सूबे के मुखिया सीएम योगी आदित्यनाथ ने परशुराम जयंती, अक्षय तृतीया और ईद पर पूर्व रूप से निर्बाध बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए है। लगातार पूरे प्रदेश में बिजली संकट चल रहा। लेकिन उसके बाद भी हर संभव प्रयास करके बिजली व्यवस्था की आपूर्ति की जा रही है जिसके लिए पिछले दिनों में ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने कड़े निर्देश दे चुके है। यूपी सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी ने राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति के संबंध में दिशा-निर्देश देते हुए कहा, ‘ऊर्जा क्षेत्र में सुधार की व्यापक जरूरत है| भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के दृष्टिगत कार्ययोजना तैयार की जाए| विभागीय मंत्री द्वारा विभाग की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा करते हुए हर स्तर पर व्यापक बदलाव के प्रयास किए जाएं|’

 

कोयले के आपूर्ति के लिए योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा?

 

योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराने के निर्देश देते हुए कहा कि केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद मिल रही है| उन्होंने कहा कि खदानों से बिजलीघरों तक कोयले की ढुलाई के लिए रेल के साथ-साथ सड़क मार्ग का इस्तेमाल भी किया जाए|गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में बिजली संकट बना हुआ है. ऊर्जा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, यूपी में करीब 23 हजार मेगावाट बिजली की मांग की तुलना में आपूर्ति 20,800 मेगावाट ही हो रही है हालांकि यूपी को राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश से करीब 1600 मेगावाट बिजली मिली है. इसके बावजूद अब भी लगभग 2000 मेगावाट बिजली की कमी है

 

योगी ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है

 

योगी ने कहा कि, प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित किया जाए कि एक भी उपभोक्ता को गलत ढंग से बिजली बिल न मिले। सभी को समय से बिल मिले। ओवरबिलिंग अथवा विलंब से बिल दिया जाना उपभोक्ता को परेशान तो करता ही है, व्यवस्था के प्रति निराश भी करता है। उपभोक्ता इससे बिल जमा करने के प्रति उत्साहित नहीं होता। ऐसे में समय से बिल और सही बिल दिया जाना सुनिश्चित करें। इसके लिए ठोस कार्ययोजना बनाने की जरूरत है। योगी ने कहा कि बिजली आपूर्ति होती रहे इसके लिए बिल का भुगतान जरूरी है। बिजली का इस्तेमाल करने वाले हर उपभोक्ता की यह ज़िम्मेदारी है कि वह समय से बिजली बिल का भुगतान करे। विद्युत वितरण निगमों को बिल के समयबद्ध संकलन के लिए ठोस प्रयास करना होगा। अधिकारी बकायेदारों से लगातार संपर्क और संवाद करें। राजस्व वसूली सिस्टम में सुधार की जरूरत है। सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि रोस्टर के अनुरूप निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए समुचित प्रबंध किए जाएं। फिलहाल स्थिति सामान्य है और रोस्टर के अनुरूप बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराएं। सीएम ने अधिकारियों को लोकल फाल्ट समय से ठीक करने के निर्देश दिए हैं ताकि लोगों को लोकल फाल्ट के नाम पर बिजली कटौती का सामना न करना पड़े। इसके अलावा लाइन हानियों को कम करने के निर्देश दिए हैं ताकि बिजली की बचत की जा सके।

 

पहले बिजली भी धर्म और जाति देखकर आती थी – सीएम योगी

 

योगी आदित्यनाथ हमेशा अपने भाषण में जिक्र करते आए है की पहले की सरकारें धर्म और जाति देखकर बिजली दिया करते थे लेकिन अब ऐसा नही है। पहले अगर ईद है तो बिजली आती थी और अगर वही दीपावली और होली पर पूरे पूरे दिन बिजली गायब रहती थी। आज हर किसी जाती धर्म और मजहब के लोगो को एक समान और बराबर बिजली मिलती है। होली हो या ईद आज हर पर्व पर बिजली की कटौती नहीं की जाती है। वही पिछले दिनों उर्जा मंत्री ए के शर्मा ने कहा की बदहाल बिजली व्यवस्था का कारण पूर्व की सरकारें है अगर उन्होंने सत्ता में रहते हुए काम किया होता तो आज स्तिथि कुछ और होती। उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मर खराब, खराब व्यवस्थाए यह आज की समस्या नहीं है। यह 30 साल पुरानी समस्या है और उसके पहले 50 साल पुरानी है। पिछले चार साल में 17000 मेगा वाट डिमांड थी। अब 22000 मेगावाट डिमांड हो गई है। पिछले तीन सप्ताह में तीन थर्मल पावर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उनके बॉयलर खराब हो गए हैं। यह बहुत तापमान में काम करते हैं। इसलिए इनकी तुरंत रिपेयरिंग नहीं हो पाती है। पिछली सरकारों से पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने बायलर की रिपेयरिंग की व्यवस्था क्यों नहीं की। हम इस समस्या से बहुत जल्द निपट कर बहुत ही यशस्वी होकर सामने आएंगे।

 

 

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