इस देश की ये रीत रही है की लोग खुद तो अच्छा काम करते नही और दूसरा अगर कोई कर रहा है तो उसको भी परेशान करके अच्छा काम करने से रोकते है। गौतम गंभीर के साथ भी ट्रोलर्स ने यही किया, जैसा की सबको पता है की गौतम गंभीर दिल्ली से सांसद भी है और वो हमेसा लोगो की मदद करते हुए दिखते है। गौतम गंभीर सारे पैसे खुद के लिए नही कमाते बल्कि वो पैसे उन गरीबों के लिए कमाते जो खाना खाने में भी असमर्थ है लेकिन कुछ लोगो का कहना है की गंभीर एक सांसद है तो वो क्रिकेट में क्यों दिखते है। आपको बता दे की आईपीएल में गौतम गंभीर लखनऊ टीम के कोच भी थे,इस से पहले वाले सीजन में उन्होंने आईपीएल के मैचों में उन्होंने कमेंट्री भी की है ताकि आईपीएल से जो पैसे आय वो उनको इन गरीबों की मदद में लगा सके। अपने ट्रोलर को जबाव देते हुए गौतम गंभीर ने कहा कि मैं आप सभी को आज बना चाहता हू की मैं ये सारे पैसे क्यों कमाता हु और हो सके तो ये खबर छाप भी देना ताकि सबको पता चले। उन्होंने कहा की लोगो को पता होना चाहिए की वो आईपीएल में कमेंट्री या फिर आईपीएल में काम क्यों करता हूं । 25 लाख रुपए लगते है जनरसोई के लिए जिसमे 5000 लोग खाते है। अगर हम कमाएंगे ही नही तो इन लोगो को खिलाएंगे कैसे। गंभीर आगे बताते है की 25 लाख लगे है लाइब्रेरी बनाने जिसमे एक रुपया किसी दूसरे नही दिया है बल्कि सारा पैसे हमने अपने जेब से लगाए है। ये सारे काम मेरे एमपी फंड से नहीं हो पाता और नाही मेरे घर में पैसों का पेड़ है जिस से पैसे टपकते हो, इन सारे कार्यों के लिए मुझे पैसा कमाना पड़ता है ताकि मैं 5000 लोगो को खाना खिला सकू। गंभीर ने साफ शब्दों में कहा की उनको ये कहने में बिल्कुल शर्म नही है की वो आईपीएल में काम करते है या फिर कमेंट्री करते है।

 

 

गौतम गंभीर को दिल्ली से दूर रहने और आईपीएल में कॉमेंट और काम करने के लिए ट्रोल किया गया था। लोगो का कहना था की गंभीर एक सांसद है और आईपीएल का लुफ्त उठा रहे है,अपने लोगो के साथ नही दिखते। गंभीर हेड कोच थे लखनऊ की टीम के और लखनऊ अपना पहला सीजन खेल रही थी, और पहले ही सीजन में लखनऊ ने सबको चौकाते हुए प्लेऑफ तक का सफर तय किया। गंभीर का जवाब देना इस लिए भी जरूरी था क्योंकि पिछले साल भी भी गंभीर को लेकर तंज कसे जा रहे थे जो बहुत ही बेतुका था क्योंकि लोगो को खुद तो मदद करनी नही है और जब सामने वाला कर रहा है तो उसको भी नही करने देना है। गंभीर का ये जवाब विपक्ष के लिए भी जरूरी था जो ये कहते आ रहे की बीजेपी के सांसद तो सिर्फ क्रिकेट मैचों में ही दिखते है।

 

एलिमिनेटर में आरसीबी से हार गई थी गंभीर की टीम

 

इस सीजन में 2 नई टीम जुड़ी थी एक लखनऊ जिसके कोच गंभीर थे और दूसरी गुजरात जिसके कोच आशीष नेहरा थे। लखनऊ की टीम ने पूरे आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन अंत में आते आते उनका प्रदर्शन गिरा और वो प्लेऑफ में एलिमिनेटर राउंड से बाहर हो गए।

 

