इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल में अपने अंतिम लीग मैच से पहले महेंद्र सिंह धोनी से वो सवाल पूछ ही लिया गया जिसका जवाब सिर्फ चेन्नई के प्रशंसक ही नही बल्कि पूरा विश्व जानना चाहता था। और सवाल था कि क्या माही अगले साल चेन्नई के लिए खेलते नजर आएंगे? इसपर चेन्नई के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने बड़े ही शांत तरीके से जवाब देते ये स्पष्ट कर दिया कि वे अगले साल भी आईपीएल में खेलेंगे। धोनी के इस जवाब के बाद प्रतिक्रियाओं की बाढ़ सी आ गई। और उसी में पहला नाम सीएसके के पूर्व सलामी बल्लेबाज मैथ्यू हेडन का है जिसने अपना बयान दिया है। लेकिन इनकी राय कई प्रशंसकों को बुरी लग सकती है क्योंकि विश्व में धोनी के प्रशंसक बहुत है, और वो किसी से भी लड़ सकते हैं। हेडन ने अपने बयान में कहा है कि “ये बहुत मुश्किल काम है। ये इस बात पर निर्भर करता है कि फ्रेंचाइजी क्या उम्मीद करती है। अगर आप ऐसा कप्तान चाहते हैं जिसने इस सीजन में 128 के स्ट्राइक रेट से 200 रन बनाए हों, तो कोई बात नहीं। उसके हाथों में अभी भी पावर है। वो अभी भी स्टंप के पीछे एक्टिव है, वह अभी भी विकटों के पीछे दौड़ सकता है। वह पूरे आईपीएल में सबसे अनुभवी कप्तान भी हैं और खिताबों को अपने नाम किया है। लेकिन जब वे चीजों को फिर से व्यवस्थित करने के लिए बैठते हैं, तो उसमें से धोनी का कितना योगदान होगा?” हेडन आगे बोलते है कि “यदि आप उनके वास्तविक योगदान को देखें तो मैं कहूंगा कि उनके पास खेलने का कोई मौका नहीं है। सैमसन पर एक नजर डालें, उन्होंने 30 की औसत से 300 से अधिक रन बनाए हैं और ये अभी भी सवाल है कि क्या ये एक लीडर के रूप में एक बड़ा योगदान है? तो ये वो चीजें हैं जिन्हें मापा जाएगा और ये एक बहुत ही भावनात्मक फैसला होगा।”

 

सीजन का आखरी मैच भी हार गई थी धोनी की टीम

 

