हनुमान जन्मोत्सव पर दिल्ली के जहांगीरपुरी में मुस्लिम समुदाय के दंगाई ने काफी बवाल काटा जिसमे सोभा यात्रा को रोकने को प्रयास किया गया जिसमे पुलिस के लोगो को भी मारा गया। खुलेआम पुलिस के सामने तलवारे लहराई गई पत्थरबाजी की गई। जिसमे ढेरों लोग गंभीर घायल हुए जिन्हें बाद में अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिसके बाद पूरे इलाके में ढेरों पुलिस बल तैनात कर दिया गया था और सीसीटीवी के सहारे दंगाइयों को पकड़ने के लिए प्रयास जारी हो गया है। बाद में धीरे धीरे कई शांतिदूत पुलिस के हत्थे चढ़ते गए। एक वीडियो वायरल हो रहा जिसमे देखा जा सकता कि, पुलिस अपने साथ एक दंगाई को साथ ले जा रही है और वो मीडिया को देख कर हाल में आई पुष्पा फिल्म का सिग्नेचर स्टेप करता नजर आ रहा है। इस स्टेप का मतलब है ‘झुकेगा नही साला’।

 

काम कबाड़ी का लेकिन चलता बीएमडब्ल्यू से अंसार।

 

दिल्ली दंगे का मास्टरमाइंड मोहम्मद अंसार काम कबाड़ी का करता है लेकिन, जहांगीरपुरी में अंसार का पांच मंजिल का मकान भी है। अंसार पर पुलिस के डोजियर में कहा गया है कि वह इलाके में अवैध शराब और जुआ रैकेट चलाता है। अंसार को पुलिस कई बार गिरफ्तार कर चुकी है। 13 साल पहले मोहम्मद अंसार को आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया गया था। 2013 में उसे नशे की हालत में एक महिला के घर में घुसने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। अंसार पर महिला को पर चोट पहुंचाने, आपराधिक धमकी देने और एक महिला की शील भंग करने का मामला दर्ज किया गया था।

 

लक्जरी कारो का है शौकीन।

 

मोहम्मद अंसार को महंगी कार और सोने का काफी शौक है। सोशल मीडिया पर अंसार की मोटी गोल्ड चेन, कई अंगूठियां पहने तस्वीरें काफी वायरल हो रही हैं। इसके अलावा अंसार को महंगी कारों का भी शौक है। सोशल मीडिया पर वायरल एक ऐसी ही तस्वीर में अंसार बीएमडब्ल्यू कार के साथ दिखाई दे रहा है। फोटो में अंसार बीएमडब्ल्यू कार के बोनट पर एक पैर रखे हुए हैं। पुलिस ने टीओआई को बताया कि अंसार जुआ सर्किट में जाना जाता था। एक पुलिस अधिकारी ने खुलासा किया, जुए का रैकेट चलाने के साथ ही साथ-साथ खुद भी जुआ खेलता है। अंसार के खिलाफ तीन बार जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसमें पहली बार साल 2011 में और दो बार 2019 में केस दर्ज हुआ था। उसे एक पुलिसकर्मी की पिटाई करने के लिए उठाया गया था। उस पर आईपीसी की धारा 353 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल) और 186 (स्वेच्छा से निर्वहन में किसी भी लोक सेवक को बाधित करना) के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके अलावा अंसार को उसके आपराधिक इतिहास को देखते हुए कई बार पुलिस ने एहतियातन हिरासत में लिया था। पुलिस अब उसकी अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति की जांच कर रही है।

 

सड़कों पर शुरू हुए उपद्रव से बढ़ा तनाव

 

पथराव का सिलसिला तेज होता गया, दोनों तरफ से पत्थरबाजी होने लगी। कभी एक तरफ की सड़क पर लोग भागते दिख रहे थे, तो कभी दूसरी ओर की सड़क से रेला दौड़ा चला आता था। देखते ही देखते आगजनी शुरू हो गई. मेन रोड से शुरू हुआ उपद्रव अब आसपास की गलियों तक पहुंचने लगा तो आनन फानन में बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। उपद्रवी भाग गये लेकिन हालात तनावपूर्ण बना हुआ था। करीब एक घंटे के अंदर दिल्ली पुलिस के आला अफसर मौके पर पहुंच चुके थे और स्थिति नियंत्रण में आ चुकी थी। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी दीपेंद्र पाठक ने कहा कि ‘लॉ ऑर्डर मेंटेन है, पुलिस है, बात कर रहे हैं शांति से रहें अफवाह से बचे। मौके पर पुलिस की मौजूदगी के बाद हालात कंट्रोल में तो आ गये थे, लेकिन इस उपद्रव में एक पुलिस सब इंस्पेक्टर को गोली मार दी गई थी. जख्मी हालत में सब इंस्पेक्टर मेधालाल अस्पताल की बेड पर लेटे हुए थे। उनके हाथ में गोली आर-पार हो गई थी। गनीमत रही कि उपद्रव में जख्मी सभी लोग खतरे से बाहर थे, लेकिन दंगे में पुलिसवालों पर हमले की घटना ठीक उसी तरह हुई थी जैसे 2020 के दिल्ली दंगे में पुलिस पर प्रहार हुआ था। घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने दंगा फैलाने और हत्या की कोशिश में मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी। लेकिन देर रात तक भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी ने बताया कि शरारत या साजिश वाले सवाल पर कि जांच चल रही है।

 

दहलाने वाली साजिश में कब क्या-क्या हुआ?

 

पुलिस की शुरुआती तफ्तीश और मौके पर मौजूद लोगों के बयानों से पता चला कि शाम साढ़े चार बजे के आसपास शोभा यात्रा निकली थी। इस शोभा यात्रा को K-BLOCK तक जाना था। शोभा यात्रा करीब 5 बजकर 10 मिनट पर मस्जिद के पास से गुजर रही थी तभी हल्का विवाद हुआ। फिर करीब 5.30 बजे मस्जिद के पास दोबारा विवाद हुआ और पथराव शुरू हो गया। करीब 6 बजकर 20 मिनट पर पुलिस को कॉल मिली। मेधालाल मौके पर पहुंचे. 7 बजे तक पुलिस मौके पर थी और 8 बजे तक हालात पर कंट्रोल कर लिया गया। इसके बाद रात भर जहांगीरपुरी इलाके में पुलिस का पहरा रहा। मौके पर दंगा नियंत्रण वैन से लेकर तमाम तैनातियां रहीं। रात भर पुलिस अलर्ट मोड में थी और अब भी इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। हिंसा के बाद उत्तर प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया गया है।

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