आज के बदलते जीवनशैली में प्रदूषण और खानपान में बदलाव की वजह से अक्सर महिलाओं में पीरियड्स के दिनों में बहुत अधिक दर्द की समस्या आज बेहद आम है । पीरियड्स के दौरान महिलाओं को अलग-अलग तरह की कई समस्याएं भी होती है । ‌ इस दौरान महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव होने की वजह से कई समस्याएं शुरू हो जाती है ।

पीरियड्स के दौरान महिलाएं अक्सर तनाव में रहती है । इन दिनों में महिलाओं के तनाव में रहने के दो कारण होते हैं, एक तो मनोवैज्ञानिक कारण से कि वो पीरियड्स और उससे जुड़ी असुविधाओं को लेकर बहुत सोचती हैं और दूसरा प्रीमेन्स्ट्रुअल सिंड्रोम तो आइए जानते हैं इसके बारे में-

पीरियड्स: मूडस्विंग और इसके लक्षण

प्रीमेन्स्ट्रुअल सिंड्रोम को टेंशन पीएमटी भी कहते हैं । अधिकतक महिलाओं में पीरियड्स के दौरान ये लक्षण दिखाई देते हैं । इस दौरान महिलाओं के ब्रेस्ट में सूजन आना, सिरदर्द, कमर दर्द, पेट फूलना या भूख ना लगना, इसके अलावा चॉकलेट आदि खाने की इच्छा होना । ये सब महिलाओं के साथ इन दिनों में होता है ।

इतना ही नहीं मुंहासे, उत्तेजना, थकान, अनिद्रा, उर्जा की कमी, अवसाद और मूड बदलने के लक्षण भी दिखाई दे सकते है । इन दिनों कई बार अत्यधिक दर्द होने से महिलाओं के मन में गुस्से में कई तरह के नकारात्मक विचार भी पनपते है । ये लक्षण कई बार महिलाओं के काफी हानिकारक भी हो जाते है ।

पीरियड्स

क्या होता है पीरियड्स ?

पिरियड्स एक ऐसी प्रक्रिया का हिस्सा होता है जो महिला की बच्चेदानी को बच्चा पालने के लिए और प्रजनन के लिए तैयार करती है । अगर महिला गर्भवती नहीं होती, तो उसकी बच्चेदानी की परत निकल जाती है जिससे महिला की योनि से खून के रूप में बाहर आती है । यह प्रक्रिया हर महीने होती है और इसे पिरियड्स या मासिक धर्म कहा जाता है ।

 

पीरियड्स के दौरान होने वाले बदलाव

पीरियड्स के दिनों में मूड स्विंग मुख्य रूप से होता ही है । और जैसे-जैसे दिन बढ़ते जाते हैं, वैसे ही महिलाओं का मूडस्विंग गायब हो जाते है ।

पीरियड्स में महिलाओं को होता है चिड़चिड़ापन

यह मुख्य रूप से तब होता है जब महिलाएं अपने पीरियड के दौरान पर्याप्त आराम नहीं कर रहे होते है । नींद न केवल महिलाओं को मासिक धर्म में ऐंठन से निपटने में मदद करती है । पीरियड्स के दौरान पर्याप्त नींद लें, इससे आपका चिड़चिड़ापन काफी कम होता है ।

पीरियड्स में रोने लगती है महिलाएं

सेरोटोनिन वह हार्मोन है जो हमारे मूड को नियंत्रित करता है । लेकिन अगर ये आपके शरीर में बड़ी मात्रा में होता है, तो महिलाएं लो महसूस करेंगी‌ । यही कारण है कि ये पीरियड्स के दौरान, हमेशा उच्च स्तर पर होता है और इसलिए छोटी-छोटी चीजें भी आपको थोड़ा अधिक संवेदनशील बना सकती है । इसी कारण से इन दिनों में हर बात पर महिलाओं को रोना आता है ।

पीरियड्स में आता है महिलाओं को गुस्सा

पीरियड्स काफी असहज होते हैं, इन दिनों कई तरह से हार्मोन में उतार-चढ़ाव होता है । यही कारण है कि भावनाएं कई तरह से आप पर हावी हो जाती हैं और जिस कारण से आपको बार बार गुस्सा आने लगता है‌ ।

पीरियड्स में उदास रहती है महिलाएं

उदास रहना शरीर में कम एंडोर्फिन और उच्च सेरोटोनिन के कारण होता है । ऐसे में परेशान होने से बेहतर होगा कि आप हल्की वॉक आदि करे ।व्यायाम करने से आपका पीरियड पेन कम होता है और मन को भी शांति मिलती है ।