ऐसा इस आईपीएल में कम ही देखने को मिला है की कोई टीम टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी चुनी हो,लेकिन शुक्रवार वाले मैच में राजस्थान के खिलाफ महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी चुनी। लेकिन धोनी का फैसला तब गलत साबित हुआ जब उनके सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी आउट हो गया। टीम के ओपनर ऋतुराज गायकवाड पहले ही ओवर की आखरी गेंद पर तब आउट हुए जब टीम का स्कोर मात्र 2 रन थे। ऋतुराज ने 2 रन बनाने के लिए 6 गेंद खेले और फिर बोल्ट का शिकार हुए। उसके बाद बैटिंग करने उतरे मोइन अली जिन्होंने आते ही तूफानी पारी खेलने शुरू कर दी,ऐसा लग रहा था की उनके उपर कोई दबाव नहीं है जल्दी विकेट गिरने का, मोइन अली ने देखते ही देखते अपनी हाफ सेंचुरी पूरी कर दी। कनवे और मोइन अली के बीच बेहतरीन 83 रनों की साझेदारी हुई जिसमे कनवे के सिर्फ 16 रन ही शामिल थे,अब इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है की मोइन अली कैसी बैटिंग कर रहे थे लेकिन 16 के स्कोर पर कनवे अश्विन द्वारा आउट कर दिए गए। उन्होंने जाने से पहले 14 गेंदों पर 16 रन बनाय जिसमे 1 चौका और 1 छक्का शामिल था। लेकिन जैसे ही कनवे का विकेट गिरा वैसे ही चेन्नई की पारी लड़खड़ा गई। जो टीम मोइन अली के पारी के बदौलत 200 के पार दिख रही थी वो टीम मात्र 150 रन पर ही रह गई। क्योंकि कनवे के जाने के बाद जगदीसान आय जो मात्र 1 रन पर आउट हो गए। अंबाती रायडू भी कुछ ज्यादा नही कर पाय और 6 बॉल में 3 रन बनाकर आउट हो गए,ये चेन्नई को लगने वाला बड़ा झटका था क्योंकि रायडू अच्छे फॉर्म में है। फिर धोनी आय तो उनसे काफी उम्मीदें थी क्योंकि धोनी अच्छे टच में दिखे है इस साल और धोनी ने मोइन अली के साथ 50 रनो की साझेदारी भी निभाई लेकिन वो एक धीमी पारी खेल कर आउट हो गए। उन्होंने 28 गेंदों पर 26 रन बनाय जिसमे एक चौका और एक छक्का शामिल था। धोनी के जाने के बाद मोइन अली भी आउट हो गए और मोइन अपने शतक से करीब जाकर शतक से चूक गए। उन्होंने आउट होने से पहले 57 गेंदों पर 93 रन बनाय। जिसमे 13 चौका और 3 शानदार छक्के शामिल थे। इस तरह से पूरी टीम एक अच्छे शुरुआत के बाद भी मात्र 150 रन ही बना पाई। उधर अगर राजस्थान की बॉलिंग की बात करे तो सबसे महंगे बोल्ट साबित हुए क्योंकि उन्होंने अपने 4 ओवर में 44 रन लूटा दिए और मात्र एक विकेट उनके खाते में गया। वही ओबेड ने सबसे अच्छी गेंदबाजी की और उन्होंने अपने 4 ओवर में मात्र 20 रन देकर 2 विकेट अपने नाम किया। चहल ने भी 2 विकेट अपने नाम किया वही अश्विन को 1 विकेट मिला।

 

151 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी राजस्थान की शुरुआत कुछ खास नहीं रही और ऑरेंज कैप के होड़ में सबसे आगे चल रहे राजस्थान के ओपनर बैट्समैन जोश बटलर मात्र 2 रन पर आउट हो गए तब उनके टीम का स्कोर था 16 रन। उसके बाद युवा यशश्वी और कप्तान संजू के बीच एक बेहतरीन साझेदारी हुई जिसकी राजस्थान को बहुत जरूरत थी। लेकिन संजू संतनेर के शिकार हो गए और उन्होंने 20 गेंदों पर 15 रन बनाय। जिसमे सिर्फ 2 चौके शामिल थे। संजू के जाने बाद देवदत आय जो जल्दी चले गए उन्होंने 9 गेंदों में मात्र 3 रन बनाय। उसके बाद रवीचंद्रन अश्विन ने आते तूफानी बैटिंग शुरू कर दी। अश्विन और यशश्वी के बीच एक छोटी सी साझेदारी भी देखने को मिली लेकिन यशस्वी 59 रन बनाकर आउट हो गए उन्होंने ये रन 44 गेंदो पर बनाया। जिसमे 8 चौके और 1 छक्का शामिल था। अश्विन ने बेहतरीन 40 रन बनाकर टीम को जीत दिला दी। अश्विन की 40 रन की पारी मात्र 23 गेंदों पर आई जिसमे 2 चौके और 3 शानदार छक्के शामिल थे। और इसी जीत के साथ राजस्थान ने टॉप 2 में जगह भी अपनी पक्की कर ली। बात करे सीएसके की बॉलिंग की तो उतनी खास नहीं रही। सीएसके की ओर से मुकेश चौधरी सबसे महंगे साबित हुए। उन्होंने 4 ओवर में 41 रन लूटा दिए। प्रशांत सोलंकी ने 2 ओवर में 20 रन देकर 2 विकेट निकाले। मोइन अली ने जितनी शानदार बैटिंग की उतनी ही शानदार गेंदबाजी भी,उन्होंने 4 ओवर में 21 रन देकर 1 विकेट लिए। इस तरह से इस सीजन का चेन्नई का सफर खत्म हो गया।

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