उत्तर प्रदेश के मुखिया सीएम योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिया कि, धार्मिक स्थलों से निकाले गए सभी लाउडस्पीकर को स्कूलों को दिए जायेंगे। पिछले दिनों सीएम योगी ने निर्देश दिया था कि, जितने भी धार्मिक स्थल है सभी जगहों के लाउडस्पीकर उतारे जाएंगे चाहे वो मंदिर हो या मस्जिद और इसलिए उतारे गए सभी लाउडस्पीकर को अब स्कूलों के दान किया जा रहे जिससे बच्चो के सुबह की प्रार्थना कराया जाएगा। धार्मिक स्थलों से उतारे गए लाउडस्पीकरों को दान करने की शुरुआत गोरखपुर और प्रयागराज से हुई। वहीं, लखनऊ में यह प्रक्रिया आने वाले सप्ताह से शुरू हो जाएगी। गोरखपुर में भाजपा के लोकसभा सांसद रवि किशन ने दो लाउडस्पीकरों को प्राथमिक विद्यालयों को सौंपा। इस दौरान जिलाधिकारी विजय किरण आनंद ने कहा, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के अनुसार हमने धार्मिक स्थलों से हटाए गए लाउडस्पीकरों को नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय गोरखनाथ कन्या को सौंप दिए है।विजय किरण आनंद ने कहा कि इनका उपयोग स्कूल शैक्षिक उद्देश्यों, स्थानीय लोगों में जागरूकता फैलाने, बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रोत्साहित करने, सरकारी कल्याण कार्यक्रमों और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों से अवगत कराने आदि के लिए कर सकते हैं।

 

प्रयागराज के महाशक्तिपीठ माँ कल्याणी देवी मंदिर से उतारे गए लाउडस्पीकर।

 

वहीं, प्रयागराज में शहर के महाशक्तिपीठ माँ कल्याणी देवी मंदिर से उतारे गए लाउडस्पीकर को दारागंज स्थित संस्कृत वेद विद्यालय को दान कर दिया गया। माँ कल्याणी देवी मंदिर समिति के अध्यक्ष सुशील पाठक ने दो लाउडस्पीकरों को विद्यालय में दान किया। इसमें अब वेद ऋचाओं का सस्वर पाठ किया जाएगा। प्रयागराज के ही बहादुरगंज मुहल्ले में स्थित शाही मस्जिद ने उतारे गए लाउडस्पीकरों को नूरजहाँ बालिका इंटर कॉलेज को दान कर दिया। इस दौरान बहादुरगंज शाही मस्जिद के पेश इमाम कॉलेज के प्रबंधक हाजी अशफाक को दो लाउडस्पीकर दान किया गया। ये दोनों लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल कॉलेज में प्रार्थना और अन्य आयोजनों के दौरान इस्तेमाल किए जाएँगे। बता दें कि इससे पहले कोर्ट के आदेश के बाद सीएम योगी की पहल पर शहर के धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतार दिए गए थे। मंदिर और मस्जिद के मौलवियों और पुजारियों ने सीएम योगी की अपील के बाद स्वेच्छा से लाउडस्पीकर उतारे थे। इसके अलावा, धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकर की आवाज कम कर दी गई है।

 

कर्नाटका सरकार ने भी ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ चेताया।

 

कर्नाटक में एक हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा सोमवार को राज्य भर में अजान के खिलाफ हनुमान चालीसा का जाप शुरू करने के ऐलान के बाद पुलिस हाई अलर्ट पर है। श्रीराम सेना के संस्थापक प्रमोद मुतालिक ने सुबह 5 बजे मैसूर जिले के एक मंदिर में हनुमान चालीसा पाठ का उद्घाटन किया। उन्होंने दावा किया कि मस्जिदों में अजान के खिलाफ 1000 से अधिक मंदिरों में हनुमान चालीसा और ‘सुप्रभात’ आरती का आयोजन किया गया। उन्होंने पहले कर्नाटक मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र से कहा था कि वे भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरह धार्मिक स्थलों से अनधिकृत लाउडस्पीकरों को उतरवाने की कार्रवाई करने की हिम्मत दिखाएं। पुलिस ने श्री राम सेना के कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया है जो बेंगलुरु के एक मंदिर में हनुमान चालीसा का जाप शुरू करने की तैयारी में थे। पूरे राज्य में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, क्योंकि इस मुद्दे पर सांप्रदायिक झड़प हो सकती है। बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त कमल पंत ने भी इस विवाद की पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई से उनके आवास पर मुलाकात की और ताजा घटनाक्रम से उन्हें अवगत कराया। इस बीच, कर्नाटक के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने कहा है कि ध्वनि प्रदूषण पैदा करने वाली किसी भी गतिविधि पर अदालत के आदेश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। सभी को कोर्ट के आदेश का पालन करना चाहिए। हम कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने से नहीं हिचकिचाएंगे।

 

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