महिलाओं को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है । खासकर 30 साल की उम्र के बाद महिलाओं को अपने सेहत और मेंटल इलनेस का जरूर ध्यान रखना चाहिए । महिलाएं पुरुषों के मुकाबले बहुत अलग होती है क्योंकि महिलाओं को प्रेगनेंसी और मैनोपोज जैसी स्थितियों से गुजरना पड़ता है । इसके अलावा भी दिल की समस्या और ऑडियो का कमजोर होना अधिक रूप में महिलाओं में ही पाया जाता है । इसीलिए महिलाओं को अपनी सेहत का विशेष रुप से ध्यान देना चाहिए और एक बैलेंस और हेल्दी डाइट अपने रोजमर्रा के जीवन में शामिल करना चाहिए ।

 

कुछ ऐसी स्वास्थ्य समस्याएँ होती है, जो सिर्फ महिलाओं को होती है । लेकिन महिलाएँ अक्सर इन छोटी-छोटी चीजों के बारे में लापरवाह होती है और जिसके कारण उन्हें बाद में समस्याओं का सामना करना पड़ता है ।पुरुषों के मुकाबले संबंधित बीमारियां अधिक देखा जाता है । महिलाएं हमारे समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा है इसलिए महिलाओं को अपना स्वास्थ संबंधित जानकारी होना और अपना ध्यान रखना बहुत ही आवश्यक है । हमारे हर रोज के दिनचर्या में अक्सर देखा गया है कि घर और ऑफिस की जिम्मेदारियों के बीच महिलाएं अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देती है । उनके ऊपर घर के साथ- साथ ही ऑफिस कई सारी जिम्मेदारियां रहती है , जिसके चलते अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दे पाती है । लेकिन महिलाओं को स्वास्थ्य को नजरअंदाज करना बहुत ही घातक हो सकता है । महिलाएं कई उपेक्षा में पुरुषों से भिन्न होती है । इसकी वजह महिलाओं और पुरुषों के शरीर में पाई जानी वाली जैविक और लिंग संबंधी भिन्नताएं है । इसी वज़ह से महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों पुरुषों की अपेक्षा में अधिक होती है और इस पर ध्यान देना बहुत ही जरूरी होता है ।अनियमित खान-पान और तनाव की वजह से बहुत सारी महिलाओं की योनी के बाल भी उम्र से पहले हीं सफेद हो जाते है । इसलिए समय पर और शरीर को लाभ पहुँचाने वाला भोजन करना चाहिए ।

 

 

बढ़ती उम्र के साथ बीमारियों से बचने के लिए ये है महिलाओं के लिए हेल्थ टिप्स –

 

