आज देश के हालात बहुत खराब है और लोगो का मानना है की इसका कारण नूपुर शर्मा है जबकि इसका कारण वो नही मुस्लिम देशों से हो रही फंडिंग है। क्योंकि एक बयान को लेकर कोई भी अपना देश नही जलाएगा, कोई भी सरकारी प्रॉपर्टी को नुकसान नहीं पहुंचाएगा, कोई अपने ही पुलिस पर पत्थर नही बरसाएंगा लेकिन हो तो यही रहा न। गालियों मोह्हलो से मुस्लिम भिड़ निकलती है और उपद्रव मचाना शुरू कर देती है। अब एक बयान के लिए नूपुर शर्मा को परेशान पे परेशान किया जा रहा है,रेप की धमकी दी जा रही, सर काटने की बात की जी रही। ये वही लोग बोल रहे है जो चाइना को एक शब्द नही बोलते है, वही चाइना जो मुसलमानों को रोजा नही रखने देता,वही चाइना जो मस्जिद को शौचालय में बदल रहा है। इन जैसे लोगो को सिर्फ भारत ही ऐसा सस्ता देश मिला है जहा कुछ भी करो कोई कुछ नही बोलेगा। अब एक लड़की से इतने डर गए है की देश के कोने कोने से समन भिजवा रहे है। अब नूपुर शर्मा को सोमवार को समन जारी किया गया है। रिपोर्ट्स की माने तो, नारकेलडांगा पुलिस स्टेशन ने यह समन जारी किया है। पूर्व भाजपा नेता को सीआरपीसी की धारा 41 ए के तहत 20 जून को पूछताछ के लिए तलब किया गया है।

 

 

ये कोई पहली दफा नही हो रहा है, इस से पहले समन के साथ साथ भद्दी टिप्पणी भी नूपुर शर्मा को झेलना पड़ रहा। आपको बता दे कि पुलिस ने नूपुर शर्मा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 34, 153 ए (धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। उनके ऊपर आईपीसी की धारा 295ए (जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य, जिसका उद्देश्य किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना) और 298 (किसी भी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के इरादे से बोले गए शब्द) के तहत भी आरोप लगाए गए हैं। इसके पहले बंगाल में भी नूपुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया है और ये तृणमूल कॉन्ग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के नेता अबू सौहेल ने कराई है। अब सवाल ये उठता है की नूपुर के बयान को कोई मौलाना आकर गलत क्यो नही साबित करता है, क्यों सिर्फ सर कलम करने की बात उठ रही है।

 

शिवलिंग का बार बार मजाक बनाने पर जो बात नूपुर शर्मा ने आवेश में आकर कही, लगभग वैसा ही कुछ एकदम शांत होकर भगौड़ा इस्लामिक विद्वान ज़ाकिर नाइक कहता रहता है बस उसकी भाषा अंग्रेजी में रहती है और कभी कभी तो वो हिंदी में भी बोलता है। इस संदर्भ में उसके कई वीडियो मिल जाएंगे जिसमें वह मीठा-मीठा बोल कर पैगंबर मुहम्मद और उनकी बीवी आयशा के बारे में बता रहा होता है। तब तो कही दंगा नहीं होता,तब तो कोई पत्थर नही चलाता। फिर क्यों एक बयान से पूरे देश को जलाया जा रहा है।कोई भी धर्म या मज़हब इतना कमजोर नहीं होना चाहिए कि उसे अपनी बात रखने के लिए हिंसा का सहारा लेना पड़े।

 

नूपुर को बीजेपी ने पार्टी से 6 सालो के लिया निकाला

 

बीजेपी प्रवक्ता नूपुर शर्मा को पैगंबर के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने पर पार्टी से 6 साल के लिए निलंबित कर दिया गया। कहा जा रहा है कि उन पर कार्रवाई न होने से पार्टी के कई मुस्लिम नेता भी असहज स्थिति में थे और उपर से भारत को मुस्लिम देशों से भी उनके बयान के वजह से परेशानियां आ रही थी। अब तो लोग बीजेपी के आलाकमान से सवाल पूछ रहे है की महादेव पर किए गए बयान पर पार्टी असहज क्यों नहीं हुई, उस पार्टी के मुस्लिम हिंदू नेता असहज क्यों नही हुए? अब कही न कही लोगो को सब कुछ समझ आने लगा है तभी तो देश के कई हिस्सों से नूपुर के समर्थन में रैलियां निकाली जा रही है। बल्कि नेपाल में तक नूपुर का शोर है, वहा पर भी लोगो ने समर्थन में रैली निकाली जो अविश्वसनीय था। आज लोगो के अंदर बीजपी को लेकर बहुत गुस्सा है। लोगो का कहना है अब बीजेपी अपने लोगो को बीच मझधार में छोड़ देती है डूबने के लिए,जैसे बंगाल में अपने कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया मरने के लिए ठीक वैसे ही नूपुर को भी भूखे भेड़ियों के सामने छोड़ दिया है मरने के लिए। पार्टी को समझना चाहिए क्योंकि आने वाले समय में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने है और अगर लोग ही खिलाफ हो गए तो बीजेपी के लिए दिक्कत हो सकता है।

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