पीरियड्स

ऐसे पाएं पीरियड्स से निजात

महिलाएं भले ही इस तकलीफ से तुरंत आराम के लिए पेन किलर दवाओं के विकल्प होते है पर कई बार महिलाएं डॉक्टरी परामर्श से इन दवाओं के लेने में हिचकिचाती है । ऐसे में इस समस्या से आराम के लिए ऐसे कई घरेलू उपाय है जिन्हें मासिक धर्म के समय होने वाले तेज दर्द में आराम के लिए अपनाया जा सकता है । इनका न तो कोई साइड एफेक्ट है और न ही ये अधिक खर्चीली है । तो आइए जानते हैं कैसे निजात पाएं पीरियड्स की समस्या से-

दूध और दूध के बने उत्पाद का करें सेवन 

पीरियड्स के दौरान दूध और दूध के बने उत्पाद का सेवन महिलाओं के लिए बहुत ही आवश्यक होता है। जिन महिलाओं के शरीर में कैल्शियम की कमी होती है , उन्हें मासिक धर्म से संबंधित समस्याएं अधिक होती है । ऐसे में न सिर्फ पीरियड्स बल्कि हमेशा दूध व डेयरी उत्पाद का सेवन महलिओं के बहुत जरूरी है , क्योंकि इनमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है । इसलिए दूध और दूध के बने उत्पाद का सेवन करने से महिलाओं में पीरियड से हो रहे दर्द से छुटकारा मिलता है ।

चुकंदर, गाजर और खीरे के साथ जूस बनाकर पीएं

अक्सर यह देखा गया है कि पीरियड्स के दौरान महिलाओं में गैस्ट्रिक की समस्या बढ़ जाती है , जिसकी वजह से भी पेट में तेज दर्द होता है । अजवाइन का सेवन इससे निपटने में बेहद कारगर है । आधा चम्मच अज्वाइन और आधा चम्मच नमक को मिलाकर गुनगुने पानी के साथ पीने से दर्द से तुरंत राहत मिल सकती है ।

इसके अलावा, पीरियड्स के दिनों में अज्वाइन को चुकंदर, गाजर और खीरे के साथ जूस बनाकर पीने से भी दर्द नहीं होता । इसे महिलाएं पीरियड्स के दौरान करेंगे तो उन्हें जल्द ही पीरियड्स पेन से छुटकारा मिल जाएगा या फिर महिलाएं चाहे तो अजवाइन को चाय में डालकर भी इसका सेवन कर सकती है और पीरियड्स से हो रहे है पेन से छुटकारा पा सकती है ।

पीरियड्स में अदरक का करें सेवन

पीरियड्स में दर्द के दौरान अदरक का सेवन भी तुरंत  दर्द से राहत पहुंचाता है । एक कप पानी में अदरक के टुकड़े को बारीक काटकर उबाल ले और चाहें तो इसमें स्वादानुसार शक्कर भी मिला लें । दिन में तीन बार भोजन के बाद इसका सेवन कर सकते है । अगर महिलाएं ऐसा ना करना चाहे तो अदरक को कूटकर इसे चाय में मिलाकर पीने से भी पीरियड से हो रहे है दर्द से बहुत चल छुटकारा पा सकता है ।

 

पीरियड्स में पपीते का करें सेवन

कई बार ऐसा होता है कि पीरियड्स के दौरान फ्लो ठीक तरीके से न हो पाने के कारण भी महलिओं को अधिक दर्द होता है । ऐसे में महिलाओं को पपीते का सेवन एक बेहतरीन विकल्प है । पपीते का सेवन करने से पीरियड्स के दौरान फ्लो ठीक संतुलित तरीके से होता है, जिससे दर्द नहीं होता है। इसीलिए महिलाओं को पीरियड्स के दौरान पपीते का अवश्य ही सेवन करना चाहिए।

पीरियड्स मूडस्विंग

पीरियड्स ना आने पर करें ये उपाय

खाना खाने के बाद तो सौंफ खाना पसंद किया ही जाता है क्योंकि ये खाने को पचाने में मदद करता है । लेकिन ये सौफ महिलाओं के पीरियड्स जल्दी लाने में भी मदद करता है । आप चाहें तो सौंफ की चाय बनाकर पी सकते है , जो कि एक औषधीय चाय के रूप में काम करेगी । इस बात का ध्यान रखना है कि इसके साथ कुछ खाना नहीं है । बस, सुबह खाली पेट लेना है ।

यह चाय खाली पेट लेना ही फायदेमंद साबित होता है । इस चाय को बनाने का तरीका थोड़ा अलग है‌ । इसके लिए बस आपको रात भर सौंफ को एक गिलास पानी में भिगोकर रखना है । उसके बाद सुबह छानकर पी लेना है । अब यह ही नुस्खा आपके पीरियड्स लाने में मदद करेगा ।

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