दुनिया के तमाम देशों में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के संक्रमण के मामले बहुत तेजी से बढ़तें जा रहे है। कुछ देशों में संक्रमण का कहर देखते हुए प्रतिबंध लगाना भी शुरू हो गया है। ऐसे में कोरोना की तेज़ी को बढ़तें ख़तरे को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों को इससे विशेष सावधानी बरतने की सलाह जिससे आप ओमिक्रॉन वायरस से खुद को सुरक्षित रख सकते है।

आज भारत में कुल 85 लाख से भी अधिक वैक्सीन डोज़ शाम के 7 बजे तक लगाई गई। इसके साथ ही आज देशभर में वैक्सीनेशन कवरेज़ 149.57 करोड़ के पार पहुंच गया है।स्वास्थ्य मंत्रालय के हिसाब से कोरोना के नए वैरिएंट ओमीक्रोन से संक्रमित मामलों की सूची जारी कर दी है। इन आंकड़ों के अनुसार, भारत में आमीक्रोन के 200 से भी अधिक आंकड़ा छू लिया। इसी सूची के हिसाब से महाराष्ट्र और दिल्ली से सबसे अधिक केसेज सामने आए है।

 

ओमिक्रॉन वायरस के लक्षण-

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ओमिक्रॉन वायरस के कुछ लक्षण सीजनल फ्लू जैसे हो सकते है,जिसका लोगों में अंतर करना मुश्किल और जरूरी दोनों ही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार सर्दी-जुकाम और गले में खराश जैसे लक्षण हर बार कोरोना ही नहीं होते है बल्कि ठंड के मौसम में कॉमन कोल्ड के मामले बढ़ते रहते है। सबसे ध्यान देने वाली बात यह है कि ओमिक्रॉन वायरस और कॉमन कोल्ड के कुछ लक्षण एक जैसे है। ऐसे में कोरोनावायरस और कौन-कौन दोनों के डिफरेंस को समझना अति आवश्यक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार अगर आपको ऐसे लक्षण दिखाई देते है तो आपको एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर ले लेनी चाहिए। तो आइए जानते है कि हम कैसे जानें कि यह ओमिक्रॉन वायरस है या फिर कॉमन कोल्ड है।

 

ओमिक्रॉन वायरस का लक्षण-

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ओमिक्रॉन के लक्षणों के बारे में विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। ओमिक्रॉन वायरस के लक्षणों में लोगों को हल्का बुखार, गले में खराश या दर्द, नाक बहने, खांसी- छींक आने, शरीर में दर्द और विशेषकर ओमिक्रॉन के मामलों में रात को अधिक पसीना आने की समस्या होती है। कुछ संक्रमितों में त्वचा पर चकत्ते और दाने निकलने की परेशानी के बारे में भी पता चला है, ऐसे लक्षणों पर‌ हमें विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।

 

फ्लू के लक्षण-

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक ठंड के मौसम में सीजनल फ्लू की समस्या होना आम है। सीजनल फ्लू के कुछ लक्षण ओमिक्रॉन वायरस की तरह ही होते है, इसमें दोनों में डिफरेंस जाना आवश्यक है। फ्लू में बुखार या ठंड लगने, खांसी आने, सांस की तकलीफ, थकान, गले में खराश, बंद नाक की समस्या, मांसपेशियों या शरीर में दर्द जैसी परेशानियां देखी जा सकती है। इस मौसम में ओमिक्रॉन वायरस और सीजनल फ्लू दोनों के केसेज देखे जा रहे है, इनको लेकर कोई भी हमें बिल्कुल भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए।

 

यह है डिफरेंस-

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ओमिक्रॉन वायरस और फ्लू का आसानी से डिफरेंस कर पाना बहुत ही डिफिकल्ट है। चूंकि इनके लक्षणों में दोनों ही डिफरेंस है। उदाहरण के लिए ओमिक्रॉन वायरस के विशेष लक्षणों में लोगों को कंटीन्यूअसली खांसी, बुखार अधिक होने के साथ टेस्ट और स्मेल नहीं आने की परेशानी आती है, ऐसे सिम्टम्स सीजनल फ्लू में नहीं देखे जाते। चूंकि ओमिक्रॉन में लोगों को स्वाद या गंध जैसी प्रॉब्लम भी नहीं देखी जा रही है। इस सिम्टम्स में लोगों में दो या चार दिनों तक बने रहते है और ओमिक्रॉन वायरस का डाउट है कि इसमें डॉक्टर से सलाह लेकर इसकी जांच हमें करा लेनी चाहिए। समय पर समस्या का समाधान और इलाज दोनों ही परिस्थितियों में बहुत ही जरूरी है।

