18 मई 1980 को पाकिस्‍तान के लाहौर (पंजाब) में जन्मे बॉलीवुड फिल्म में अपनी एक्टिंग और आवाज़ का जादू बिखेरने वाले पाकिस्तानी अभिनेता अली जफर को आज कौन नहीं जानता है । पाकिस्तान ही नहीं भारत में भी अली की बहुत फैन फॉलोइंग है । अली न सिर्फ अच्छे सिंगर और अभिनेता है , वह पेंटर और प्रोड्यूसर भी है । अली एक ऐसे अभिनेता है , जिन्होंने अपनी सफलता के बाद पाकिस्तानी एक्टर को बॉलीवुड का रुख करने के लिए प्रेरित किया था । उन्होंने एक संगीतकार के रूप में अपना करियर शुरू किया और उनका पहला एकल चन्नो एक जोरदार हिट थी । तो उन्होंने अपना पहला एल्बम किया । मूल रूप से पाकिस्तान से, उन्होंने 2010 में नाटकीय फ़िल्म ” तेरे बिन लादेन ” के माध्यम से बॉलीवुड में अपनी शुरुआत की, जिसने बॉक्स ऑफिस पर बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और उन्हें भारत में भी एक प्रसिद्ध नाम बना दिया । अभिनेता संगीत और अभिनय के अलावा एक कुशल कलाकार भी है ।अपने टैलेंट के दम पर वह बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो गए थे । लेकिन पाकिस्तानी आर्टिस्टों पर बैन लगने के बाद उन्हें अपने वतन वापस लौटना पड़ा । अली की एक्टिंग, गाने और लुक्स को लोग काफी पसंद कर रहे थे, लेकिन जब भारत में पाकिस्तान के आर्टिस्ट पर बैन लगा तो अली का सफर भी बॉलीवुड में खत्म हो गया । हालांकि ये बात सच है कि जितनी भी फिल्मों में अली ने काम किया, अपने लिए दर्शकों के दिल में एक खास जगह बना ली थी । उनका गाना ” वो देखने में कैसी ” आज भी लोगों की जुबां पर चढ़ा हुआ है ।

 

