आखिर कार आईपीएल अपने अंतिम पड़ाव की ओर अग्रसर हो चुका है। बहुत जल्दी ही आईपीएल का विजेता भी मिल जाएगा। कल यानी बुधवार को हुए एलिमिनिटर राउंड से लखनऊ की टीम बाहर हो गई है। आरसीबी ने लखनऊ को एक रोमांचक मुकाबले में हारा दिया। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीम ने आईपीएल 2022 के क्वालिफायर 2 में लखनऊ को हारा कर जगह पक्की कर ली है। वहीं इस हार के साथ केएल राहुल की अगुआई वाली लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई है। एलिमिनेटर के मुकाबले में आरसीबी ने रजत पाटीदार के नाबाद 112 रन के बदौलत 4 विकेट पर 207 रन का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया। उसके जवाब में लखनऊ की टीम 6 विकेट पर 193 रन ही बना सकी। भले ही लखनऊ की शुरुआत अच्छी नहीं रही हो लेकिन राहुल और हुड्डा ने उस मैच में रोमांच डाल ही दिया था। केएल राहुल ने शानदार 79 रन बनाए लेकिन उनकी पारी बहुत धीरे थी इसी लिए कही न कही उनकी यह पारी नाकाफी साबित हुआ। लखनऊ को हराने के बाद अब आरसीबी की टीम क्वालिफायर-2 में 27 मई को अहमदाबाद में राजस्थान रॉयल्स से भिड़ेगी, राजस्थान रॉयल गुजरात से अपना क्वालीफायर मुकाबला हार गई थी। अब आरसीबी और राजस्थान में से जो भी ये मुकाबला जीतेगा वो 29 मई को फाइनल में गुजरात टाइटंस के सामने उतरेगा।

 

आरसीबी की ओर से रजत पाटीदार की बेहतरीन बल्लेबाजी

 

टॉस हार कर पहले बल्लेबाजी करने उतरी आरसीबी की शुरुआत बिल्कुल भी अच्छी नही रही और पूरे सीजन में फॉर्म में चल रहे कप्तान डुप्लेसी तब आउट हो गए जब टीम का स्कोर मात्र 4 रन था। डुप्लेसी को पहले ही ओवर की चौथी गेंद पर मोहसिन खान ने विकेट के पिछे डिकॉक के हाथों कैच आउट करा दिया। ये आरसीबी को लगने वाला बहुत बड़ा झटका था क्योंकि सबको पता है की आरसीबी अपने ओपनर्स पे ज्यादा डिपेंड रही है इस पूरे सीजन में और कप्तान ने तो काफी अच्छी अच्छी पारियां खेल कर जीत दिलाई है अपने टीम को। कप्तान के आउट होने बाद बैटिंग करने उतरे रजत पाटीदार और आज का दिन उनका था, पाटीदार ने कोहली के साथ मिल कर 66 रनों की बेहतरीन साझेदारी निभाई जो की पहले ओवर में विकेट जाने के बाद आरसीबी के दृष्टिकोण से काफी अच्छा था। कोहली और रजत पाटीदार हर तरफ शॉट्स खेल रहे थे और आरसीबी को मजबूत स्थिति में ले जा रहे थे उसी में आवेश खान ने कोहली को मोहसिन के हाथो कैच आउट करा दिया। कोहली ने जाने से पहले धीमी पारी खेली उन्होंने 24 गेंदों पर 25 रन बनाय। अब आरसीबी के दो महत्वपूर्ण विकेट जा चुके थे और टीम को अब संभल कर खेलने की जरूरत थी लेकिन रजत पाटीदार अलग ही अंदाज में खेल रहे थे। उधर दूसरे छोर पर फिर एक विकेट डाउन हो गया, अबकी तूफानी बल्लेबाज मैक्सवेल आउट हुए और उन्हे आउट करने वाला कोई और नहीं बाली कृणाल पांड्या थे। एक छोर से रन तो बन रहे थे लेकिन दूसरे छोर से विकेट लगातार अंतराल पर गिर रहे थे। मैक्सवेल ने 10 गेंदों पर 9 रन बनाय जिसमे मात्र एक छक्का शामिल था। मैक्सवेल के जाने के बाद लॉमरोर आय और उन्होंने भी ज्यादा कुछ नही किया, उन्होंने 9 गेंदों पर 14 रन बनाय। उधर दूसरे छोर पर खड़े रजत पाटीदार शतक की ओर बढ़ चले थे। अंत में अब बारी आई दिनेश कार्तिक की, कार्तिक और पाटीदार ने मिल कर फिर साझेदारी शुरू की 115 के बाद सीधे टीम 207 तक पहुंच गई। जिसमे रजत पाटीदार ने 54 गेंदों पर 112 रनों की पारी खेली जिसमे 12 चौके और 7 छक्के शामिल थे। उधर कार्तिक ने भी विषफोट करना नही छोड़ा और 23 गेंदों पर 37 रन बना डाले जिसमे 5 चौके और 1 छक्का शामिल था। वही अगर लखनऊ की गेंदबाजी की बात करे तो सबसे महंगे चमिरा रहे जिन्होंने अपने 4 ओवर में 54 रन लूटा दिए। उसके बाद रवि बिश्नोई भी पीछे नहीं रहे उन्होंने भी 4 ओवर में 45 रन देकर 1 विकेट अपने नाम किया। आवेश भी महंगे रहे,4 ओवर में 44 रन देकर 1 विकेट लिया। सबसे अच्छी गेंदबाजी मोहसिन खान की रही जिन्होंने 4 ओवर में 25 रन देखकर 1 विकेट लिए,कृणाल को भी एक विकेट मिला।

