समाज में महिलाओं के पीरियड्स को लेकर कई सारी अफवाहें है‌ । पीरियड्स में बाल धोना भी उन्हीं में से एक है । लड़कियां वही मानती है , जो उनकी दादी और मां ने उन्‍हें सिखाया है । अगर वह इस विषय पर जानकारी चाहती है , तो उन्‍हें अक्सर सही माध्‍यम नहीं मिलता । ऐसे में अफवाहों और मिथ को ही वो सही मान कर अपना लेती है । यहां हम पीरियड से जुड़ी कुछ अफवाहों की बात करेंगे और उनकी सच्‍चाई को जानेंगे ।

 

पीरियड्स से जुड़ी खास बातें

पीरियड्स से जुड़ी कई बातें आपने भी सुनी होंगी जैसे पीरियड्स के दौरान खट्टा खाना न खाएं , पीरियड्स के दौरान महिलाओं का अशुद्ध खून बहता है । यदि आप मेंस्ट्रुअल कप का उपयोग करती हैं तो आपका कौमार्य भंग हो सकता है आदि । इन सभी बातों के अतिरिक्त पीरियड्स से जुड़ा एक और मिथ है कि महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान अपने बाल नहीं धोने चाहिए क्योंकि इससे उनके गर्भधारण की संभावना प्रभावित हो सकती है । चलिए जानें क्या है इसके पीछे का सच ।

 

पीरियड्स क्या होता है ?

पीरियड्स को माहवारी, महीना, रजोधर्म, मेंस्ट्रुअल साइकिल या एमसी आदि नाम से जाना जाता है । औरतों के अन्दर उनके शरीर में हार्मोन के बदलाव की वजह से योनि (वजाइना) से रक्तस्राव होता है । इसे पीरियड्स कहते है । पीरियड्स महिलाओं को हर महीने होता है । इसमें अंडा गर्भाशय से बाहर निकल कर रक्त के साथ शरीर से बाहर निकल जाता है ।

 

इस उम्र में लड़कियों को आता है पीरियड्स

बता दें कि अक्सर लड़कियों को 10 से 15 साल की उम्र के बीच पीरियड्स आना शुरू हो जाते है । पीरियड्स के आने की उम्र 9 साल होती है । पीरियड्स के आने का मतलब यह समझा जाता है कि अब लड़की बच्चा पैदा कर सकने के लायक है । ऐसा बहुत कम होता है कि 9 साल की उम्र में ही पीरियड्स सबको आ जाए । असल में पीरियड्स आने के लिए कोई सही उम्र नहीं है। यह 50-55 तक की उम्र तक ही रहता है । कुछ लड़कियों को 17 या 18 साल की उम्र तक पीरियड्स नहीं आता। ऐसा होने पर डॉक्टर से जॉंच कराना चाहिए । हो सकता है कि उसके शरीर के अंदर ही कहीं खून इकट्ठा हो रहा हो या हो सकता है कि उसके जननांगों या हार्मोन में कुछ दोष हो । जल्दी से इसका इलाज करवाएँ ।

Cramps period

ऐसे पता करें कि पीरियड्स आने वाला है

 

  • मुँहासों का निकलना
  • सूजन होना
  • स्तन में दर्द होना
  • वजन का बढ़ना
  •  ध्यान लगाने में परेशानी होना
  • सिर में दर्द होना
  • पीठ में दर्द होना
  • खाने की इच्छा बढ़ना
  • अधिक खाना खाना
  • थकान महसूस होना
  •  रूलाई आना
  • चिड़चिड़ापन
  • बैचेनी होना
  •  मूड परिवर्तन होना
  • अवसाद होना आदि ।

 

पीरियड्स में बाल धो सकते है या नहीं?

आमतौर पर तब होता है जब दादी, नानी या कोई अन्य बुजुर्ग महिला मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को कुछ गतिविधियों में शामिल होने से मना करती है । इस अवधि के दौरान अपने बाल नहीं धोना भी उन प्रतिबंधों का एक हिस्सा है । क्या आप पीरियड्स पर अपने बाल धो सकती है ? इसका जवाब है “हां ” जी हां आपने सही सुना पीरियड्स पर अपने बाल धो सकती है ।  यह एक मिथ जो आपको बिलकुल भी नहीं सुनना चाहिए । आप अपने बालों को पीरियड्स पर, जितनी बार चाहें, किसी भी तरह से धो सकती है ।

Pain during periods

क्या बाल धोने से बच्चे पैदा होने में आती है दिक्कत?

बता दें कि लोग भ्रामक धारणाओं का हवाला देते है कि यदि आप अपने मासिक धर्म के दौरान अपने  धोए , तो आपका सिर सारा पानी सोख लेगा और यह उस ठंडी ऊर्जा को आपके गर्भाशय में संचारित करेगा और फिर आपका गर्भाशय भविष्य में बच्चे पैदा करने में सक्षम नहीं होगा । आपको बता दें कि यह भी एक मिथ है , जिसका सच्चाई से कोई वास्ता नहीं है ।

 

क्या पीरियड्स के दौरान बाल धोने से बाल झड़ते हैं?

