देशभर में अक्सर हमें विवाद देखने को मिलते हैं यह विवाद खासकर धर्म के नाम पर देखे जाते हैं । जहां नुपुर शर्मा के बयान ने देशभर में बवाल मचा दिया था । वही आप ठंडी नहीं हुई थी कि एक बार फिर डॉक्युमेंट्री फिल्म काली के विवादित पोस्टर नीचे से जलती आग में घी का काम कर दिया है । इस पोस्टर में आते ही इतना बवाल मचाया है कि इस पर विवाद रुकने का नाम नहीं ले रहा है । बता दें कि यह विवादित पोस्टर देवी का अपमान कर रहा है ,देवी का अपमान करता यह पोस्टर सामने आने के बाद से ही डॉक्युमेंट्री की निर्देशक लीना मणिमेकलई चर्चाओं में बनी हुई है । इतना ही नहीं अपनी इस फिल्म को लेकर वह विवादों में आए दिन फंसती जा रही है । फिल्म के विवादित पोस्टर को लेकर लीना के खिलाफ लखनऊ, दिल्ली, गोंडा, लखीमपुर खीरी, और रतलाम समेत देश के कई हिस्सों में एफआईआर दर्ज हो चुकी है । तो चलिए नज़र डालते हैं इस पूरे विवाद पर और जानते हैं इससे जुड़े महत्वपूर्ण बातें –

 

आखिर ऐसा क्या है पोस्टर में जो बना बवाल का कारण?

देशभर में धर्म के नाम पर आए दिन बाल देखने को मिली जाता है । वही एक बार फिर काली पोस्टर को लेकर देशभर में बवाल देखने को मिल रहा है ।मां काली के नाम से एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाई गई और इसमें मां काली को सिगरेट पीते दिखाया गया है । ये विवादित पोस्टर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है । इसमें ना सिर्फ मां काली को सिगरेट पीते हुए दिखाया गया बल्कि उनके हाथ में एलजीबीटी का झंडा भी है । जो बेहद आपत्तिजनक है। पोस्टर देखकर सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा बेकाबू हो रहा है । फिल्म मेकर पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगा है और अब उनकी गिरफ्तारी की मांग हो रही है । दरअसल , मां काली के पोस्टर को लेकर शुरू हुआ यह पूरा विवाद कनाडा के टोरंटो से जुड़ा हुआ है, जहां लीना ने काली पर बनाई इस डॉक्युमेंट्री का पोस्टर जारी किया था । 2 जुलाई को सबसे पहले लीना ने अपने ट्विटर अकाउंट पर इस पोस्टर को शेयर किया था । इसके बाद इसे कनाडा के आगा खां म्यूजियम में दिखाया गया था ।  पोस्टर सामने आने पर कनाडा के इंडियन हाई कमिशन ने इसके खिलाफ आपत्ति भी जाहिर की थी, जिसके बाद काली के अपमान की यह आग भारत तक पहुंच गई । मां काली के इस अपमानित पोस्टर को देख लोग इसके खिलाफ सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन करने लगे देखते ही देखते यह विवाद देश भर में फैल गया । विवाद को देखते हुए बाद में ट्विटर ने लीना के काली फिल्म के इस विवादित पोस्टर को ट्विटर से हटा दिया है ।अब इस मामले पर सब लोगों ने अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी है । अयोध्या के हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने कहा कि फिल्म निर्माता द्वारा इस तरह की फिल्म बनाना बेहद निंदनीय बताया है । कहते हैं कि , ” मैं गृहमंत्री जी से निवेदन करता हूं कि इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो । ” उन्होंने आगे कहा कि अभी तो सिर्फ पोस्ट रिलीज हुआ है, इसलिए माफी मिल सकती है । अगर फ़िल्म रिलीज हो गई तो ऐसी भयानक स्थिति पैदा कर देंगे कि इसे संभालना मुश्किल होगा । फिल्म काली के पोस्टर पर शुरू हुए विवाद ने सियासी रूप भी लिया था । टीएमसी नेता के इस विवाद पर बयान से जहां मामला और गर्म हो गया तो वहीं बीजेपी नेताओं ने इस पर फिल्म की निर्देशक लीना पर जमकर हमला बोला ।

 

