जया बच्चन को जब फिल्मों में काम मिलना बंद हो गया है,जब बच्चन परिवार का होने का भी फायदा नही मिल रहा तब वो बेबस नजर आने लगी है,थाली में छेद वाली जया बच्चन कहती हैं कि मोदी जी और योगी जी महिलाओं का क्या भला करेंगे? इनका महिलाओं से कोई संबंध हो तब तो ? इनका तो महिलाओं से कोई लेना-देना ही नहीं है। ये लोग तो सब त्याग कर के बैठे हैं । एक तरफ से तो ये सन्यासी का अपमान है सनातन धर्म मे लेकिन जया को क्या उनको बुढ़ापे में भी पब्लिसिटी बटोरनी है। मैं जया बच्चन को बताना चाहता हूँ कि महिलाओं को समझने के लिए, उनकी आवश्यकताओं को समझने के लिए विवाह करना आवश्यक नहीं है। हर व्यक्ति का कम से कम एक महिला से संबंध तो अवश्य होता है, उसकी माँ से,इसके अलावा उसकी बहन भी होती है, भाभी भी होती है, चाची भी होती है, सहपाठी भी होती है, सहकर्मी भी होती है। महिलाओं की ज़रूरतों को समझने के लिए सिर्फ आँखें खुली रखना ज़रूरी होता है। लेकिन जया बच्चन भारतीयों को समझा रही है कि जो विवाह करके लड़की लाता है वही परिवार का दर्द समझ पाता है। मैं हमेशा से कहता आया हूँ कि महिलाओं की बेहतरी के लिए एक महिला का, विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री बनना ज़रूरी नहीं होता। ज़रूरी होता है एक वूमेन फ्रेंडली व्यक्ति का प्रधानमंत्री बनना, अब वो पुरुष भी हो सकता है और महिला भी। मैं जया बच्चन से पूछना चाहता हूँ कि आखिर क्या वजह थी कि एक सशक्त महिला जो कई वर्षों तक प्रधानमंत्री रहने के बावजूद इस देश की महिलाओं को खुले में शौच से नही रोक पाई थी। आखिर क्यों नहीं उस महिला प्रधानमंत्री को समझ आया कि शौचालय महिलाओं की प्राथमिक आवश्यकताओं में से एक है। महिलाओं की इस ज़रूरत को किसी महिला प्रधानमंत्री ने नहीं बल्कि एक पुरुष प्रधानमंत्री ने पूरा किया। आज यदि इस देश के हर घर में, हर विद्यालय में शौचालय है तो इसका श्रेय जाता है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को। इसलिए जया बच्चन का यह कहना कि ये मोदी और योगी, महिलाओं की ज़रूरतों को क्या समझेंगे, समझ से परे है।

 

यह तो हुआ सिर्फ एक काम जो मोदी-योगी की सरकार ने महिलाओं के हित में किया है। इसके अतिरिक्त दर्जनों ऐसे कार्य हैं जो इस सरकार ने महिलाओं के लिए किए हैं।

 

आपको पता है कि महिलाओं के लिए सबसे प्रमुख मुद्दा क्या होता है? महिलाओं के लिए सबसे प्रमुख मुद्दा होता है सुरक्षा। और वह योगी सरकार ने महिलाओं को दिया है। आज उत्तर प्रदेश में कोई भी महिला बिना किसी भय के दिन या रात के किसी भी वक़्त सड़क पे निकल सकती है। किसी गुंडे-मवाली की हिम्मत नहीं है कि वो किसी लड़की को परेशान करे। पर आपको यह बात समझ में कैसे आएगी जया जी? आपके नेता मुलायम सिंह बलात्कार जैसी घटनाओं को जायज ठहराते हुए कहते हैं कि लड़कों से गलतियाँ हो जाती है और आप पूरी बेशर्मी से उस पार्टी में बनी रहती हैं। अगर आप वाकई महिलाओं की हितैषी होतीं न तो इस बात पर पार्टी छोड़ देतीं। पर नहीं। आपको महिलाओं का आत्मसम्मान नहीं, मुलायम प्रिय थे। राज्यसभा की सीट प्रिय थी। अरे आपको तो शर्म उस समय भी नहीं आई जब आप ही की पार्टी के बड़े नेता आज़म खान ने आप ही की फ़िल्म इंडस्ट्री की कलीग जया प्रदा के बारे में सार्वजनिक मंच से बहुत ही शर्मनाक बातें कहीं थीं। क्या आपने उस समय अपने नेता अखिलेश से आज़म खान को पार्टी से निकालने की माँग की? नहीं।