इसके अलावा कुछ महिलाओं को लगता है कि पीरियड्स के दौरान बाल धोने से बाल झड़ने लगेंगे पर यह भी एक मिथ है । यह पूरी तरह से गलत है, क्योंकि मासिक धर्म के दौरान नहाने, स्नान करने या अपने बाल धोने से परहेज करने से होने वाले दुष्प्रभाव का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है । वास्तव में, गर्म पानी से स्नान करने से ऐंठन को कम करने में मदद मिलती है और आप बेहतर महसूस करती है ।

 

पीरियड्स मूड और त्वचा को करता है प्रभावित

दरअसल, सिर की त्वचा और आपके पूरे शरीर की त्वचा वास्तव में वाटरप्रूफ होती है । तो यह उस पानी को सोखने वाली नहीं है । और वह ठंडी ऊर्जा आपके गर्भाशय में इस तरह नहीं पहुंचाई जा सकती है ।  जी हां, आपको अपने मासिक धर्म के कारण अपनी व्यक्तिगत स्वच्छता की आदतों से समझौता करने की आवश्यकता नहीं है ! जिस तरह से मासिक धर्म आपके मूड और त्वचा को प्रभावित कर सकता है, उसका असर आपके बालों पर भी पड़ सकता है ।

पीरियड्स में हार्मोन परिवर्तित होते हैं 

मासिक धर्म के दौरान आपके हार्मोन का स्तर बहुत बदल जाता है । नतीजतन, आपका शरीर अधिक टेस्टोस्टेरोन बनाने लगता है, जो सेबम रिलीज़ को बढ़ा सकता है । इसके परिणाम स्वरूप बाल चिकने, ऑयली और चिपचिपे हो सकते है ।इसके अलावा स्कैल्प इची और सेंसिटिव हो गई है । जिसके कारण बाल पतले हो जाते हैं और झड़ने लगते है । लेकिन यह सब हार्मोन के उतार-चढ़ाव के कारण होता है । इसलिए नहीं कि आप अपने पीरियड्स के दौरान अपने बाल धो रही है । बता दें कि ” अपने पीरियड्स के दौरान अपना खास ध्यान रखें, क्योंकि यह एक दर्दनाक अनुभव है । नहाना और सिर धोना आपके लिए रिलैक्सिंग हो सकता है, इसलिए ऐसा किया जाना चाहिए ।

Periods

पैड के इस्तेमाल से ब्लीडिंग कम होती है

ऐसा बिल्कुल भी नहीं है और न ही इस बात के कोई सबूत हैं कि पैड के इस्तेमाल से महिलाओं की ब्लीडिंग कम होने लगती है । पैड का इस्तेमाल करने से पीरियड्स के दौरान महिलाओं को आसानी और आराम महसूस होता है । यह पहले ज़माने में इस्तेमाल हो रहे कपड़ों की अपेक्षा ज़्यादा आरामदायक होता है । यही कारण है कि पीरियड्स के दौरान महिलाएँ पैड को इस्तेमाल करना ज़्यादा उचित समझती है ।

 

पीरियड्स में महिलाएं ना नहा सकती हैं और न ही बाल धो सकती हैं

हाइजीन अर्थात सफ़ाई को बरकरार रखने के लिए रोज़ नहाना चाहिए फिर चाहे पीरियड्स के दिन ही क्यों न हो । बाल धुलने से महिलाओं की पीरियड्स की ब्लीडिंग पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है । पीरियड्स के दौरान सफ़ाई का ख़ास ख्याल रखना चाहिए अन्यथा इन्फेक्शन या संक्रमण का ख़तरा बढ़ सकता है ।

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पीरियड्स के दौरान व्यायाम करना चाहिए या नहीं?

पीरियड्स के दौरान लड़कियो को दौड़ने भागने, खेलने-कूदने, नृत्य करने तथा व्यायाम आदि करने से मना किया जाता है ताकि दर्द कम हो और आराम मिले जबकि यह बिल्कुल ग़लत है । ज़्यादा आराम करने से शरीर में रक्त का संचार अच्छे से नहीं हो पाता और दर्द भी अधिक महसूस होता है । पीरियड्स के दौरान खेलने कूदने, व्यायाम करने से आपके शरीर में खून और ऑक्सीजन का बहाव तेज़ हो जाता है , जिससे पेट में दर्द और ऐंठन जैसी समस्याएं नहीं होती । इसलिए पीरियड्स के दौरान हल्का खेलकूद और व्यायाम करना उचित है । पीरियड्स के दौरान आराम करना चाहिए और डॉक्टरी सलाह के अनुसार थोड़ा व्यायाम भी करना चाहिए लेकिन याद रहे यह व्यायाम ज़्यादा कठिन न हों ।

 

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