ओमिक्रॉन वायरस से ऐसे करें बचाव-

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ओमिक्रॉन वायरस कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट वैक्सीनेटेड लोगों में भी संक्रमण का कारण बनता जा रहा है, ऐसे में लोगों को अपनी सुरक्षा और बचाव का ध्यान रखना चाहिए।

कोरोना वायरस के इस खतरे से सुरक्षित रहने के लिए रहने आपको इन बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए।

 

1)मास्क करेगा वायरस से सुरक्षा-

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना गंभीर रूप से लोगों में देखने को मिल रहा है। सभी लोगों को इस वायरस से बचने के लिए अलर्ट रहना बहुत ही आवश्यक है। वायरस से बचने के लिए मास्क पहनना जरूरी बताया गया है। मास्क पहनकर लोग खुद को और दूसरों को भी इस वायरस से सुरक्षित रख सकते है। डॉक्टरों की माने तो जिन लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है उन्हें भी मास्क पहनना जरूरी बताया गया है।

 

2)सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना है कारगर-

ओमिक्रॉन वायरस से बचे रहने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग के रूल्स को पालन करने की एंडवाईस दी है। स्टडीज से यह पता चलता है कि लोगों को एक दूसरे से करीबन 6 फिट की दूरी को बनाकर रखना चाहिए। इससे वायरस को फैलने से रोका जा सकता है। विशेष रूप से हमें उन स्थानों पर खतरा अधिक होता है जहां लोग इकट्ठे हो और यह दूसरे के संपर्क में हो।

 

3)इम्यूनिटी को स्ट्रांग रखना है जरूरी यह है उपाय-

ओमिक्रॉन वायरस से बचाव के लिए अपने इम्यूनिटी को स्ट्रांग रखना बहुत ही जरूरी है। इम्यूनिटी को स्ट्रांग करने के लिए उपाय करना अति आवश्यक है। वायरस का खतरा उन लोगों में अधिक होता है जिनकी इम्यूनिटी वीक है। इम्यूनिटी को स्ट्रांग बनाएं रखने के लिए काढ़ा पीना, व्यायाम, पर्याप्त नींद, पौष्टिक आहार और मौसमी फलों-सब्जियों का सेवन अधिक से अधिक करना चाहिए।

 

कैसे पता करें कि आपकी इम्यूनिटी कमजोर है-

  • जिन लोगों की इम्‍यूनिटी कमजोर होती है उनकी आंखों के नीचे के एरिया में काले घेरे बहुत ही प्रोमिनेंट होते है।
  • सुबह उठने पर अगर आप तरोताजा महसूस नहीं करते तो बहुत ज्यादा चांस है कि आपकी इम्‍यूनिटी वीक है।
  • चिड़चिड़ापन होना भी देख इम्यूनिटी का लक्षण है।
  • एनर्जी लेवल कम रहना और हर वक्‍त नींद आते रहना और लोगों की अपेक्षा में जल्‍दी थक जाना भी विक यूनिटी का लक्षण है।
  • पेट की समस्या होना डाइजेशन में दिक्कत आना भी विक इम्युनिटी का लक्षण है।

स्ट्रॉन्‍ग इम्यूनिटी के यह है लक्षण-

  • स्ट्रॉन्‍ग इम्यूनिटी होने पर हमें किसी भी तरह के संक्रमण या फिर बीमारियों को ठीक करने के लिए दवाओं की जरूरत नहीं पड़ती है।
  • जिनकी स्ट्रॉन्‍ग इम्यून सिस्टम होती है वो वायरल या दूसरे किसी भी तरह के इन्फेक्शन से खुद को नेचुरली बचा लेते है।
  • जिनकी इम्यूनिटी स्ट्रांग होती है उन लोगों में सर्दी-खांसी की समस्‍या जल्दी नहीं देखने को मिलती और अगर हो भी जाए तो ये आसानी से ठीक हो जाता है।
  • स्ट्रॉन्‍ग इम्यूनिटी वाले लोगों में कहीं भी घाव या कोई चोट लग जाए तो उसे ठीक होने में अधिक समय नहीं लगता और बहुत जल्द ठीक हो जाता है।

 

अपनी इम्यूनिटी स्ट्रांग करने के लिए इन चीजों को करें अपने भोजन में शामिल –

हेल्‍थलाइन के अनुसार अपने भोजन में साइट्रिक फ्रूट जैसे ऑरेंज, लेमन, लाइम, ग्रेपफ्रूट, टैंजेरिन, कीवी आदि फलों को शामिल करे।विटामिन सी से भरपूर भोजन का सेवन करे‌। अपने सब्जियों में रेड बेल पेपर, ब्रोकोली, लहसुन, अदरक, पालक आदि का सेवन जरूर करे। इनमें भरपूर मात्रा में एंटी ऑक्सिडेंट, विटामिन सी और इम्‍यूनिटी बूस्‍ट प्रॉपर्टीज होती है।

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