उत्तर प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को योगी सरकार 2.0 बजट को मंजूरी मिल गई। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई बड़ी घोषणा की है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बजट सत्र के दौरान अनेक उपलब्धियां रही हैं। 8 दिन की कार्यवाही हुई है। सीएम ने कहा कि सदन देर रात तक चला है, उन्होंने इसमें भाग लेने के लिए सदन के सभी सदस्यों का धन्यवाद दिया। सरकार मजबूती के साथ 25 करोड़ लोगों के लिए काम करेगी। इसी दौरान उन्होंने विधायक निधि बढ़ाने का ऐलान किया। सीएम ने विधायक निधि को बढ़ा कर पांच करोड़ कर दिया है जो पहले तीन करोड़ थी।

 

चर्चा की कुछ महत्यपूर्ण बाते 

 

  • 2017 से 2022 के बीच हम लोग 09 एयरपोर्ट क्रियाशील कर चुके हैं। आज 77 गंतव्यों तक एयर कनेक्टिविटी है। ‘उड़ान’ योजना के अंतर्गत इसको विस्तार दिया जा रहा है

 

  • मैटरनल एनीमिया, संस्थागत प्रसव, शिशु मृत्यु दर सहित स्वास्थ्य के सभी मानकों पर प्रदेश में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। संस्थागत प्रसव 67.80% से बढ़कर 83.4% हो गया है

 

  • मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि आज प्रदेश में 209 लैब RTPCR की हैं जिसमें RTPCR के 02 लाख टेस्ट प्रतिदिन करने की क्षमता है

 

  • विगत पांच वर्षों में कन्नौज में 55 नई इकाइयां लगाई गई हैं। कन्नौज में इस समय 375 इकाइयां इत्र निर्माण के कार्य में लगी हुई हैं और हमने कन्नौज के इत्र के रूप में चिह्नित किया है। आज यहां के इत्र की खुशबू पूरी दुनिया में महक रही है

 

  • वर्तमान में इत्र से लगभग ₹800 करोड़ का वार्षिक व्यापार हो रहा है। कोरोना काल के बावजूद पिछले वर्ष 2.7 मिलियन यूएस डॉलर के इत्र का निर्यात किया गया है

 

  • हमारा संकल्प है विकास सबका, तुष्टिकरण किसी का नहीं। राशन हो या आवास कोई नहीं कह सकता कि उसके मत, मजहब या जाति के आधार पर योजना का लाभ नहीं मिला

 

  • हमारा देश कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था वाला है। इसलिए हम प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं

 

  • वर्ष 2016-17 में स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन में ₹11,564 करोड़ के राजस्व को वर्ष 2021-22 में बढ़ाकर ₹20,045 करोड़ किया। परिवहन में वर्ष 2016-17 में प्राप्त ₹5,148 करोड़ के राजस्व को वर्ष 2021-22 में बढ़ाकर ₹7,159 करोड़ किया गया

 

  • वर्ष 2016-17 में सेल्स टैक्स और वैट से लगभग ₹51,800 करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई, जो कोविड के बावजूद वर्तमान में बढ़कर लगभग ₹90,000 करोड़ हो गई है। वर्ष 2016-17 में एक्साइज से ₹14,273 करोड़ के सापेक्ष वर्ष 2021-22 में ₹36,000 करोड़ से अधिक प्राप्त हुए

 

  • 2020-21 की पहली तिमाही में प्रदेश की SGDP 19.6% थी। 2016-17 के बजट में आमदनी में से राज्य का कर मात्र 29% था। हमने 05 वर्ष में प्रदेश के राजस्व में 36.5 फीसदी बढ़ोतरी की है

 

  • प्रदेश का बढ़ा हुआ राजस्व, राज्य के विकास का आधार बन रहा है। हम प्रदेश को प्रधानमंत्री जी की मंशा के अनुरूप एक नई दिशा देने में सफल हुए हैं। आज प्रदेश की छवि बदली है

 

  • नेचुरल फार्मिंग बगैर गो-माता के संभव नहीं है। सरकार उसी दिशा में आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है

 

  • वित्तीय प्रबंधन के माध्यम से राजस्व चोरी को रोका गया है। प्रदेश के बजट का एक बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश सरकार अपने स्रोतों से वहन कर रही है, यह एक महत्वपूर्ण बात है

 

  • कोविड कालखंड के दौरान प्रदेश स्तर पर कोई भी नया टैक्स नहीं लगाया गया। सरकार प्रदेश की जनता-जनार्दन के साथ पूरी संवेदना के साथ खड़ी रही

 

  • 2017-18 का बजट किसानों को समर्पित था 2018-19 का औद्योगिक विकास के लिए था 2019-20 का महिला सशक्तीकरण हेतु 2020-21 का इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 2021-22 का विभिन्न वर्गों के स्वावलंबन हेतु 2022-23 का आत्मनिर्भर यूपी व ‘अंत्योदय’ की संकल्पना को समर्पित है

 

  • हम लोग अपने संकल्प के विकल्प का बहाना नहीं ढूंढते। हमने हमेशा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ का प्रतिनिधित्व करने वाला बजट प्रस्तुत किया है

 

  • जब तक हमारे लक्ष्य ऊंचे नहीं होंगे, तब तक हमारी उपलब्धियां बड़ी नहीं होंगी। प्रदेश में बजट का दायरा बढ़ा है। 2016 में प्रदेश का बजट लगभग ₹03 लाख करोड़ का था। आज ₹6.15 लाख करोड़ का है, यानी बजट दोगुना हुआ है

 

  • सरकार की कोई स्कीम व्यक्ति या पार्टी के लिए नहीं होती। 2017 के बाद सरकार के कार्य प्रदेश की 25 करोड़ जनता के उत्थान के लिए हुए हैं। जनता को साक्षी मानकर हुए हैं

 

 

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