राजनीतिक गरमा गहमी के बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा श्री कृष्ण जी हमारे सपने में आ रहे और एक दिन नही रोज- रोज आ रहे और कह रहे है कि हमारी सरकार बनेगी और बाइस का चुनाव हम जीत रहे है। अखिलेश यादव सत्ता में वापसी करने के लिए लगातार मठ और मंदिर के चक्कर काट रहे है। लगातार रैलियां कर रहे है, लोगो से मिल रहे है। उनकी इस नई राजनीतिक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव रामनगरी अयोध्या होगी। यह इस कारण भी बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह पहली बार वह रामलला के दर्शन भी कर सकते हैं। आठ व नौ जनवरी को प्रस्तावित अयोध्या के दो दिवसीय दौरे में उनका रात्रि प्रवास भी है। उनके रामलला के दर्शन की प्रबल संभावना इसलिए भी है।

 

मेरे सपने में बार बार आते है श्रीकृष्ण।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा के राज्यसभा सदस्य की पार्टी अध्यक्ष को लिखी गई चिट्ठी पर तंज करते हुए कहा कि मेरे भी सपने में श्रीकृष्ण आते हैं और कहते हैं कि विधानसभा चुनाव के बाद बन रही समाजवादी सरकार प्रदेश में रामराज्य लाने का काम करेगी। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि कई जगह की मैंने तस्वीर देखी है, चाउमिन के ठेलों पर भी जन विश्वास यात्रा से ज्यादा भीड़ होती है।

 

आखिर चुनाव आते ही क्यों याद आए रामलला?

राम मंदिर को लेके अकसर बीजेपी पर वॉर करते रहे है अखिलेश यादव लेकिन जैसे ही चुनाव नजदीक आया वैसे रामलला के दर्शन के लिए तारीख तय कर दी गई। सिर्फ यही नहीं चुनाव को देखते हुए पिछले वर्ष जनवरी में चित्रकूट के लक्ष्मण पहाड़ी मंदिर गए और कामदगिरि की परिक्रमा भी की। पिछले महीने रायबरेली जाते समय हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की और रविवार को लखनऊ में भगवान परशुराम के मंदिर में पूजन किया। माना जा रहा है कि इसी रणनीति के तहत अब अयोध्या जा रहे हैं। लोगो का कहना है कि अखिलेश यादव का ये हिंदुत्व प्रेम सिर्फ अपने राजनैतिक लाभ के लिए क्योंकि हमने देखा है की किस तरह के से इनकी सरकार में बाबरी मस्जिद कांड हुए था और न जाने कितने हिंदुओं के ऊपर गोली चलवाई गई थी।

 

सीएम योगी ने सपने वाली बात पर अखिलेश की ली चुटकी।

सीएम योगी ने कहा, “आज जब इस बड़े प्रोजेक्ट का लोकार्पण हो रहा है, तब कुछ लोगों के सपने में भगवान श्रीकृष्ण जी आ रहे होंगे और कह रहे होंगे जो कार्य तुम नहीं कर पाए वो हमारी सरकार ने कर दिया है।”उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच पहला दंगा मथुरा की धरती कोसी कलां से प्रारम्भ हुआ था। अलीगढ़ का विवाद व मुज्जफरनगर का दंगा कौन भूल सकता है? पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किसी से छिपा नहीं है। आज प्रदेश दंगामुक्त है।

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