उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग ने आज तारीख तय कर दिया है। यूपी में 7 चरण में चुनाव होगे। ऐसे में उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने भी संकेत दिया है की वो भी विधानसभा का चुनाव लड़ सकते हैं। लेकिन वो कौन सी विधानसभा होगी ये अभी तय नहीं है। ऐसे में लोग अनुमान लगा रहे है कि, या वो अयोध्या या गोरखपुर से सीएम योगी चुनाव लड़ सकते है। ये दोनो ही सीटे महत्वपूर्ण है। अगर बीजेपी की देखे तो उत्तर प्रदेश के अयोध्या, बनारस, और गोरखपुर इन जगहों से बीजेपी का काफी लगाव रहा है। क्योंकि लोगो की माने तो अयोध्या राम की नगरी है और इसे बनाने में बीजेपी और खासतौर पर योगी आदित्यनाथ का बहुत बड़ा हाथ है। इसलिए ये सीट काफी महत्वपूर्ण है और इसी लिए अटकलें लगाई जा रही है की सीएम योगी आदित्यनाथ यहां से चुनाव लड़ सकते है।

 

सलाहकार संजीव सिंह ने की बैठक।

 

कार्यकर्ताओं के मन की थाह लेने सीएम के सलाहकार संजीव सिंह बैठक कर रहे हैं, तो अयोध्या विधायक के बाद जिलाध्यक्ष व महानगर अध्यक्ष भी लखनऊ जाकर सीएम को न्योता दे चुके हैं। चुनाव कार्यालय की तलाश और वोटर लिस्ट को अपडेट करने में खास लोगों की भूमिका साफ संकेत दे रही है कि योगी गोरखपुर या कहीं अन्य सीट से ज्यादा श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या से चुनाव लड़ने का मन बना चुके हैं। गोरखपुर सीट को लेकर भी चर्चा रही, लेकिन समर्थक कहते हैं कि इस सीट पर डॉ. अग्रवाल को हटाकर योगी आदित्यनाथ खुद प्रत्याशी नहीं बनना चाहते हैं। इसके बाद गोरखपुर के लोग पिपराइच सीट को विकल्प मानते हैं, लेकिन अब संगठन में सीएम के लिए अयोध्या ज्यादा प्रभावकारी मानी जा रही है। भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव सिंह कहते हैं कि वे और महानगर अध्यक्ष अभिषेक मिश्र लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से मिल आए हैं।

 

गोरखपुर से पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके है सीएम योगी।

 

मीडिया से बातचीत के दौरान सीएम योगी के कहा कि मैं सभी 403 विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ रहा हूं और पार्टी जहां से कहेगी मैं चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं। योगी ने स्पष्ट किया कि वह चुनाव लड़ेंगे और पार्टी 300 से ज्यादा सीटें जीतेगी। योगी आदित्यनाथ लगातार पांच बार (1998, 1999, 2004, 2009, 2014) गोरखपुर लोकसभा सीट से सांसद रह चुके हैं। 2017 विधानसभा चुनाव में बीजेपी के बंपर बहुमत से सत्ता में आने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया। पूर्वांचल में योगी फैक्टर की विधानसभा चुनाव में अहम भूमिका रही है। ऐसे में इस बात के कयास भी लगाए जा रहे हैं कि वह गोरखपुर सीट को चुन सकते हैं। हालांकि अयोध्या और राम मंदिर मुद्दे के व्यापक असर को देखते हुए अगर सीएम योगी के लिए बीजेपी अयोध्या सीट चुनती है तो हैरानी नहीं होनी चाहिए।

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