ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुआ गुल्लक का यह सीजन यानी गुल्लक 3 की कहानी भी गुल्लक के पुराने सीजन्स के जैसी ही है रोमांचक भरा है । ओटीटी पर रीलीज “गुल्लक 3” में मिश्रा परिवार भी एक आम मिडिल क्लास परिवार है , जिनकी खुशियां और सुख-दुख भी बिल्कुल मिडिल क्लास परिवार जैसी ही है । इस सीजन में मिश्रा परिवार के बड़े बेटे अन्नू की जॉब से लेकर छोटे बेटे की पढ़ाई तक की जद्दोजहद देखने को मिलेगी । इस ओटीटी के रिव्यू की बात करें तो यह सीजन एक मीडिल क्लास परिवार में कमाने वाले एकलोते शक्श की कहानी है । हालांकि गुल्लक के इस सीजन में आम आदमी अपने दिनचर्या से इसे जोड़ पाएंगे और जब मीडिया क्लास में कमाने वाला एकलौते इंसान की नौकरी चली जाती है ।

 

“गुल्लक 3” के इस नए सीजन में हमें यह भी देखने और महसूस करने को मिलेगा कि क्या होता है जब मिडिल क्लास परिवार में एकलौते कमाने वाले इंसान की नौकरी चली जाती है । “गुल्लक 3” के निर्देशक पलाश वासवानी ही है । इन्होंने ही गुल्लक 2 का डायरेक्शन किया है । पलाश ने इस सीज़न में भी गजब का काम किया है । एक्टिंग की बात करें तो सभी अपने किरदार में बखूबी ढले है । जमील खान, हर्ष मायर, वैभव राज गुप्ता, गीतांजलि कुलकर्णी हर एक एक्टर अपने किरदार में परफेक्ट है । इनकी एक्टिंग ऐसी है कि लगता है मानों सबने अपने किरदार को जिया हो । खासियत यह है कि आपको देखकर अपने परिवार के ही किसी की याद आएगी । गुल्लक 3 की लेखन शेली की बात करें तो इसका लिखावट बेहद अच्छा है , जिसमें हर एक डायलॉग्स ने कहानी को बेहतरीन बनाने का काम किया है । गुल्लक के इस सीरीज के राइटर दुर्गेश सिंह की ने ऐसे डायलॉग लिखे है जो हम सभी की बोलचाल के शब्द है । यह सुनकर आपको लगेगा कि इन्हें तो हम भी अपने बोलचाल में प्रयोग किया जाता है । वही कैमरा वर्क की बात करें तो सिनेमैटोग्राफी और आर्ट वर्क भी बेहद अच्छा है । जो दर्शक के रूप में आपको पूरी तरह से बांधे रखती है । “गुल्लक 3” के 5 एपिसोड है , जिसे आप बिंज वॉच यानी की बिना रुके देख सकते है । इस सीरीज को आप अकेले नहीं बल्कि पूरे परिवार के साथ बैठकर देख सकते है यह बेहत रोमांस से भरपूर और इस सीरीज इमोशनल होने के साथ इंटरेस्टिंग भी है । इसमें आपको अपनों के लिए खूब सारा प्यार, अपने परिवार की छोटी छोटी खुशियां, दुख-सुख, सब एक साथ देखने को मिलेगा ।

 

“गुल्लक सीजन 3” सोनी लिव पर आने वाली एक भारतीय वेब सीरीज है , इस सीरीज को पलाश वासवानी द्वारा निर्देशित किया गया है । इसमें जमील खान, हर्ष मायर, वैभव राज गुप्ता और गीतांजलि कुलकर्णी मुख्य भूमिकाओं में है । सीरीज को कॉन्टैगियस ऑनलाइन मीडिया नेटवर्क के बैनर तले बनाया गया है ।

 

यह है वेब सीरिज “गुल्लक 3” की कहानी-

वेब सीरीज ‘गुल्लक’ के तीसरे सीजन की कहानी शुरू होती है अन्नू मिश्रा की नौकरी मिलने से और मंदिर के बाहर उनकी पंचायत लगने से । मिडिल क्लास में नई नई नौकरी लगने के बाद की जो “अय्याशियां” करने की लड़के सोचते है , उनकी भी इच्छाएं उसी दिशा में उड़ान भर रही है । लेकिन वह कहते है ना कि “हानि लाभ जीवन मरण, यश अपयश विधि हाथ। ” तो तुलसी बाबा की इस लाइन को पकड़ कर दुर्गेश सिंह ने पांच एपीसोड इस सीरीज के लिख दिए हैं। घर के मुखिया चिकन खाने वाले और दारू पीने वाले संतोष मिश्रा है । उनकी पत्नी शांति मिश्रा की परेशानियां पहले जैसी है । सत्यनारायण की कथा से उनको सारे विघ्न हटने का पूरा भरोसा है । अमन मिश्रा परेशान है कि क्लॉस के टॉपर होने के बाद भी आगे की पढ़ाई उनको अपने मन से नहीं करने दी जा रही है। दूर के रिश्तेदार बीच में अपनी बिटिया लेकर आ जाते है । कहानी थोड़ी बहुत कभी कभी इधर उधर भटकती है लेकिन आखिर तक आते आते अन्नू मिश्रा के पैरों में अपने पिता की चप्पल आ ही जाती है । वेब सीरीज ‘गुल्लक’ के तीसरे सीजन की टीम ने अच्छा काम किया है । शिव प्रकाश ने कैमरे को दर्शकों के नजरिये का माध्यम बनाने में कामयाबी पाई है तो गौरव गोपाल झा का निर्देशन कथ्य के हिसाब से बिल्कुल सटीक है । वह कहानी की गति चुस्त रखते हैं और स्लो मोशन वाले दृश्यों में भी प्रभाव बनाए रखते हैं। सीरीज के संगीत के लिए अनुराग सैकिया की तारीफ अलग से बनती है । उनके संगीत से सीरीज का कलेवर इसके संवादों में झलकती उत्तर भारतीय संस्कृति और निखरता है। सोनी लिव की ये सीरीज बिंच वॉच के लिए बिल्कुल परफेक्ट है ।

 

कलाकारों में इस बार सीरीज अन्नू मिश्रा बने वैभव राज गुप्ता के नाम है । पहले एपीसोड से लेकर आखिरी एपीसोड तक वैभव ने अपनी अदाकारी के तमाम रंग दिखाए है । इस बार सिर्फ वह मिडिल क्लास के आवारा लड़के नहीं है । अब घर के जिम्मेदार बड़े बेटे है और मां से लेकर पिता और छोटे भाई अमन की हर आस के हमेशा पास दिखते है । सीरीज के आखिरी एपीसोड में घर के मुखिया के जीवन की डोर हाथ से छूटते देख उनके मन में उठने वाला आर्तनाद जो उनके चेहरे पर दिखता है तो देखने वाले की रुलाई बड़ी मुश्किल से रुकती है । और सीरीज में दूसरे नंबर का काम किया हर्ष मायर उर्फ अमन मिश्रा ने । रास्ते में मिलने वाली किसी बड़े स्कूल की छात्रा का उन पर रीझने वाला ट्रैक हो सकता है अगले सीजन में दिखे लेकिन हर्ष सीरीज में जितनी देर भी दिखे, दिल जीतते रहे ।

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