेलनी पड़ी। चेन्नई की गेंदबाजी एकदम से बेअसर रही और 200 रन बना कर भी मैच हार गई।

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