राज ठाकरे ने अपने बयान से एक बार फिर 56 देशों और मुस्लिम कट्टरपंथियों को हिला दिया है , जहाँ भाजपा नेता अपनी पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा का समर्थन खुल कर नहीं कर पा रहे है ऐसे में राज ठाकरे ने अपने बयान से सभी नूपुर समर्थकों का दिल जीत लिया है।

राज ठाकरे ने नूपुर शर्मा पर क्या बोला

 

महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के अध्यक्ष का एक बयान भयंकर वायरल हो रहा है , इस बयान ने लोगों को विंटेज बाला साहेब ठाकरे की याद दिला दी है। दरअसल बाला साहेब उन लोगों में से रहे है जो अपने पक्ष को बेहद तटस्थ हो कर रखते थे और अपने विरोधियों को सम्बोधित करते वक़्त किसी मर्यादा का भी ख्याल नहीं रखते थे। MNS प्रमुख राज ठाकरे ने कहा है की नूपुर शर्मा को अपने बयान पर माफ़ी मांगने की कोई ज़रूरत नहीं है , नूपुर ने वही बोला है जो उन्होंने सुना है और जो पब्लिक डोमेन में काफी पहले से है। राज ठाकरे यहीं नहीं रुके उन्होंने ओवैसी बंधू और OIC को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा की अकबरुद्दीन ओवैसी ने हिन्दू देवी देवताओं के बारे में निचली स्तर की भाषा का प्रयोग किया क्या ओवैसी ने अपने बयान के लिए कभी माफ़ी मांगी। MNS प्रमुख ने मुस्लिम देशों से पूछा की क्या उन्हें अकबरुद्दीन ओवैसी के आपत्तिजनक बयान पर कोई अफ़सोस है। इसका जवाब आपको मालूम है की किसी मुल्क़ को कोई अफ़सोस नहीं।

 

दरअसल आज के दौर का यह बुरा सत्य है की अक्सर हिन्दू , मुस्लिम साम्प्रदायिकता पर बोलने से कतराता है। अगर हिम्मत करके बोल भी दे तो एक पूरी जमात उसे इस्लामॉफ़ोबिक क़रार दे देती है वहीँ ठीक इसके उलट अगर कोई मुस्लिम हिन्दू साम्प्रदायिकता पर बोलता है तो उसे संविधान का रक्षक , सेक्युलर , लिबरल अन्य बड़ी उपाधि से नवाज़ा जाता है उसे हिन्दूफोबिक नहीं कहा जाता है। ऐसा क्यों इसका जवाब अगर आपको पता है तो कमेंट बॉक्स में जरूर बताये।

 

MNS प्रमुख राज ठाकरे ने मराठी न्यूज़ चैनल ज़ी 24 ताश को करीब 55 मिनट लम्बा इंटरव्यू दिया जिसमे उन्होंने देश के छदं सेक्युलर स्ट्रक्चर को एक बार फिर कटघरे में ला दिया है और डबल स्टैण्डर्ड रखने वाले फ़र्ज़ी बुद्धिजीवियों और फ़र्ज़ी सेक्युलरों को आयना दिखा दिया है. उन्होंने कहा की नूपुर ने सार्वजनिक बयान के लिए माफ़ी मांगी लेकिन क्या अकबरुद्दीन ओवैसी ने हिन्दू देवी देवताओं के ऊपर अपशब्द इस्तेमाल करने के लिए कभी माफ़ी मांगी। राज ठाकरे ने इसे डबल स्टैण्डर्ड करार दिया उन्होंने नूपुर शर्मा का जोरदार समर्थन किया है और कहा है की नूपुर को माफ़ी मांगने की कोई जरुरत नहीं है। राज ठाकरे ने साफ़ शब्दों में कहा की नूपुर शर्मा क्यों माफ़ी मांगे वो मुस्लिम देश तब कहे थे।

 

आपको बता दे की नूपुर शर्मा के बयान के बाद उनके खिलाफ सबसे अधिक fir बंगाल और महाराष्ट्र में ही दर्ज किये गए थे। महाराष्ट्र पुलिस तो नूपुर को ढूंढने के लिए दिल्ली भी आई थी। तब प्रदेश में उद्धव ठाकरे की कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस समर्थित सरकार थी जो अब नहीं रही। राज ठाकरे ने इस सरकार को गिरने का पूरा क्रेडिट उद्धव ठाकरे को दिया है। राज ठाकरे पिछले कई समय से हिंदुत्व के मुद्दे पर उद्धव को घेरते नजर आये थे। चाहे वो अज़ान का मामला हो या फिर हनुमान चालीसा का। राज ठाकरे ने कई दफ़ा उद्धव को हिंदुत्व का पाठ पढ़ाया था। जहाँ एक तरफ राज ठाकरे नूपुर समर्थन में खड़े है वहीँ दूसरी तरफ की पुलिस ना केवल नूपुर को गिरफ्तार करना चाह रही थी बल्कि उद्धव स्वयं उनके खिलाफ बोलते भी नजर आये थे। महाराष्ट्र की राजनीति में हिंदुत्व का झंडा हमेशा बाला साहेब के हाथों में ही रहा था लेकिन उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बनने के बाद इस झड़े को छोड़ते चले गए और राज ठाकरे अब इस झड़े के सही हक़दार बनते जा रहे है। सोशल मीडिया पर उनकी नूपुर के समर्थन वाली वीडियो खूब वायरल हो रही है और लोग उन्हें बाला साहेब जैसा बता रहे है।

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