अभिनेता का शुरुआती जीवन , शिक्षा और फिल्मी करियर-

पाकिस्तान में जन्मे अभिनेता अली ज़फ़र का पूरा नाम अली मोहम्मद ज़फ़री है । उनको निकनेम अली के नाम से बुलाते है । अली जफर की प्रारंभिक शिक्षा में हुईसीए.ए.ए. पब्लिक स्कूल, लाहौर 5वीं कक्षा तक। इसके बाद उन्होंने में प्रवेश लियाबीकनहाउस स्कूल और वहीं से अपनी बाकी की स्कूली शिक्षा पूरी की । पाकिस्तान में जन्मे अली जफर पढ़ाई में काफी अच्छे थे । अली को बचपन से ही पेंटिंग का शौक था और वह आठ साल की उम्र से पेंटिंग करने लगे थे । यहीं नहीं सिंगर और एक्टर बनने से पहले वह पेंटिंग ही किया करते थे और इसी दौरान एक होटल की लॉबी में उनकी मुलाकात अपनी पत्नी आयशा फाजली से हुई थी । अली एक पाकिस्तानी शो से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत करने के बाद फिल्मों में गाना गाने लगे थे । लेकिन उन्हें असली पहचान 2003 में आई एल्बम ” हुक्का पानी ” के ” छन्नो ” गाने से मिली थी । इसके लिए उन्हें बेस्ट एल्बम और बेस्ट मेल आर्टिस्ट का अवॉर्ड भी मिला था । वह से आगे की पढ़ाई करने चला गयालाहौर के गवर्नमेंट कॉलेज और 1998 में कला में एफए पूरा किया है । इसके बाद उन्होंने में दाखिला लिया नेशनल कॉलेज ऑफ़ आर्ट्स, लाहौर, और 2002 में ऑनर्स की डिग्री के साथ स्नातक की उपाधि प्राप्त की है । पाकिस्तानी अभिनेता अली ज़फ़र के फिल्मी डेब्यू ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया था , बल्कि इसने उन्हें किसी भी भारतीय पुरस्कार के लिए नामांकित होने वाला पहला पाकिस्तानी अभिनेता भी बना दिया था । अली जफर ने 2010 में बॉलीवुड में डेब्यू ” तेरे बिन लादेन ” से किया था । उन्हें 2011 में आइफा, जी सीने, फ़िल्म फेयर, और स्टार स्कीन में ” सर्वश्रेष्ठ डेब्यू अभिनेता ” श्रेणी में नामांकित किया गया था । हालांकि उनकी पहली फिल्म ने दक्षिण एशियाई और मध्य पूर्वी देशों में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन इसे उनके गृह देश पाकिस्तान में विवादों का सामना करना पड़ा और वहां सेंसर पास करने में विफल रही । बता दें कि अपने करियर के शुरुआती दिनों में, वह अपने संगीत के सपनों को आगे बढ़ाने के लिए कुछ अतिरिक्त आय प्राप्त करने के लिए पर्ल कॉन्टिनेंटल होटल की एक लॉबी में लाइव पोर्ट्रेट पेंट करते थे । इन लाइव पेंटिंग सेशन में अली पहली बार अपनी पत्नी आयशा फ़ाज़ली से भी मिले थे ।उन्होंने सबसे पहला विज्ञापन 18 साल की उम्र में “तल्लो घी” के लिए किया था । इसके बाद अली का कद बढ़ता चला गया और उन्हें कई सारे बॉलीवुड प्रोजेक्ट्स मिलने लगी । वह ” मेरे ब्रदर की दुल्हन “, ” किल दिल “, ” लंदन पेरिस न्यूयॉर्क “, ” टोटल सयापा ” और ” चश्मे बद्दूर ” जैसी कई फिल्मों में नजर आए थे । अली की एक्टिंग, गाने और लुक्स को लोग काफी पसंद कर रहे थे, लेकिन जब भारत में पाकिस्तान के आर्टिस्ट पर बैन लगा तो अली का सफर भी बॉलीवुड में खत्म हो गया । हालांकि ये बात सच है कि जितनी भी फिल्मों में अली ने काम किया, अपने लिए दर्शकों के दिल में एक खास जगह बना ली थी । उनका गाना ” वो देखने में कैसी ” आज भी लोगों की जुबां पर चढ़ा हुआ है ।

 

सिंगर व कंपोजर हिमेश रेशमिया और प्रीतम ने अली गाने का इस्तेमाल किया था-

एक बार खबरें आई थी कि सिंगर व कंपोजर हिमेश रेशमिया और प्रीतम ने अली ज़फ़र के गाने का इस्तेमाल किया है । इस पर अली ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि यह अफवाह नहीं थी । उनकी एल्बम के गाने ” रंगीन ” को हिमेश रेशमिया ने ” आशिक बनाया आपने ” फ़िल्म में इस्तेमाल किया था । इस के बनने से अली को अंदाजा लग गया था कि अब उनकी लोकप्रियता बढ़ रही है , ऐसे में उन्होंने 2006 में ” मस्ती‌ ” नाम से एक और एल्बम निकाला, जो काफी फेमस हुआ । इसके बाद अली की फैन फॉलोइंग बढ़ती चली गई। पाकिस्तान में लोकप्रियता हासिल करने के बाद अली ने बॉलीवुड का रुख किया और 2010 में ” तेरे बिन लादेन ” में नज़र आए थे । यह फ़िल्म पाकिस्तान में तो बैन हो गई, लेकिन भारत में लोगों ने इसे काफी पसंद किया था ।

 

अभिनेता अली ज़फ़र का निजी जीवन –

अभिनेता अली ज़फ़र की शादी आयशा फ़ाज़ली से हुई है । वह पहली बार तब मिले थे , जब वह किशोर थे और अली एक होटल की लॉबी में लाइव पोर्ट्रेट पेंट करते थे । आयशा अपना स्केच बनवाने के लिए उसके पास आई और यही वह समय था, जब अली को उससे प्यार हो गया। यह जोड़ा लंबे समय तक एक साथ रहे और आखिरकार 28 जुलाई, 2009 को लाहौर, पाकिस्तान में शादी के बंधन में बंध गए । उनका एक बेटा अज़ान और एक बेटी का नाम अलीज़ा है ।

 

 

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