नहीं थम रहा पोस्टर को लेकर बवाल 

वही महाराष्ट्र बीजेपी नेता राम कदम ने कहा कि फिल्म जगत के लोग ओछी लोकप्रियता हासिल करने के लिए हिंदू देवी- देवताओं का लगातार अपमान कर रहे है । ऐसी फिल्म बनाने वालों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए । वहीं इस पूरे मामले पर बढ़ते विवाद को देखते हुए पोस्टर को लेकर आलोचनाएं झेल रहीं फिल्म की निर्देशक लीना मणिमैकलई ने भी अपना पक्ष रखा । पूरे मामले पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह फिल्म एक ऐसी घटना की कहानी है जिसमें एक शाम काली प्रकट होती हैं और टोरंटो की सड़कों पर घूमने लगती है । उन्होंने आगे यह भी कहा कि अगर आप यह फिल्म देखेंगे तो मुझे गिरफ्तार करने वाले ट्वीट नहीं बल्कि प्यार करने वाले ट्वीट शेयर करेंगे । इन दिनों पूरे देशभर में आलोचनाएं झेल रहीं फिल्ममेकर लीना का जन्म तमिलनाडु के मदुरै में हुआ था । हालांकि, वर्तमान में यह भारत में नहीं बल्कि कनाडा के टोरंटो में रहती हैं ।

 

पोस्टर को लेकर क्यो नही थम रहा बवाल?

मां काली के नाम से एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाई गई और इसमें मां काली को सिगरेट पीते दिखाया गया है । ये विवादित पोस्टर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है । इसमें ना सिर्फ मां काली को सिगरेट पीते हुए दिखाया गया बल्कि उनके हाथ में एलजीबीटी का झंडा भी है । जो बेहद आपत्तिजनक है । बता दें कि भारत में मां काली दूसरी ऐसी देवी हैं, जिन्हें हिंदू सबसे ज्यादा पूजते है । एक सर्वे के मुताबिक करीब 97% हिंदुओं की ईश्वर के प्रति आस्था है । देश में हिंदुओं के बीच मां लक्ष्मी सबसे लोकप्रिय देवी है । यही वजह है कि लगभग 28% लोग मां लक्ष्मी को अपने आराध्य देवी मानते है । इसके बाद देश में सबसे ज्यादा लोग मां काली को अपनी ईष्ट देवी मानते है । हिंदू धर्म में देवी काली को दुर्गा का ही एक रूप माना जाता है । उत्तर पूर्वी भारत खासकर बंगाल, असम, उड़ीसा, बिहार, झारखंड में देवी काली सबसे ज्यादा पूजी जाती है । रामकृष्ण परमहंस से लेकर विवेकानंद तक मां काली के परम भक्त माने जाते है । आंकड़ों के मुताबिक लगभग 20 फीसदी लोगों की मां काली में आस्था है । यही वजह है कि वह देवी काली से ज्यादा लगाव महसूस करते हैं और इस तरह का अपमान देख उनकी भावनाएं आहत हो गई है । इस पोस्टर में आते ही इतना बवाल मचाया है कि इस पर विवाद रुकने का नाम नहीं ले रहा है । बता दें कि यह विवादित पोस्टर देवी का अपमान कर रहा है ,देवी का अपमान करता यह पोस्टर सामने आने के बाद से ही डॉक्युमेंट्री की निर्देशक लीना मणिमेकलई चर्चाओं में बनी हुई है । इतना ही नहीं अपनी इस फिल्म को लेकर वह विवादों में आए दिन फंसती जा रही है । फिल्म के विवादित पोस्टर को लेकर लीना के खिलाफ लखनऊ, दिल्ली, गोंडा, लखीमपुर खीरी, और रतलाम समेत देश के कई हिस्सों में एफआईआर दर्ज हो चुकी है ।बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर अपने करियर की शुरुआत करने वाली लीना ने साल 2002 में अपनी पहली डॉक्युमेंट्री ” मथम्मा ” बनाई थी । इसके बाद साल 2004 में लीना ने दलित महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा पर डॉक्युमेंट्री ” पाराई ” बनाई थी । उन्होंने साल 2011 में पहली फीचर फिल्म सेंगडल रिलीज की, जो धनुष्कोड़ी के मछुआरों पर आधारित थी । लीना की इस फिल्म को लेकर काफी विवाद हुआ था । इसके अलावा लीना अपनी फिल्म व्हाइट वैन स्टोरीज लेकर भी विवादों में रही थीं । अपने करियर के दौरान लीना ने कई इंटरनेशनल और नेशनल फिल्म फेस्टिवल अवॉर्ड हासिल किए है ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here