 

लखनऊ के तरफ से सिर्फ राहुल और हुड्डा चले

 

208 रनो के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी लखनऊ की टीम की शुरुआत बेहद ही खराब रही और डिकॉक तब आउट हुए जब टीम का स्कोर मात्र 8 रन था। डिकॉक को सिराज ने अपने शिकार बनाया, डिकॉक आउट होने से पहले 5 गेंदों पर एक छक्के के मदद से 6 रन बनाय। उसके बाद बैटिंग करने उतरे मनन वोहरा जिनसे काफी उम्मीदें थी, वोहरा ने आते ही अपना काम शुरू कर दिया लेकिन ज्यादा देर तक नही टिक पाय। उन्होंने 11 गेंदों पर 19 रन बनाय जिसमे 1 चौका और 2 छक्के शामिल थे। वोहरा को हेजलवुड ने चलता किया। अब लखनऊ यहां पर तीन विकेट जल्दी जल्दी गिरने के बाद पूरी तरह से दबाव में आ चुकी थी,एक तरफ राहुल टीके हुए थे और दूसरे छोर पर विकेट पे विकेट गिर रहे थे। लेकिन फिर आए दीपक हुड्डा। अब राहुल और हुड्डा के बीच 80+ की साझेदारी हुई जो लखनऊ के लिए काफी राहत की बात थी। हुड्डा और राहुल अच्छा खेल रहे थे लेकिन इस जोड़ी को हसरंगा ने तोड़ दिया और हुड्डा 26 गेंदों पर 45 रन बनाकर आउट हो गए जिसमे मात्र 1 चौका और 4 छक्के शामिल थे। अगर मैदान पर राहुल और हुड्डा की जोड़ी 2 या 3 ओवर तक टिक जाती तो लखनऊ ये मैच आराम से निकाल लेती लेकिन हुड्डा आउट हो गए। हुड्डा के जाने के बाद कोई भी टिक कर नही खेल पाया। लगातार अंतराल पर लखनऊ का विकेट जाता रहा और ये मैच 14 रनो से लखनऊ ने मैच गवा दिया।

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