अरे आपने तो उस समय भी अपनी ज़बान नहीं खोली जब नरेंद्र मोदी की सरकार ने मुस्लिम महिलाओं के हक़ में तीन तलाक़ की प्रथा को ग़ैरकानूनी बना दिया था। उल्टे आपकी पार्टी तीन तलाक का समर्थन कर रही थी पर आपके मुँह से विरोध का एक स्वर तक न फूटा। इसलिए जया जी, आप महिलाओं के हितों की बात न करें तो ही अच्छा होगा। आप महिला हो सकती हैं, पर महिलाओं की हितैषी कदापि नहीं हैं। महिलाओं के हितैषी मोदी जी हैं, योगी जी हैं। और यह मैं नही कह रहा, उत्तर प्रदेश की महिलाएँ कह रही हैं और ज़ोर शोर से कह रही हैं।बल्कि ये कहना गलत नही होगा की पूरा भारत बोल रहा है। जो नहीं कह रहीं वो वही हैं जो अपनी जाति को या अपने मज़हब को अपने व्यक्तिगत हितों से ऊपर मानती हैं।

जया जी ! इस देश में करोड़ों महिलाओं को उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस सिलिंडर और चूल्हा दिया गया, क्या यह महिलाओं के हित में उठाया गया कदम नहीं था? आज सरकार के इस निर्णय से देश की करोड़ों महिलाओं का न सिर्फ समय बच रहा है बल्कि उनका स्वास्थ्य भी बेहतर हो रहा है। पाँच साल पहले तक उत्तर प्रदेश के जिन गाँवों और शहरों में सात-आठ घंटे ही बिजली आती थी, आज 18 से 20 घंटे आ रही है। क्या अधिक बिजली मिलने से महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार नहीं आया है। आज बिजली की बहुलता है तो उत्तर प्रदेश के गाँवों में भी महिलाएँ वाशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, माइक्रोवेव, इत्यादि खरीद रही हैं जिससे उन्हें न ही सिर्फ शारीरिक रूप से आराम मिला है बल्कि उनके समय की भी बचत हुई है। आप एक बात बताइए जया जी! मुद्रा योजना के अंतर्गत स्वरोजगार के लिए जो कर्ज़ दिए गए हैं उनमें से 75 प्रतिशत महिलाओं ने उठाये हैं। क्या इससे महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार आएगा या नहीं? जन धन योजना के माध्यम से करोड़ों।महिलाओं को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया है ताकि उन्हें भी इससे होने वाले लाभ मिल सकें। क्या इस योजना के तहत जो बैंक खाते खोले गए हैं उनकी वजह से महिलाओं की बचत बढ़ी है या नहीं? क्या इससे महिलाओं का हित सधेगा या नहीं?

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा के नीचे गुज़र-बसर कर रही महिलाओं को ढाई लाख रुपये पक्का मकान बनाने के लिए मिले। क्या इससे महिलाओं को लाभ होगा या नहीं? आज सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में हर महीने की 9 तारीख को गर्भवती महिलाओं की मुफ्त में जाँच हो रही है? क्या यह औरतों के हित में उठाया गया कदम है या नहीं? जया जी ! मोदी सरकार ने मैटरनिटी लीव को 12 सप्ताह से बढ़ा कर 26 हफ्ते का कर दिया। सैनिटरी नैपकिन से GST हटा दिया। सेना की सभी शाखाओं में महिलाओं को परमानेंट कमीशन दिया जाने लगा। यदि यह सरकार महिलाओं के प्रति संवेदनशील नहीं होती तो क्या ये कदम उठाती? इसके अलावा भी जया बच्चन ने योगी जी के बारे में ढेर सारी बेहूदा बातें कहीं। जैसे उन्होंने कहा कि “ये समाजवादी को परिवारवादी कहते हैं। इनको परिवार से क्या मतलब? ये तो सब छोड़ चुके हैं परिवार क्या समझेंगे।” जया जी आप बच्चन परिवार को उस नाम को डुबो रही है जिस नाम को हरिवंशराय बच्चन ने बनाया था।

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