प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को पंजाब के फिरोजपुर में एक रैली को संबोधित करने जा रहे थे। लेकिन रैली से करीब 8 किलोमीटर पहले उनके काफिले को रुकना पड़ा। बतादे की पंजाब में फिरोजपुर जिले के मुदकी के पास नेशनल हाईवे पर कुछ प्रदर्शनकारी किसानों ने प्रधानमंत्री मोदी का रास्ता रोक लिया। जहां पर करीब वो 20 मिनट तक रुके रहे। ये हमारे देश के लिए बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है की देश के प्रधानमंत्री को इस तरह से कही रोका जा रहा। ये देश के प्रधानमंत्री के सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।

 

विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखने जा रहे थे पीएम मोदी।

बुधवार की सुबह पीएम मोदी फिरोजपुर में विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखने के लिए पंजाब के फिरोजपुर जा रहे थे। पीएम मोदी के तय कार्यक्रम के मुताबिक वो यहां रैली स्थल से 42,750 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करने वाले थे, जिसमें दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे और पीजीआईएमईआर (PGIMER) सैटेलाइट केंद्र शामिल है।

 

किसानो से मिलने की भी तय हुई थी बात।

पीएम मोदी की यात्रा का कुछ किसान संगठन विरोध कर रहे थे। लेकिन अब पंजाब में किसानों ने फिरोजपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली का विरोध टाल दिया था। इस संबंध में मंगलवार रात को किसान नेताओं की केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत से मीटिंग हुई थी जिसमें फैसला हुआ कि 15 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी किसानों से मिलेंगे। इसके अलावा 15 जनवरी से पहले MSP पर कानूनी गारंटी वाली कमेटी बना दी जाएगी।

 

बारिश न रुकने के कारण सड़क मार्ग से जाने का किया गया था फैसला।

सुबह पीएम बठिंडा पहुंचे जहां से उन्हें हेलिकॉप्टर से हुसैनीवाला स्थित राष्ट्रीय शहीद स्मारक जाना था। बारिश और खराब दृश्यता के कारण, पीएम ने लगभग 20 मिनट तक मौसम साफ होने का इंतजार किया। जब मौसम में सुधार नहीं हुआ, तो यह तय किया गया कि वह सड़क मार्ग से राष्ट्रीय मेरीटर्स मेमोरियल का दौरा करेंगे, जिसमें 2 घंटे से अधिक समय लगेगा। डीजीपी पंजाब पुलिस द्वारा आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की पुष्टि के बाद वह सड़क मार्ग से यात्रा करने के लिए आगे बढ़े थे। हुसैनीवाला में राष्ट्रीय शहीद स्मारक से लगभग 30 किलोमीटर दूर, जब पीएम का काफिला एक फ्लाईओवर पर पहुंचा, तो पाया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने सड़क को अवरुद्ध कर दिया था। पीएम मोदी 15-20 मिनट फ्लाईओवर पर फंसे रहे। पीएम की सुरक्षा में यह बड़ी चूक थी।

 

जब पता था पीएम आने वाले है फिर भी सुरक्षा में कोताही क्यों की गई?

प्रधानमंत्री जी का कार्यक्रम तय था जिसकी वजह से वो सुबह एयरपोर्ट पहुंचे लेकिन मौसम साफ न होने की वजह से यह तय किया गया है पीएम सड़क मार्ग के जरिए कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। और उनके आने जाने की पूरी सुरक्षा प्रदेश के सरकार की थी। उनको जानकारी थी उसके बाद भी इस तरह को लापरवाही हुई। पंजाब सरकार को और उनके आला अधिकारियों को प्रधानमंत्री के तय किए गए रास्ते को पता था लेकिन उसके बाद भी सारे सुरक्षा बेड़ियों को तोड़ते हुए वहा आंदोलनकारी पहुंचे कैसे? ये साफ दर्शाता है की पुलिस के आला अधिकारियों और सरकार से ये बड़ी चूक हुई है। जिसकी जानकारी वहा के सरकार को पहले से थी उसके बाद भी उस रास्ते को खाली नही कराया गया और वो वहा पर आदोलन करते रहे।

 

प्रधानमंत्री के दौरे का प्रोटोकॉल क्या होता है?

जब देश के प्रधानमंत्री किसी भी राज्य या शहर के दौरे में होते है तो, उनके साथ उस समय उनके सुरक्षा में 4 सुरक्षा एजेंसियां व्यवस्था को देखती है। SPG, ASL, राज्य पुलिस और स्थानीय प्रशासन। एडवांस सिक्योरिटी संपर्क टीम (ASL) प्रधानमंत्री के दौरे से जुड़ी हर जानकारी से अपडेट होती है। ASL टीम केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी के संपर्क में होती है। केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारी ASL की मदद प्रधानमंत्री के दौरे की निगरानी रखते हैं।
स्थानीय पुलिस PM के दौरे के समय रूट से लेकर कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा संबंधी नियम तय करती है। आखिरकार पुलिस के निर्णय की निगरानी SPG अधिकारी ही करते हैं। केंद्रीय एजेंसी ASL प्रधानमंत्री के कार्यक्रम स्थल और रूट की सुरक्षा जांच करता है।

 

सुरक्षा की चूक एसपीजी की नही राज्य के स्थानीय पुलिस की है।

एसपीजी की जिम्मेदारी पीएम की सुरक्षा देने की होती है। लेकिन दौरे के समय जिस राज्य में दौरा है वहा के स्थानीय पुलिस और सिविल प्रशासन जिम्मेदार होता है। प्रधानमंत्री के रूट को तय कर उसकी जांच और उस रूट पर सुरक्षा देने का काम स्थानीय पुलिस और प्रशासन का ही होता है। प्रधानमंत्री के काफिले का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी उस राज्य के DGP की भी होती है। उनके नहीं मौजूद होने की स्थिति में दूसरे सबसे सीनियर अधिकारी प्रधानमंत्री के काफिले के साथ चलते हैं।

 

हवाई यात्रा के दौरान क्या होता है पीएम का प्रोटोकॉल।

अगर देश के पीएम किसी दौरे के लिए हेलीकॉप्टर के जरिए जा रहे है। लेकिन फिर भी किसी अन्य परिस्थिति के कम से कम एक वैकल्पिक सड़क मार्ग रखने का भी नियम होता है। इस रास्ते पर सुरक्षा व्यवस्था की जांच सीनियर पुलिस अधिकारी PM के दौरे से पहले करते हैं। इस रास्ते पर सुरक्षा जांच रिहर्सल के समय SPG, स्थानीय पुलिस, खुफिया ब्यूरो और ASL टीम के अधिकारी सभी शामिल होते हैं। एक जैमर वाली गाड़ी भी काफिले के साथ चलती है। ये सड़क के दोनों ओर 100 मीटर दूरी तक किसी भी रेडियो कंट्रोल या रिमोट कंट्रोल डिवाइस के को जाम कर देते हैं, इससे रिमोट से चलने वाले बम या IED में विस्फोट नहीं होने देता।

 

गृह मंत्री अमित शाह ने मामले की पंजाब सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नाराजगी जताई है। शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय ने पंजाब में PM की सिक्योरिटी में चूक को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। PM के विजिट के दौरान सुरक्षा में ऐसी लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जा सकती। इस मामले में जवाबदेही तय की जाएगी।

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