पटियाला में शुक्रवार को हुए खालिस्तानी विरोध मार्च में हिंसा हुई। और अगले ही दिन कई बड़े अधिकारियों को पद से हटा दिया गया। पंजाब के पटियाला में खालिस्तान विरोधी एक मार्च को लेकर दो समूहों में झड़प में चार व्यक्तियों के घायल होने के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं| इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया है| काली देवी मंदिर के पास दो समूहों के बीच शु्क्रवार को हुई झड़प में शिवसेना नेता हरीश सिंगला को हिरासत के बाद आज गिरफ्तार कर लिया गया है हिंसा की गाज पुलिस के तीन बड़े अफसरों पर गिरी है| पटियाला के आईजी राकेश अग्रवाल को हटा दिया गया है| जबकि डिप्टी एसपी और एसएचओ को शिफ्ट कर दिया गया है| मुखविंदर सिंह छीना को नया आईजी बनाया गया है| वहीं दीपक पारेक नए एसएसपी और वजीर सिंह नए एसपी होंगे|

 

ये था मामला।

 

झड़प काली माता मंदिर के बाहर उस समय हुई जब सिंगला के समूह ने पास के आर्य समाज चौक से “खालिस्तान मुर्दाबाद मार्च” शुरू किया था। अधिकारियों ने बताया कि निहंगों सहित कुछ सिख कार्यकर्ता, जो शुरू में दुख निवारण साहिब गुरुद्वारे पर एकत्र हुए थे, मंदिर की ओर बढ़े, और उनमें से कुछ ने तलवारें लहराईं उन्होंने बताया कि उनके जुलूस को भी अधिकारियों से अनुमति नहीं मिली थी। पुलिस ने बताया कि मंदिर के पास दोनों गुट आमने-सामने आ गए और एक दूसरे पर पथराव किया। अधिकारियों ने बताया कि मंदिर के दरवाजे बंद कर दिए गए और हिंसा को शहर में फैलने से रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात कर दिये गये। हरीश सिंगला ने कहा था कि संगठन ने मार्च का आयोजन ‘सिख फॉर जस्टिस’ की 29 अप्रैल को ‘खालिस्तान के स्थापना दिवस’ के तौर पर मनाने की घोषणा के जवाब में किया था। सिंगला ने कहा कि प्रतिबंधित गुट ‘सिख फॉर जस्टिस’ प्रमुख गुरपतवंत पन्नून ने 29 अप्रैल को खालिस्तान के स्थापना दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। पुलिस ने बताया कि हिंसा में घायल हुए चार लोगों में से दो पुलिसकर्मी हैं। उन्होंने बताया कि उनकी हालत स्थिर है। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने पटियाला में हुई ‘सांप्रदायिक झड़प’ की घटना का संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को राज्य सरकार से एक सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट तलब की।

 

हिंदू संगठनों ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम

 

पुलिस ने हिंदू संगठनों को रोष मार्च न निकालने के लिए मना लिया। एसएसपी नानक सिंह से बातचीत के बाद हिंदू संगठनों ने धरना खत्म कर दिया। हिंदू संगठनों ने मंदिर पर हमला करने वालों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। हालात सुधरने के बाद साढ़े 4 बजे ही पटियाला में इंटरनेट और SMS सेवा बहाल कर दी गई है। पहले इसे शाम 6 बजे तक के लिए बंद किया गया था।

 

हिंसा पर पहली बार बोले CM मान, समुदाय नहीं, भाजपा और अकाली दल का टकराव

 

CM भगवंत मान ने कहा कि इस मामले में केस दर्ज हो चुका है। कुछ लोग अरेस्ट हुए हैं। हिंसा में भाजपा और शिवसेना के लोग थे। दूसरी तरफ अकाली दल के लोग थे। यह दो राजनीतिक दलों का टकराव था, इसे किसी धर्म या समुदाय से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच हो रही है, जल्द ही सब सबके सामने आएगा। पंजाब में आप की सरकार की लोकप्रियता से घबराकर विपक्षी दलों ने यह सब किया। मान ने हिंसा के दिन ही भाजपा के प्रदेश प्रधान अश्वनी शर्मा के काली माता मंदिर जाने पर भी सवाल खड़े किए।

 

पंजाब पुलिस ने मिडिया को दी जानकारी 

 

पटियाला (Patiala)  के पुलिस महानिरीक्षक मुखविंदर सिंह छिना ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मामले पर 6 एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि मामले से जुड़े 24 आरोपियों की पहचान कर ली गई है। उन्होंने बताया कि हिंसा का मुख्य आरोपी बरजिंदर सिंह परवाना है। उन्होंने बताया कि कथावाचक बरजिंदर सिंह परवाना ही खालिस्तान समर्थक समूह का नेतृत्व कर रहा था और वह ही हिंसा का ‘मास्टरमाइंड’ था। बता दें कि पटियाला हिंसा के आरोपी बरजिंदर सिंह परवाना को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जब शिवसेना के सदस्यों ने ‘खालिस्तान मुर्दाबाद मार्च’ शुरू किया था, तब बरजिंदर सिंह परवाना को काली माता मंदिर के बाहर खालिस्तान समर्थक समूह का नेतृत्व करने के लिए जिम्मेदार माना गया था।

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