सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की पत्नी साधना गुप्ता का लखनऊ के पिपराघाट पर रविवार दोपहर अंतिम संस्कार कर दिया गया । बेटे प्रतीक यादव ने उनके पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी ।  इस मौके पर यादव परिवार के सदस्य, सपा नेता-कार्यकर्ता व उनके शुभचिंतक भी मौजूद थे ।लोगों ने मुलायम परिवार के लोगों को सांत्वना दी । उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी रविवार को उनके अंतिम दर्शन किए । भाजपा नेता रीता बहुगुणा जोशी भी साधना गुप्ता को अंतिम विदाई देने के लिए मुलायम के आवास पर पहुंची । इसके पहले शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर शोक व्यक्त किया था ‌ उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की पत्नी साधना का निधन अत्यंत दु:खद है । मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ है ।

 

शनिवार शाम से ही मुलायम के आवास पर सपा कार्यकर्ताओं और उनके शुभचिंतकों का जमावड़ा शुरू हो गया । लोगों ने मुलायम परिवार के लोगों को सांत्वना दी । उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी रविवार को उनके अंतिम दर्शन किए । भाजपा नेता रीता बहुगुणा जोशी भी साधना गुप्ता को अंतिम विदाई देने के लिए मुलायम के आवास पर पहुंची । इसके पहले शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर शोक व्यक्त किया था ‌ उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की पत्नी साधना का निधन अत्यंत दु:खद है । मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ है । प्रभु श्री राम दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान व उनके परिजनों को यह दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करें । ॐ शांति ! वही उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने ट्वीट कर कहा कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की धर्मपत्नी साधना गुप्ता के निधन की दुःखद सूचना प्राप्त हुई । ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि गोलोकवासी पुण्यात्मा को शांति व परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें । ॐ शांति शांति शांति ।

 

पहली पत्नी के निधन के बाद मुलायम सिंह यादव ने साधना को पत्नी का दर्जा दिया

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी यानी साधना गुप्ता का आज गुडंगांव के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया । वह कुछ समय से बीमार चल रहीं थी । 62 साल की साधना गुप्ता मूल रूप से यूपी के इटावा के बिधुना अब औरैया जिले की रहने वाली थी । साल 2003 में पहली पत्नी मालती देवी के निधन के बाद मुलायम सिंह यादव ने साधना को पत्नी का दर्जा दिया था । पहले पति चंद्र प्रकाश गुप्ता से अलग होने के बाद साधना गुप्ता ने राजनीति में कदम रखा । वह पार्टी की कार्यकर्ता थीं। इस दौरान उनकी मुलाकात मुलायम सिंह यादव से होने लगी । दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगी थी । हालांकि, इसके पहले भी साधना के बेटे प्रतीक यादव के स्कूल में पिता की नाम की जगह मुलायम सिंह यादव ही लिखा जाता था ।

 

मुलायम सिंह की दुसरी पत्नी थी साधना 

साधाना गुप्ता की शादी 4 जूलाई साल 1986 को फर्रुखाबाद के व्यापारी चंद्रप्रकाश गुप्ता से हुई थी । इसके एक साल बाद 7 जुलाई साल 1987 को उन्होंने बेटे प्रतीक यादव को जन्म दिया । प्रतीक के जन्म के करीब दो साल बाद साधना और चंद्रप्रकाश अलग हो गए । दोनों का तलाक हो गया । पहले पति चंद्र प्रकाश गुप्ता से अलग होने के बाद साधना गुप्ता ने राजनीति में कदम रखा । वह पार्टी की कार्यकर्ता थी । इस दौरान उनकी मुलाकात मुलायम सिंह यादव से होने लगी । दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगी थी ।

 

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी साधना गुप्ता के निधन पर जताया शोक

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी साधना गुप्ता के निधन पर शोक जताया । उन्होंने कहा, “इस कठिन समय में ईश्वर परिवार व परिजनों को शक्ति प्रदान करें, प्रभु दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों मे स्थान दें । मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवार के प्रति प्रेषित है ।

 

पहली पत्नी के मौत के बाद मुलियम ने साधना को अपनाया 

साल 1987 में पति से अलग होने के बाद साधना मुलायम की जिंदगी में आई । दोनों की मुलाकात बढ़ती गई और प्यार भी । इस बीच, साधना मुलायम के लिए लकी साबित हुई । साल 1989 में मुलायम यूपी के मुख्यमंत्री बन गए । साल 2003 में मुलायम सिंह यादव ने सार्वजनिक तौर पर पहली बार साधना गुप्ता को अपनी पत्नी का दर्जा दिया । उसी साल मुलायम की पहली पत्नी और अखिलेश यादव की मां मालती देवी का निधन हुआ था । साधना गुप्ता को पत्नी स्वीकार करने पर अखिलेश यादव अपने पिता से काफी नाराज हुए थे । साधना गुप्ता को पत्नी स्वीकार करने पर अखिलेश यादव अपने पिता मुलायम सिंह यादव से नाराज हो गए । कहा जाता है कि तब समझौता हुआ था कि साधना के बेटे प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहेंगे । साधना भी राजनीति से दूर ही रहीं । हालांकि, बाद में साधना गुप्ता की बहू और प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव ने जरूर राजनीति में कदम रखा । अपर्णा विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुकी है । अपर्णा फिलहाल भाजपा में है ।

 

अखिलेश यादव की बायोग्राफी में है साधना गुप्ता का जिक्र 

अखिलेश यादव की बायोग्राफी ” बदलाव की लहर ” में मुलायम सिंह और साधना के रिश्ते का भी जिक्र है । इस किताब में बताया गया है कि मुलायम की मां मूर्ती देवी अक्सर बीमार रहती थी । उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था । तब साधना गुप्ता मूर्ति देवी की देखभाल और ध्यान रखती थी‌ । एक बार सैफई मेडिकल कॉलेज में एक नर्स गलत इंजेक्शन लगाने जा रही थी, उस वक्त साधना ने ही नर्स को रोका था । दरअसल, साधना भी नर्स रही थी । उन्होंने नर्सिंग का कोर्स करने के बाद उन्होंने कुछ दिनों तक नर्सिंग होम में काम भी किया था । जब यह बात मुलायम को मालूम हुई तो वह साधना से काफी प्रभावित हुए थे । शुरुआत में अमर सिंह इकलौते ऐसे शख्स थे जो जानते थे कि मुलायम को प्यार हो गया है । उन्होंने किसी से कहा नहीं । मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 1988 में पहली बार मुलायम ने अखिलेश को साधना गुप्ता से मिलवाया था । तब वो 15 साल के थे। कहा जाता है कि उस वक्त अखिलेश को साधना अच्छी नहीं लगी थी । एक बार तो साधना ने उन्हें थप्पड़ मार दिया । इसके कुछ समय बाद मुलायम ने अखिलेश को पढ़ाई के लिए राजस्थान के धौलपुर स्थिति मिलिट्री स्कूल भेज दिया ।

 

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