गर्मियों के मौसम में कुछ लोगों को शरीर की दुर्गध की समस्या हो जाती है । ऐसे में कुछ टिप्स आपके शरीर की दुर्गन्ध को दूर करने में मदद करेंगे । गर्मियों के मौसम में ज्यादातर शरीर में कई तरह की समस्याएं होने लगती है । जैसे कि डिहाइड्रेशन, सनबर्न, रेशेस आदि । लेकिन कुछ लोगों को तन की दुर्गध की भी समस्या हो जाती है । कुछ लोगों में यह समस्या इतनी खतरनाक होती है कि वह अगर पास में बैठ जाए तो परेशानी होने लगती है । जो लोग ज्यादा तीखा या फिर मोटापे का शिकार होते है । उनको हार्मोन से जुड़ी परेशानी होती है या फिर एसिडिटी के कारण भी इस समस्या के वह शिकार होते है , जिसके कारण उनको ज्यादा पसीना आता है और साथ ही साथ शरीर से बदबू भी आती है । गर्मियों के मौसम में पसीना हर किसी को आता है, लेकिन पसीने से आने वाली स्मेल की बात करें तो बहुत से लोगों को इस कारण शर्मिदगी का सामना करना पड़ता है । पसीने से स्मेल आने के कई कारण हो सकते है । लेकिन अगर आपके पसीने से बेहद गंदी स्मेल आती है , तो यह कुछ बीमारियों की तरफ भी इशारा करता है ।

गर्मियों के मौसम में पसीना आना काफी आम होता है । कुछ लोगों के पसीने से इतनी गंदी स्मैल आती है कि उनके साथ दो मिनट बैठना भी भारी हो जाता है । ऐसे लोगों को पसीने से आने वाली बदबू के कारण शर्मिदगी का सामना करना पड़ता है । गर्मियों के मौसम में ज्यादातर शरीर में कई तरह की समस्याएं होने लगती है । जैसे कि डिहाइड्रेशन, सनबर्न, रेशेस आदि । लेकिन कुछ लोगों को तन की दुर्गध की भी समस्या हो जाती है । कुछ लोगों में यह समस्या इतनी खतरनाक होती है कि वह अगर पास में बैठ जाए तो परेशानी होने लगती है । जो लोग ज्यादा तीखा या फिर मोटापे का शिकार होते है । उनको हार्मोन से जुड़ी परेशानी होती है या फिर एसिडिटी के कारण भी इस समस्या के वह शिकार होते है , जिसके कारण उनको ज्यादा पसीना आता है और साथ ही साथ शरीर से बदबू भी आती है ।

 

शरीर से इस वज़ह से आती है बदबू –

जब हमारे शरीर का पसीना त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया के संपर्क में आता है , तो इससे शरीर में बदबू आती है ।‌ बता दें कि पसीने की अपनी कोई स्मैल नहीं होती‌ है ।‌ त्वचा की सतह पर मौजूद पसीने की ग्रंथियों से पसीना आता है । हमारे शरीर मे दो तरह की पसीने की ग्रंथियां होती है- एक्क्राइन और एपोक्राइन‌। यह शरीर में स्मेल पैदा करने के लिए एपोक्राइन ग्रंथियां जिम्मेदार होती है । हालांकि हमारी त्वचा के बैक्टीरिया पसीने के साथ मिलकर बदबू पैदा करते है । शरीर से मीठी, खट्टी, तीखी या प्याज जैसी स्मेल आ सकती है । गर्मियों के मौसम में पसीना हर किसी को आता है, लेकिन पसीने से आने वाली स्मेल की बात करें तो बहुत से लोगों को इस कारण शर्मिदगी का सामना करना पड़ता है । पसीने से स्मेल आने के कई कारण हो सकते है । लेकिन अगर आपके पसीने से बेहद गंदी स्मेल आती है , तो यह कुछ बीमारियों की तरफ भी इशारा करता है । हमारे पसीने की मात्रा आपके शरीर की गंध को प्रभावित नहीं करती है ।‌ इसलिए किसी व्यक्ति को अगर पसीना नहीं भी आता तो भी उसके शरीर से दुर्गध आ सकती है । वही, अगर किसी व्यक्ति को पसीना बहुत ज्यादा आता है, तो इसका यह मतलब नहीं कि उसके शरीर से दुर्गध भी आएगी । शरीर से आने वाली स्मैल इस बात पर निर्भर करती है कि आपके शरीर में किस तरह के बैक्टीरिया है और ये बैक्टीरिया पसीने से कैसे संपर्क करते है ।