  • महिलाओं में मुख्य रूप से हमारी भारतीय महिलाओं में प्रोटीन की कमी पाई जाती है । इसलिए उन्हें हमेशा प्रोटीन से भरपूर आहार का सेवन करना चाहिए ।अनियमित खान-पान और तनाव की वजह से बहुत सारी महिलाओं की योनी के बाल भी उम्र से पहले हीं सफेद हो जाते है । इसलिए समय पर और शरीर को लाभ पहुँचाने वाला भोजन करना चाहिए ।
  •  महिलाओं को विशेष रूप से अपनी डायट में नैचुरल और ऑर्गनिक चीज़ें शामिल करना चाहिए । साबुत अनाज, हाई-फाइबर फूड, और लीन मीट जैसे फूड महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद होते है । बहुत अधिक शक्कर, नमक और तेल वाली चीज़ों के सेवन से बचना चाहिए । क्योंकि इन सभी चीजों से मोटापे और उससे जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ता है और शरीर में कई सारी बीमारियों का कारण भी होता है ।
  • यूटरस कैंसर निचले गर्भाशय में होता है और इसकी शुरुआत फैलोपियन ट्यूब से होती है । इसके कारण महिलाओं को गर्भाशय का कैंसर होने पर अनियमित ब्लीडिंग और डिस्चार्ज के साथ पेड़ू या पेल्विक जननांग से ऊपर का हिस्सा में दर्द भी हो सकता है ।
  • महिलाओं में पीरियड्स और मेनोपॉज दोनों ही महिलाओं के स्वास्थ्य का सबसे गंभीर मुद्दा है । पीडियड्स का दर्द, पीरियड्स क्रैंप्स और असंतुलित पीरियड्स ज्यादातर महिलाओं को परेशान करती है । इसके अलावा पीरियड्स का अंत यानी कि मेनोपॉज में भी महिलाओं को काफी परेशानी हो सकती है ।
  • महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर जैसी समस्या देखी जाती है । ब्रेस्ट कैंसर जैसी समस्या से बचने के लिए महिलाओं को रेगुलरली इसका चेकअप करवाना चाहिए । क्योंकि चेकअप करवाने से ही क्या पहचान होती है कि ब्रेस्ट कैंसर है भी या नहीं और अगर है भी तो अपने कौन से फेस में है । महिलाएं इसका घर में खुद से जांच कर सकती है ।उनको साल में एक बार मैमोग्राफ अवश्य करवाना चाहिए ।महिलाओं में दो प्रकार के कैंसर जैसे कि स्तन और सर्वाइकल होने का खतरा सबसे अधिक रहता है ।
  • हर साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि हर साल लगभग 5 लाख महिलाएं इन दोनों प्रकार के कैंसर के चलते मौत का शिकार हो जाती है । अगर इन कैंसर के लक्षण समय रहते पता चल जाएं तो उनके ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है । ऐसा करने के लिए कई महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत होती है ।
  • रिसर्च में यह सामने आया है कि दूध और डेयरी के बहुत ज्यादा सेवन से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ता है इसलिए दूध और डेयरी के अत्यधिक सेवन से महिलाओं को बचना चाहिए ।
  • प्रेगनेंसी के दौरान कई बार बच्चे और मां को सही पोषण नहीं मिल पाता है । इसीलिए प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को हरे मटर का सेवन करना चाहिए ऐसा करने से मां और बच्चे दोनों को पोषण मिलेगा ।
  • हृदय रोग महिलाओं में हर चार में से एक मौत का कारण बन जाता है । हालांकि, लोगों का मानना है कि हृदय रोग सिर्फ पुरुषों का ज्यादा होता है, तो ऐसा नहीं है । यह स्थिति पुरुषों और महिलाओं को लगभग समान रूप से प्रभावित करती है । फिर भी, 54 प्रतिशत महिलाओं में दिल से जुड़ी बीमारियों के लक्षण देखी जाती है । इनमें हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल या धुएं के कारण होने वाले दिल से जुड़ी बीमारियां शामिल है ।
  • महिलाओं को अपने स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए रोज़ाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज़ करना चाहिए । ऐसा करने से दिल की बीमारियों का खतरा कम होती है । इसके साथ ही स्ट्रेस, डिप्रेशन और एंग्ज़ायटी जैसी परेशानियों से भी राहत मिलती है । एक्सरसाइज हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही आवश्यक है यह हमारे फिजिकल बैलेंस के साथ मेंटल वैलनेस में भी आवश्यक भूमिका अदा करता है ।
  • महिलाओं को स्वास्थ रहने के लिए अधिक से अधिक फल और सब्जियां खानी चाहिए । साबुत अनाज चुनें, सफेद की जगह ब्राउन राइस ट्राई करना चाहिए । मैदा की जगह, गेहूं से बने पास्ता पर स्विच करना चाहिए । चिकन, मछली, सेम, और फलियां जैसे लीन प्रोटीन को चुनना चाहिए । इसके अलावा अत्यधिक प्रोसेस्ड फ़ूड, चीनी, नमक, और सैचुरेटेड फैट में कटौती करनी चाहिए ।

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