पूरी दुनिया में जारी कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट के संक्रमण से अभी पूरा दूनिया जुझ ही रही थी कि अब कोरोनावायरस के एक और वेरिएंट में ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों और की चिंता बढ़ा दी है। इस नए वेरिएंट का नाम “डेल्टाक्राॅन” है, अब यह नया वैरिएंट तेजी से अपना पैर पसार रहा है।

अगर आपको लगता है कि कोरोना का कहर देश और दुनिया से खत्म हो चुका है , तो ठहर जाइए अभी भी कोरोनावायरस का कहर जारी है। हालांकि कई देशों में वैक्सीनेशन के बाद भी कोरोना के मामले लगातार सामने आ रहे है। कोरोनावायरस के कई वैरिएंट अब तक लोगों के सामने आ चुके है। जिसमें ओमिक्रॉन को अब तक का सबसे तेज़ी से फैलने वाला कोरोना वैरिएंट बताया जा रहा था, लेकिन ओमिक्रॉन की तुलना में डेल्टा वैरिएंट अधिक घातक बताया गया।

 

क्या है कोरोनावायरस का नया वेरिएंट डेल्टाक्राॅन- 

डेल्टाक्राॅन को ओमिक्रॉन और डेल्टा का हाइब्रिड वैरिएंट बताया जा रहा है। कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज जब डेल्टा और ओमिक्रॉन दोनों वैरिएंट प्रभावित होते है, तो उसे डेल्टाक्राॅन वैरिएंट से संक्रमित माना जा सकता है। इस वैरिएंट के बारे में यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी की साप्ताहिक वैरिएंट सर्विलांस रिपोर्ट में बताया गया कि नए वैरिएंट से जुड़े रोगों की गंभीरता और वैक्सीन का प्रभाव पता नहीं चल सका है। लेकिन फिलहाल अधिकारियों ने इसे कम गंभीर श्रेणी के वैरिएंट में रखा है।इस वजह इसके अभी तक के बहुत कम मामले सामने आए है। हालांकि यह वैरिएंट भी बहुत तेज़ी से अपना पैर पसारेगा।

ज्यादातर देशों में पिछले साल डेल्टा वैरिएंट का प्रभाव देखने को मिला है। जिसमें अब तक ओमिक्रॉन और डेल्टा वैरिएंट के मिलने से नए वैरिएंट का खतरा दिखने लगा है। वही अब ब्रिटेन में डेल्टाक्राॅन वैरिएंट का पहला मामला सामने आया है। इसके पहले साइप्रस में डेल्टाक्राॅन वैरिएंट का पता लगाया गया था। उस समय साइप्रस यूनिवर्सिटी में जैव प्रौद्योगिकी और मॉलिक्यूलर बायोलॉजी की प्रयोगशाला के प्रमुख डॉ. लियोन्डियोस कोस्ट्रिक्स ने डेल्टाक्रॉन की खोज की थी।अब यह दावा किया गया कि यह हाइब्रिड वैरिएंट बेहद संक्रामक ओमिक्रॉन का स्थान ले सकता है। हालांकि कई विशेषज्ञों ने तब इस वैरिएंट को लेकर प्रयोगशाला की गलती बताई है।

 

कहां से आया यह कोरोनावायरस का नया वेरिएंट डेल्टाक्राॅन-

सूत्रों के मुताबिक ब्रिटेन में एक वैरिएंट के पता चलने के बाद यूके हेल्छ सिक्योरिटी एजेंसी की साप्ताहिक वैरिएंट सर्विलांस रिपोर्ट को डेली मेल ने प्रकाशित किया। हालांकि हाइब्रिड वैरिएंट की उत्पत्ति ब्रिटेन में हुई है या फिर यह बाहर से आया है इसका तो अभी तक पता नहीं चल सका है। साइप्रस में भी डेस्टाक्राॅन वैरिएंट के मामले सामने आ चुके है। हालांकि डेल्टाक्राॅन को ओमिक्रॉन और डेल्टा का हाइब्रिड वैरिएंट बताया जा रहा है।

 

कितना ख़तरनाक है कोरोनावायरस का यह नया वैरिएंट-

ईस्ट एंग्लिया यूनिवर्सिटी में संक्रामक रोग के विशेषज्ञ प्रोफेसर पॉल हंटर ने इस बात का तर्क दिया कि यूके में डेल्टा और ओमिक्रॉन दोनों वैरिएंट के खिलाफ इम्युनिटी का स्तर बहुत मजबूत और बेहतर हो गया है। दोनों वैरिएंट के मामले इसलिए भी कम हो रहे है। ऐसे में सैद्धांतिक रूप से नए वैरिएंट का ट्रांसमिशन आसान नहीं होगा। ऐसे में डॉक्टरों और विशेषज्ञों का भी यही मानना है कि इस नए वेरिएंट से बचने के लिए वैक्सीनेशन सबसे बड़ा हथियार है।

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here