टॉस हार कर पहले बल्लेबाजी करने उतरी आरसीबी की शुरुआत बिल्कुल भी अच्छी नही रही थी और पूरे सीजन में फॉर्म में चल रहे कप्तान डुप्लेसी तब आउट हो गए जब टीम का स्कोर मात्र 4 रन था। डुप्लेसी को पहले ही ओवर की चौथी गेंद पर मोहसिन खान ने विकेट के पिछे डिकॉक के हाथों कैच आउट करा दिया। ये आरसीबी को लगने वाला बहुत बड़ा झटका था क्योंकि सबको पता है की आरसीबी अपने ओपनर्स पे ज्यादा डिपेंड रही है इस पूरे सीजन में और कप्तान ने तो काफी अच्छी अच्छी पारियां खेल कर जीत दिलाई है अपने टीम को। कप्तान के आउट होने बाद बैटिंग करने उतरे रजत पाटीदार और आज का दिन उनका था, पाटीदार ने कोहली के साथ मिल कर 66 रनों की बेहतरीन साझेदारी निभाई जो की पहले ओवर में विकेट जाने के बाद आरसीबी के दृष्टिकोण से काफी अच्छा था। कोहली और रजत पाटीदार हर तरफ शॉट्स खेल रहे थे और आरसीबी को मजबूत स्थिति में ले जा रहे थे उसी में आवेश खान ने कोहली को मोहसिन के हाथो कैच आउट करा दिया। कोहली ने जाने से पहले धीमी पारी खेली उन्होंने 24 गेंदों पर 25 रन बनाय। अब आरसीबी के दो महत्वपूर्ण विकेट जा चुके थे और टीम को अब संभल कर खेलने की जरूरत थी लेकिन रजत पाटीदार अलग ही अंदाज में खेल रहे थे। उधर दूसरे छोर पर फिर एक विकेट डाउन हो गया, अबकी तूफानी बल्लेबाज मैक्सवेल आउट हुए और उन्हे आउट करने वाला कोई और नहीं बाली कृणाल पांड्या थे। एक छोर से रन तो बन रहे थे लेकिन दूसरे छोर से विकेट लगातार अंतराल पर गिर रहे थे। मैक्सवेल ने 10 गेंदों पर 9 रन बनाय जिसमे मात्र एक छक्का शामिल था। मैक्सवेल के जाने के बाद लॉमरोर आय और उन्होंने भी ज्यादा कुछ नही किया, उन्होंने 9 गेंदों पर 14 रन बनाय। उधर दूसरे छोर पर खड़े रजत पाटीदार शतक की ओर बढ़ चले थे। अंत में अब बारी आई दिनेश कार्तिक की, कार्तिक और पाटीदार ने मिल कर फिर साझेदारी शुरू की 115 के बाद सीधे टीम 207 तक पहुंच गई। जिसमे रजत पाटीदार ने 54 गेंदों पर 112 रनों की पारी खेली जिसमे 12 चौके और 7 छक्के शामिल थे। उधर कार्तिक ने भी विषफोट करना नही छोड़ा और 23 गेंदों पर 37 रन बना डाले जिसमे 5 चौके और 1 छक्का शामिल था। वही अगर लखनऊ की गेंदबाजी की बात करे तो सबसे महंगे चमिरा रहे जिन्होंने अपने 4 ओवर में 54 रन लूटा दिए। उसके बाद रवि बिश्नोई भी पीछे नहीं रहे उन्होंने भी 4 ओवर में 45 रन देकर 1 विकेट अपने नाम किया। आवेश भी महंगे रहे,4 ओवर में 44 रन देकर 1 विकेट लिया। सबसे अच्छी गेंदबाजी मोहसिन खान की रही जिन्होंने 4 ओवर में 25 रन देखकर 1 विकेट लिए,कृणाल को भी एक विकेट मिला।

 

अब लक्ष्य का पीछा करने की बारी थी गंभीर की टीम को। 208 रनो के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी लखनऊ की टीम की शुरुआत बेहद ही खराब रही और डिकॉक तब आउट हुए जब टीम का स्कोर मात्र 8 रन था। डिकॉक को सिराज ने अपने शिकार बनाया, डिकॉक आउट होने से पहले 5 गेंदों पर एक छक्के के मदद से 6 रन बनाय। उसके बाद बैटिंग करने उतरे मनन वोहरा जिनसे काफी उम्मीदें थी, वोहरा ने आते ही अपना काम शुरू कर दिया लेकिन ज्यादा देर तक नही टिक पाय। उन्होंने 11 गेंदों पर 19 रन बनाय जिसमे 1 चौका और 2 छक्के शामिल थे। वोहरा को हेजलवुड ने चलता किया। अब लखनऊ यहां पर तीन विकेट जल्दी जल्दी गिरने के बाद पूरी तरह से दबाव में आ चुकी थी,एक तरफ राहुल टीके हुए थे और दूसरे छोर पर विकेट पे विकेट गिर रहे थे। लेकिन फिर आए दीपक हुड्डा। अब राहुल और हुड्डा के बीच 80+ की साझेदारी हुई जो लखनऊ के लिए काफी राहत की बात थी। हुड्डा और राहुल अच्छा खेल रहे थे लेकिन इस जोड़ी को हसरंगा ने तोड़ दिया और हुड्डा 26 गेंदों पर 45 रन बनाकर आउट हो गए जिसमे मात्र 1 चौका और 4 छक्के शामिल थे। अगर मैदान पर राहुल और हुड्डा की जोड़ी 2 या 3 ओवर तक टिक जाती तो लखनऊ ये मैच आराम से निकाल लेती लेकिन हुड्डा आउट हो गए। हुड्डा के जाने के बाद कोई भी टिक कर नही खेल पाया। लगातार अंतराल पर लखनऊ का विकेट जाता रहा और ये मैच 14 रनो से लखनऊ ने मैच गवा दिया।

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