निर्वाचन ने विधानसभा के तारीख के घोषणा के साथ ही कोरोना को देखते हुए 15 तारीख तक किसी भी तरह की रैली करने पर पाबंदी लगा दी थी, और वही वर्चुअल माध्यम से रैली करने की हिदायत दी थी। लेकिन आज कोरोना गाइडलाइन और निर्वाचन आयोग के आदेश को धता बताते हुए समाजवादी पार्टी ने वर्चुअल रैली की आड़ में लखनऊ में रैली कर रहे। जिसमे हजारों की संख्या में पार्टी कार्यालय के अंदर और बाहर सड़कों पर नेता और कार्यकर्ता मौजूद है। वहा के डीएम अभिषेक प्रकाश ने बताया की बिना किसी परमिशन के समाजवादी पार्टी ऑफिस में रैली कर रही जिसके तहत कार्यालय पर पुलिस भेज दी गई है। और रिपोर्ट के आधार पर उचित करवाई की जाएगी।

 

चुनाव आयोग ने दर्ज कराई एफआईआर।

 

चुनाव आयोग के निर्देश पर सपा कार्यालय में हुए कार्यक्रम पर एफआईआर दर्ज। धारा 144 के उल्लंघन और महामारी एक्ट के तहत पुलिस ने दर्ज की एफआईआर। डीएम अभिषेक प्रकाश ने दी जानकारी।

 

आचार संहिता और निर्वाचन आयोग के आदेश की उड़ाई धज्जियां।

 

लखनऊ के डीएम अभिषेक प्रकाश ने सपा दफ्तर में पुलिस की टीम भेज दी है, क्योंकि आचार संहिता और कोरोना गाइडलाइंस के नियम तोड़े जा रहे है। और निर्वाचन आयोग सख्ती में आते हुए कहा है रिपोर्ट के अनुसार उचित कार्रवाई की जायेगी। बता दे की लोग दावा करते है कि सपा सरकार के आते ही कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जाती है। लेकिन यहां पर सरकार के बनने से पहले ही आचार संहिता का उलंघन किया जा रहा वो भी तब जब कोरोना जैसी महामारी चरम पर हो। शायद अखिलेश यादव को चुनाव के आगे जनता के स्वास्थ की फिकर नही है।

 

स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ कई नेताओं के ज्वाइन किया समाजवादी पार्टी।

 

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार से मंगलवार को इस्तीफा देने वाले कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ डा.धर्म सिंह ने अपने समर्थकों के साथ शुक्रवार को समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उनके साथ भाजपा से इस्तीफा देने वाले छह विधायक भी समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं। ओबीसी वर्ग के कद्दावर नेता माने जाने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी कार्यालय पहुंचे। उनके साथ पूर्व मंत्री डॉ.धर्म सिंह सैनी भी थे। इन सभी को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता दिलाई।

 

समाजवादी पार्टी में शामिल होने वाले नेता।

 

स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ शुक्रवार को पूर्व मंत्री डा.धर्म सिंह सैनी, विधायक भगवती प्रसाद सागर, विनय शाक्य, रोशनलाल वर्मा, डा. मुकेश वर्मा, ब्रजेश प्रजापति व चौधरी अमर सिंह, पूर्व मंत्री अयोध्या प्रसाद पाल, पूर्व मंत्री रामहेत भारती, पूर्व विधायक नीरज मौर्य, बलराम सैनी, राजेंद्र प्रसाद पटेल, विद्रोही धनपत राम मौर्य, बंशी पहाडिय़ा, अमर नाथ सिंह मौर्य, रामावतार सैनी, अली यूसुफ अली, आरके मौर्य, दामोदर मौर्य तथा बसपा प्रमुख मायावती के मुख्य सुरक्षा अधिकारी रहे पदम सिंह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। भाजपा की सहयोगी अपना दल-एस के सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़ के विधायक चौधरी अमर सिंह भी समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। स्वामी प्रसाद मौर्य ने इसको लेकर एक ट्वीट भी किया है। 14 जनवरी मकर संक्रांति। स्वामी का बजा बिगुल क्रांति। बीजेपी का टूटा है भ्रांति। बीजेपी अंत का है शंखनादि।

 

अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर साधा निशाना।

 

अखिलेश यादव ने कहा मुख्यमंत्री जी कह रहे थे ये लड़ाई 80 और 20 की है, शायद वो सही कह रहे थे ये लड़ाई अब 15 और 85 की रह गई है। उनका इशारा 15 फीसदी अगड़ी जातियों से था। और अखिलेश ने कहा बाबा 10 मार्च से पहले ही गोरखपुर चले गए उनके लिए अच्छा ही है क्योंकि उनको पता है कि 10 मार्च को क्या होने वाला है। आपको बता दे की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के दौरे पर है, जहां पर वो एक दलित परिवार के साथ खिचड़ी खा रहे है। उनका कहना है कि, वंशवाद और परिवारवाद की राजनीति करने वाले सामाजिक न्याय की बात कभी नही कर सकते। दलित के घर भोजन करने का उनका उद्देश देश में समानता और एकता का परिचय देना है।

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