केरल में राहुल गांधी ने ” वन मैन वन पोस्ट ” का समर्थन करते हुए कहा, हमने उदयपुर में जो वादा किया था, उसे निभाया जाएगा । माना जा रहा है कि इशारा अशोक गहलोत की तरफ है ।

कांग्रेस में अध्यक्ष पद के चुनाव और उम्मीदवारी की चर्चाओं के बीच राहुल गांधी ने अशोक गहलोत को लेकर बड़ा संकेत दिया है । उन्होंने इशारा किया है कि अगर अशोक गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष बनते हैं तो उन्हें मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ेगा ।

कांग्रेस में एक तरफ राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा पर है, तो दूसरी ओर पार्टी के नए अध्यक्ष को लेकर सियासत गर्म है । सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ-साथ अध्यक्ष पद के लिए कई नेताओं के नाम चर्चा में है । सबके अपने-अपने तर्क है । अब इस पर राहुल गांधी ने ” वन मैन वन पोस्ट ” का समर्थन करते हुए कहा, हमने उदयपुर में जो वादा किया था, उसे निभाया जाएगा । माना जा रहा है कि इशारा अशोक गहलोत की तरफ है ।

दरअसल इस वक्त कांग्रेस में दो खेमा है । एक दबी जुबान से ये बोल रहा है कि इस बार अध्यक्ष गांधी परिवार से अलग का हो, वहीं दूसरा खेमा ऐसा है जो सोनिया और राहुल गांधी को ही अध्यक्ष बनाना चाहता है । हालांकि, सोनिया गांधी, राहुल गांधी कई बार अध्यक्ष पद से हटने के लिए कह चुके है ।

 राहुल गांधी ने ” वन मैन वन पोस्ट ” का समर्थन किया

केरल में राहुल गांधी ने ” वन मैन वन पोस्ट ” का समर्थन करते हुए कहा, हमने उदयपुर में जो वादा किया था, उसे निभाया जाएगा । बता दें कि ऐसा मान जाा रहा है कि अध्यक्ष पद के लिए अशोक गहलोत गांधी परिवार की पहली पसंद है ।

देशभर की राजनीति में इन दिनों कांग्रेस के दो मुद्दों को लेकर चर्चा जोरों पर है । पहली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा देशभर में निकाली जा रही भारत जोड़ो यात्रा, दूसरा मुद्दा है कांग्रेस में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर । इन दोनों ही विषय में महानायक के रूप में चर्चा सिर्फ राहुल गांधी की हो रही है ।

भले ही राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद की दौड़ से अपने आपको बाहर कर लिया है । लेकिन देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस जिस हालातों से गुजर रही है,उसे उस हालात से उभारने के लिए राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाली जा रही भारत जोड़ो यात्रा है । उसमें वो वन मैन शो के रूप में उभर रहे है ।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अशोक गहलोत मुख्यमंत्री पद नहीं छोड़ना चाहते है । एक दिन पहले ही वह सोनिया गांधी से मिलने दिल्ली पहुंचे थे । उनसे सवाल किया गया था कि अगर वह अध्यक्ष बनते है, तो क्या मुख्यमंत्री पद छोड़ेंगे और सचिन पायलट को मौका देंगे ? इस पर बात को टालते हुए गहलोत ने कहा था कि वह तो सभी पद छोड़ने को तैयार है । उन्होंने कहा था कि पद छोड़ना है या नहीं इसका फैसला केवल पार्टी और लोग ही करेंगे ।

अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच तनातनी किसी से छिपी नहीं है । साल 2020 में तो ऐसा लग रहा था कि सचिन पायलट के विद्रोह की वजह से सरकार ही गिर जाएगी लेकिन फिर स्थितियां संभल गई । अब भी पार्टी में विद्रोह की खबरें आती रहती है । वहीं इसी साल उदयपुर में कांग्रेस ने तीन दिन का शिविर आयोजित किया था जिसमें ” वन मैन वन पोस्ट ” के नियम का पालन करने की बात हुई थी ।

राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष

अध्यक्ष पद की रेस में कौन-कौन ?

शशि थरूर और अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी से मुलाकात की है । सोनिया गांधी के मुताबिक उन्होंने दोनों से ही कहा है कि जो चाहे, व ह चुनाव लड़ सकता है । पार्टी कोई नाम नहीं आगे करेगी । वहीं अशोक गहलोत ने कहा था कि वह चाहते हैं कि राहुल गांधी ही अध्यक्ष बनें ।

हालांकि राहुल गांधी चुनाव मैदान में उतरेंगे या नहीं यह अब तक सस्पेंस बना हुआ है । उधार दिग्विजय सिंह ने भी चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है । उनका कहना है कि आखिर उन्हें इस रेस से बाहर क्यों रखा जा रहा है ।

राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा पर 

कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा ने 7 सितंबर से शुरू हो गई है । राहुल गांधी ने हरी झंडी दिखाकर इसका शुभारंभ किया है । यह यात्रा 12 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों से गुजरकर 3570 किलोमीटर का सफर तय करेगी । साल 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले इसे कांग्रेस का बड़ा दांव माना जा रहा है ।

कन्याकुमारी से कश्मीर तक 3570 किलोमीटर तक चलने वाली भारत जोड़ो यात्रा के दौरान हर रोज कंटेनर के जरिए एक नया गांव बसेगा, जहां राहुल गांधी और उनके साथ चलने वाले यात्री ठहरेंगे । इसके लिए करीब 60 कंटेनर को आशियाने के रूप में तैयार किया गया है, जिन्हें ट्रकों पर रखा गया है ।

यह सभी कंटेनर राहुल यात्रा के दौरान साथ नहीं चलेंगे बल्कि दिन के अंत में निर्धारित जगह पर यात्रा में शामिल लोगों के पास इन्हें पहुंचा दिया जाएगा । रात्रि विश्राम के लिए इन सारे कंटेनर को गांव की शक्ल में हर रोज एक नई जगह पर खड़ा किया जायेगा । राहुल गांधी सुरक्षा कारणों से एक अलग कंटेनर में सोएंगे, जबकि बाकी अधिकतर कंटेनरों में 12 लोग सो सकते है । इसी कंटेनर के गांव में सभी यात्री एक टेंट में राहुल गांधी के साथ खाना भी खाएंगे, जो पूर्णकालिक यात्री राहुल गांधी के साथ रुकेंगे वे एक साथ खाना खायेंगे और आसपास ही रहेंगे ।

कन्याकुमारी में यात्रा का शुभारंभ करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि नफरत और बंटवारे की राजनीति में मैंने अपने पिता को खो दिया‌ । मैं अपने प्यारे देश को इसमें नहीं खोऊंगा । प्यार नफरत को जीत लेगा । आशा डर को हरा देगी । हम सब मिलकर मात देंगे ।

बता दें कि कांग्रेस की 3,570 किलोमीटर लंबी और 150 दिनों तक चलने वाली भारत जोड़ो यात्रा सात सितंबर को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से शुरू हुई थी । यह जम्मू-कश्मीर में संपन्न होगी । ” भारत जोड़ो यात्रा ” 10 सितंबर की शाम को केरल पहुंची थी ।

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