जिस चैंपियन को पाने के लिए आईपीएल का खेल 67 दिनों से चल रहा था आखिरकार वो चैंपियन आज मिल ही गया। जी हां फाइनल मुकाबले में गुजरात टाइटंस ने राजस्थान रॉयल्स को हारा कर खिताब अपने नाम कर लिया। रंगारंग कार्यक्रम के साथ शुरू हुआ ये आईपीएल का फाइनल गुजरात ने जीत लिया है। टॉस जीत कर पहले बैटिंग करने उतरी राजस्थान कही भी इस मैच में गुजरात से आगे नहीं दिखी। जब जरूरत पड़ी तो गुजरात के गेंदबाजों ने राजस्थान के बल्लेबाज़ों को रोक कर रखा था और जब जरूरत पड़ी तो राजस्थान के गेंदबाजों को गुजरात के बैटरों ने खूब पीटा (रन बनाय)।

 

राजस्थान की नही चल पाई बैटिंग

 

टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करने उतरी राजस्थान की शुरुआत बहुत धीमी हुई। जयसवाल और बटलर के बीच मात्र 31 रनों की साझेदारी हुई। जब टीम को बड़े मुकाबले में इन दोनो से उम्मीदें थी तब दोनो ही खिलाड़ी टीम को एक अच्छी स्टार्ट नही दे पाय, देखा जाय तो पूरे सीजन में अगर राजस्थान को अच्छी शुरुआत मिली है तो वो एक भी मुकाबला हारे नही है लेकिन फाइनल वाले दिन ही ये जोड़ी नही चली और जब टीम का स्कोर 31 रन था तभी जयसवाल 16 गेंदों में 22 रन बनाकर आउट हो गए। उन्होंने अपने इस छोटी सी पारी में 2 छक्के और 1 चौके लगाए। जयसवाल को यश दयाल ने साई किशोर के हाथो कैच कराया। जयसवाल के आउट होने के बाद कप्तान संजू खुद पिच पर आय मोर्चा संभालने लेकिन वो भी ज्यादा देर तक नही टिक पाय और मात्र 14 रन पर आउट हो गए। संजू का फॉर्म इस पूरे सीजन में कुछ खास नहीं रहा है। संजू के आउट होने के बाद देवदत पाडिकल बैटिंग करने आय जिन्होंने 2 रन बनाने के लिए 10 गेंद खेल डाले। और उसके बाद राशिद खान के शिकार हो गए। पाडिकल की ये पारी तब आई जब उनकी टीम इस सीजन का सबसे बड़ा मुकाबला खेलने उतरी थी। अब तीन विकेट गिरने के बाद राजस्थान की स्थिति काफी खराब हो चुकी थी क्योंकि तीन विकेट के साथ साथ ओवर ज्यादा हो चुके थे और रन कम बने थे लेकिन अच्छी बात ये थी की इनफॉर्म बैटर जोस बटलर अभी भी टिके हुए थे। लेकिन फाइनल मैच में गुजरात के कप्तान हार्दिक पांड्या की गेंदबाजी का जादू चल रहा था और उन्होंने 79 के स्कोर पर ही बटलर को भी आउट कर दिया। बटलर ने आउट होने से पहले 35 गेंदों में 39 रन बनाय जिसमे 5 चौके शामिल थे। बटलर की ये पारी तब खेली गई जब वहा कोई बैटर टिक कर खेल नही पा रहा था। बटलर के आउट होने के बाद विकेट गिरने का क्रम चालू रहा। हेतम्यार भी आय और जल्दी निपट गए, उन्होंने 12 गेंदों में 2 चौके की मदद से 11 रन बनाय। आर.अश्विन जो इस सीजन में अपने बल्ले से भी जलवा दिखा चुके थे वो भी नही चले और 9 गेंदों में 6 रन बनाकर साई किशोर के शिकार हुए। रियान पराग 15 गेंदों में 15 रन बनाकर आउट हुए। बोल्ट ने 7 गेंदों में 11 रन बनाय एक छक्के की मदद से, ओबेद ने भी अंत में 5 गेंदों पर 8 रन बनाय एक छक्के की मदद से, इस तरह से राजस्थान की टीम ने गुजरात के सामने 131 रनो का छोटा सा लक्ष्य रखा। अगर वही गेंदबाजी की बात की जाए तो गुजरात की गेंदबाजी शानदार रही। गुजरात के गेंदबाजों ने एक एक रन के लिए राजस्थान की टीम को तरसा दिया था। गुजरात की ओर से सबसे शानदार गेंदबाजी खुद कैप्टन पांड्या ने किया उन्होंने अपने 4 ओवर से मात्र 17 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट निकाले। वही साई किशोर ने 2 ओवर कराए और 20 रन खर्च करके 2 विकेट निकाले। शमी,राशिद और दयाल को एक एक विकेट मिले।

 

आसानी से जीता गुजरात

 

131 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस की शुरुआत भी कुछ खास नहीं रही और रिद्धिमान शाहा तब आउट हुए जब टीम का स्कोर मात्र 9 रन था। रिद्धिमान शाहा ने आउट होने से पहले 7 गेंदों में 5 रन बनाय एक चौके की मदद से, प्रसिद्ध ने उन्हें बोल्ड कर दिया। गुजरात की टीम का पहला विकेट जल्दी गिर गया जिस से टीम थोड़ी दबाव में जरूर आ गई थी क्योंकि मैथ्यू वेड और गिल दोनो बहुत संभल कर खेल रहे थे जिस से रन रेट कम था। लेकिन वेड जैसे पूरे सीजन में असफल रहे वैसे ही फाइनल में भी असफल साबित हुए अपने टीम के लिए उन्होंने 10 गेंदों में 8 रन बनाय जिसमे एक छक्का शामिल था। वो तब आउट हुए जब गुजरात टाइटंस का स्कोर मात्र 23 रन था। वेड के आउट होने के बाद मोर्चा खुद कप्तान पांड्या ने संभाला और गिल के साथ एक अच्छी साझेदारी शुरू की जो बाद में चल कर टीम के काम भी आई। पांड्या और गिल ने मिल कर 50 से अधिक रनों की साझेदारी कर डाली, लेकिन चहल की गेंद पर पांड्या गच्चा खा गए और स्लिप में जयसवाल को आसान सा कैच थमा बैठे। पांड्या ने आउट होने से पहले लगभग अपना काम कर दिया था, उन्होंने 30 गेंदों पर 34 रनों की पारी खेली जिसमे 3 चौके और 1 छक्का शामिल था। पांड्या के बाद बैटिंग करने उतरे किलर मिलर ने आते ही गेंदबाजों की पिटाई शुरू कर दी और जल्दी ही मैच खत्म करने के फिराक में थे। गिल और मिलर ने मैच भी खत्म कर दिया, गिल ने छक्का लगाकर मैच खत्म किया। मिलर ने 19 गेंदों पर 32 रन बनाय, वही गिल ने 43 गेंदों पर 45 रन बनाकर अपनी टीम के जीत में अहम भूमिका निभाई।

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