 

इन ग्रंथियों से आता है पसीना-

पहली ग्रंथि है एक्क्राइन ग्रंथियां स्किन की सतह पर पसीना लाती है ।‌ जैसे ही पसीना सूखता है, ये हमारी स्किन को ठंडा करने और बॉडी टेंपरेचर को कंट्रोल करने में मदद करती है । यह हमारे शरीर में बदबू पैदा नहीं करती है । जब किसी फिजिकल एक्टिविटी या गर्मी की वजह से बॉडी टेंपरेचर बढ़ता है तो स्किन से पसीना का सूखना ठंडक पैदा करता है‌ । एक्क्राइन ग्रंथियां हथेलियों और तलवों के साथ ही शरीर के बहुत से हिस्सों को कवर करती है । वही दूसरी ग्रंथि है एपोक्राइन ग्रंथियां पसीने का उत्पादन करती है , जो आपकी त्वचा पर बैक्टीरिया के संपर्क में आने पर दुर्गंध पैदा करती है‌ । युवावस्था तक एपोक्राइन ग्रंथियां काम करना शुरू नहीं करती है , यही वजह है कि छोटे बच्चों के शरीर में बदबू नहीं आती है ।

 

शरीर में पसीना क्यों आता है-

पसीना आना शरीर का एक नेचुरल प्रोसेस होता है । लेकिन कुछ चीजों के सेवन, जेनेटिक और हाइजीन के चलते पसीने से दुर्गध आने लगती है । जैसे कि-प्याज,लहसुन,पत्ता गोभी , ब्रॉकली,फूलगोभी, लाल मांस आदि । इसके अलावा कैफीन, मसालेदार चीजें और शराब भी हमारे शरीर के बदबू को बढ़ा सकती है । हमारे पसीने की मात्रा आपके शरीर की गंध को प्रभावित नहीं करती है ।‌ इसलिए किसी व्यक्ति को अगर पसीना नहीं भी आता तो भी उसके शरीर से दुर्गध आ सकती है । वही, अगर किसी व्यक्ति को पसीना बहुत ज्यादा आता है, तो इसका यह मतलब नहीं कि उसके शरीर से दुर्गध भी आएगी । शरीर से आने वाली स्मैल इस बात पर निर्भर करती है कि आपके शरीर में किस तरह के बैक्टीरिया है और ये बैक्टीरिया पसीने से कैसे संपर्क करते है । इसके अलावा भी ऐस बहुत से कारण है, जिन वजहों से पसीने से बदबू आती है । उदाहरण के लिए दवाई, सप्लीमेंट्स के सेवन से भी पसीने में स्मैल आ सकती है । कुछ बीमारियां भी पसीने से स्मेल आने के लिए जिम्मेदारी होती हैं जैस कि डायबिटीज, गठिया, मेनोपोज, ओवरएक्टिव, थायराइड,लिवर की बीमारी, किडनी की बीमारी और संक्रामक रोग आदि । अगर आपको डायबिटीज है, तो पसीने की स्मैल में बदलाव डायबिटीज केटोएसिडोसिस का संकेत हो सकता है । हाई कीटोन के लेवल के कारण आपका ब्लड एसिडिक हो जाता है जिससे आपके पसीने से फ्रूटी स्मेल आती है । लीवर या किडनी की बीमारी होने पर, शरीर में टॉक्सिन जमा हो जाते है जिससे पसीने से ब्लीच की तरह बदबू आती है ।

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