पिछले कई दिनों से भारत के अंदर शांतिदूतो का आतंक मचा हुआ है। अभी मध्य प्रदेश में रामनवमी के जुलूस पर पथराव किया गया। और आज हनुमान जन्मोत्सव पर दिल्ली के जहांगीरपुरी में हनुमान जी के सोभा यात्रा पर पथराव किया गया। सोभयात्रा के दौरान दो पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया जिसमे पुलिस के कई लोग घायल हो गए और कई गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया गया। और घायलों को बाबू जगजीवन राम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी के साथ इलाके में भरी पुलिस बल तैनात कर दी है। पुलिस प्रशासन सीसीटीवी के मदद से दंगाइयों को खोजने की कोशिश कर रही है।

 

पुलिस के सामने मुस्लिमो ने लहराएं तलवार।

 

जिस तरह से आज दिल्ली में हनुमान जी के सोभा यात्रा को रोका गया ये बहुत निंदनीय था। आखिर क्या इसकी तैयारी पहले से थी? और अगर ऐसी घटना अचानक से हुई तो इसके पीछे का कारण क्या है? आखिर क्यों देश में इस तरह का माहौल पैदा किया जा रहा। आखिर देश के अंदर मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग क्यों दंगा कराना चाहते हैं? सोशल में जहांगीरपुरी का कई वीडियो वायरल हो रहा और एक वीडियो में तो साफ देखा जा सकता है की किस तरह से मुस्लिम समुदाय की भीड़ पुलिस के सामने तलवार लहराते हुए आगे आगे बढ़ रही है। इनके इस कारनामे से साफ पता चलता है की इनकी मनसा कत्ले आम करने की है।

 

अमित शाह ने की पुलिस कमिश्नर से बात

 

इस हिंसा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस आयुक्त और विशेष पुलिस आयुक्त से फोन पर बात की. अमित शाह ने दोनों अधिकारियों को स्पष्ट तौर पर कहा कि दिल्ली में कानून व्यवस्था पूरी तरह से सुचारू रूप से चले, इसको लेकर सभी तरह के इंतजाम किए जाएं।

 

दोषियों को मिले सख्त सज़ा- अरविंद केजरीवाल

 

वहीं, इस घटना को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के जहांगीर पुरी में शोभायात्रा में पथराव की घटना बेहद निंदनीय है। जो भी दोषी हों उन पर सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए। सभी लोगों से अपील है कि वह एक दूसरे का हाथ पकड़कर शांति बनाए रखें। उन्होंने आगे कहा, ‘’बिना शांति देश तरक्की नहीं कर सकता। एजेसिंयां और दिल्ली पुलिस केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है तो केंद्र सरकार दिल्ली में शांति व्यवस्था बनाए रखे।’’

 

भिड़ से गोली तक चली।

 

जहांगीरपुरी की घटना में घायल दिल्ली पुलिस के सब इंस्पेक्टर ने आजतक से बात करते हुए बताया कि गोली भीड़ में से चलाई गई जो उन्हें लगी। उन्होंने बताया कि दोनों तरफ से एक-एक हजार लोगों की भीड़ थी। दोनों तरफ से पथराव हो रहा था।

 

मध्य प्रदेश में हनुमान जी की सोभा यात्रा पर पुलिस प्रशासन ने कई जगह पर लगाई रोक।

 

मध्य प्रदेश के खरगोन में रामनवमी जुलूस पर हुए पथराव और आगजनी के बाद प्रशासन ने हनुमान जयंती पर जुलूस निकालने की अनुमति 16 शर्तो पर दी और उस मांग को खारिज कर दिया गया जिसमे जुलूस को पुराने शहर के इलाके से निकलने के लिए कहा गया था। हनुमान जयंती के मौके पर भोपाल के खेड़ापति मंदिर से लेकर भोपाल के ओल्ड सिटी से होकर जुलूस निकालने के मांग हिंदू संगठनों के की थी जिसे भोपाल पुलिस ने खारिज कर दिया गया। पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मांग को खारिज किया पुलिस ने कहा की जुलूस शहर के अन्य जगहों से होकर गुजर सकता है लेकिन ओल्ड सिटी के इलाकों से होकर नही गुजर सकता। पुलिस प्रशासन ने ये फैसला मौलवियों के दबाव में आकर किया है। मौलवियों ने कहा की अगर जुलूस ओल्ड सिटी के इलाकों से होकर निकलता है तो दंगे हो सकते है। क्योंकि मुस्लिम इलाकों से जुलूस निकालना खतरनाक हो सकता है।

 

दिल्ली से पहले यहां हुईं घटनाएं

 

इससे पहले गुजरात, झारखंड, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में शोभा यात्रा के दौरान पथराव की घटनाएं हुईं। गुजरात में पथराव के बाद हुई हिंसा में एक शख्स की मौत हुई थी। भरतपुर में रामनवमी के अवसर पर शहर में लगाए गए स्पीकर को लेकर विवाद हुआ था। जामा मस्जिद के सामने एक पोल पर लगाए गए स्पीकर से रामनवमी के अवसर पर धार्मिक संगीत भजन चल रहे थे। शिकायत के बाद पुलिस ने स्पीकर को बंद करवा दिया है। स्पीकर को बंद कराने के लिए विश्व हिंदू परिषद के लोग मौके पर पहुंचे और नाराजगी जताई। साथ ही कहा कि रामनवमी के अवसर पर इस तरह से स्पीकर को बंद कराना हिंदू धर्म को ठेस पहुंचाना है। विश्व हिंदू परिषद कि लोगों ने मौके पर पहुंचकर जमकर नारेबाजी की।

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