रामनवमी पर मुस्लिम समुदाय के लोगो के द्वारा देश में कई जगहों पर सांप्रदायिक दंगा और हिंसा की गई। जिसमे बहुत सारे लोगो को गंभीर चोटे आई लोगो के घर जला दिए गए। लोगो के घरों पर पेट्रोल बम फेंके गए। और अगर बात करे उत्तर प्रदेश की तो कुल लगभग 25 करोड़ की संख्या वाले इस प्रदेश में कुल 800 ज्यादा जुलूस निकाला गया। लेकिन कही भी एक भी दंगे ना हुए दंगे तो दूर की बात मामूली बात विवाद भी ना हुआ। बात विवाद तो छोड़िए कई पर तू-तू मैं-मैं भी नही हुआ। सीएम योगी आदित्यनाथ में लखनऊ में लालजी टंडन जयंती पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम में कहा कि, 25 करोड़ की आबादी यूपी में रहती है 800 से ज्यादा जुलूस भी था और साथ साथ रमजान का महीना भी चल रहा है। सीएम योगी ने आगे कहा कि कहीं भी कोई तू-तू मैं-मैं नहीं हुई, दंगे-फसाद की बात तो दूर है। ये उत्तर प्रदेश की विकास की नई सोच को प्रदर्शित करता है। यहां दंगा-फसाद के लिए कोई जगह नहीं है, अराजकता के लिए गुंडागर्दी के लिए और अफवाह के लिए कोई जगह नहीं है। उत्तर प्रदेश में रामनवमी के अवसर पर मर्यादा पुरुषोत्तम राम की पावन जयंती के अवसर पर यह साबित किया है।

 

मध्य प्रदेश समेत कुल पांच राज्यों में सांप्रदायिक दंगे हुए, उत्तर प्रदेश में दंगे तो छोड़िए मामूली झगड़े तक नही हुए।

 

इस साल रामनवमी के दौरान मध्यप्रदेश समेत अन्य छह राज्यों में भी विशेष समुदाय के लोगो ने बवाल काटा, गुजरात, झारखंड, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और मध्य प्रदेश। गुजरात के साबरकांठा, आनंद आणंद और द्वारका में उपद्रवियों ने भारी बवाल किया। जहा पर कई गाड़ियों और दुकानों को आग के हवाले कर दिया। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई वही कई घायल भी है। पश्चिम बंगाल के बाकुड़ा में सोभा यात्रा पर पथराव किया गया, जहा केंद्रीय मंत्री के कर पर हमला किया गया। रामनवमी का जुलूस जब मचनताला पेट्रोल पंप के पास मस्जिद के सामने से निकला तो वहा पर उपद्रवियों ने पथराव किया। वही झारखंड में सोभा यात्रा के दौरान भी हिंसा हुई वहा पर मुस्लिम समुदाय के लोगो ने हिंदुओं पर धारदार हथियार से हमला किया। झारखंड के लोहरदगा जिले के हिरही भोक्ता बगीचा इलाके के पास रामनवमी की शोभायात्रा पर पथराव हुआ। जुलूस में शामिल लोगों पर धारदार हथियारों से हमले किए गए। शोभायात्रा में शामिल 15 से ज्यादा लोग घायल हो गये। कर्नाटक में भी सोभा यात्रा को रोकने की कोशिश की है और उपद्रवियों के दारा पथराव किया गया।

 

यूपी में सबके अंदर बुलडोजर बाबा का भय

 

उत्तर प्रदेश में रामनवमी पर एक भी दंगा ना होने का कारण एक ये भी है की सबके के अंदर बाबा बुलडोजर का भय है। क्योंकि पिछली सरकारों के जितने भी माफिया, गुंडे और अपराधी थे वो सब आज जेलो में बंद है और बाकियों का तो एनकाउंटर तक कर दिया गया है। जितने भी भू- माफिया थे उनके द्वारा अवैध तरीके से अधिकृत की गई जमीनों को सरकार अपने कब्जे में ले चुकी है। ऐसे ढेरों माफिया है जो पूर्व की सरकारों में रह कर आम जनता पर अपना कहर बरपाते थे। मुख्तार अंसारी, विकास दुबे, अतीक अहमद, दिलीप मिश्रा, बृजेश सिंह, आज सब जेल में है और विकास दुबे जैसे लोगो का सरकार ने तो एनकाउंटर तक कर दी है। वही मुख्तार अंसारी के कई जगह पर छापे मार कर कुर्की और मकान तक को गिरा दिया जा चुका है। अभी दो दिन पहले ही मुख्तार अंसारी के करीबियों की 60 करोड़ से भी ज्यादा की प्रॉपर्टी सरकार ने जब्त कर लिया है। वही पूर्व सांसद व समाजवादी नेता अतीक अहमद का प्रयागराज समेत कई अन्य जगहों पर अवैध तरीके से कराए गए निर्माण को ध्वस्त किया जा चुका है। प्रयागराज में अतीक अहमद का एक अवैध प्लॉट था जिस पर अब योगी जी के द्वारा दलितों के लिए आवास बनाया जा चुका है।

 

पूर्व की सरकारों में यूपी में होते थे सांप्रदायिक दंगे।

 

चाहे वो समाजवादी की सरकार हो या बहुजन समाज पार्टी की सबकी सरकारों में दंगे होते आ रहे है। पश्चिमी यूपी का क्या हाल था वो किसी से छुपा हुआ नही है। लेकिन जब से योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में पद संभाला है आज उत्तर प्रदेश की तस्वीर कुछ और है। चाहे वो मुजफ्फरनगर, कैराना, शामली, यहां पर सबसे ज्यादा सांप्रदायिक दंगे होते थे, हिंदुओं का लगातार पलायन होता था लेकिन उत्तर प्रदेश में अब ना तो पलायन होता है और ना ही दंगे। पिछले पांच सालों में उत्तर प्रदेश में एक भी दंगा नही हुआ है। योगी आदित्यनाथ अपने हर भाषण में कहते है कि, जहा पर जाति और धर्म देख कर बिजली आती थी और होली दीपावली पर बिजली नही आती थी लेकिन ईद पर बिजली कट जाए बिजली अधिकारी को निलंबित कर दिया जाता था।

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