केंद्र सरकार द्वारा घोषित की गई अग्निपथ योजना को लेकर हर तरफ बवाल हो गया था  । इसके चलते सेना की ओर से भी प्रेस कॉन्फ्रेंस किया गया था । इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया  कि अग्निपथ योजना के लिए युवाओं ने तैयारी शुरू कर दी है । सेना के लिए देश सबसे पहले है । अग्निवीरों की भर्ती में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं होगा । प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि यह देशभक्ति का मौका है, युवा इसे हाथ से ना जाने दे । सेना में काम करना देशभक्ति और जुनून का काम है । कहा गया है अग्निवीर अगर कहीं जंग लड़ेगा तो उसे परमवीर चक्र भी मिलेगा । तो आइए जानते हैं कि आखिर क्या है अग्निपथ योजना और इसके मुख्य प्रावधान –

 

क्या है अग्निपथ  योजना?

योजना भारतीय सेना के तीनों अंगों थलसेना, वायुसेना और नौसेना में जवान, एयरमैन और नाविक के पदों पर भर्ती के लिए भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय द्वारा लाई गई एक नई योजना है । चयन के बाद इन नए जवानों को अग्निवीर के रूप में जाना जाएगा ‌।

 

कैसे किया जाएगा अभियार्थी को भर्ती 

चार वर्ष के बाद निबंधित बैच के 25% जवानों को 15 साल की अवधि के लिये उनकी संबंधित सेवाओं में वापस भर्ती किया जाएगा । 4 वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद कोई अग्निवीर सेना के किसी भी अंग में तभी नियमित हो पाएंगे, जब वे जूनियर कमीशंड अफसर अथवा अन्य किसी समरूप पदों के नियमित नियमों द्वारा शासित हो पाएंगे ।

 

योजना के लिए उम्र और छूट

अग्निपथ  योजना के लागू होने के बाद से इन पदों पर भर्ती के लिए चलने वाली दूसरी अन्य योजनाएं समाप्त हो जाएंगी ‌। ऐसे अभ्यर्थी जिनकी उम्र 17.5 साल से 21 साल के बीच के है, वो इस योजना के तहत भर्ती होने के लिए आवेदन दे सकते है । हालाँकि ,कोरोना वैश्विक महामारी में भर्ती प्रक्रिया में आई बाधाओं के कारण इस साल (2022 में) उम्र की अधिकतम सीमा में 2 वर्षों की छूट दी गई है । यानी साल 2022 में 23 साल तक की उम्र वाले उम्मीदवार भी इस भर्ती प्रक्रिया के लिए आवेदन कर सकते है । आवेदन जुलाई महीने से प्रारम्भ होंगे ‌। इस योजना का उद्देश्य भारतीय युवाओं में देश प्रेम की भावना जागृत करने के साथ साथ , सेना को युवा शक्ति प्रदान करना भी है । वर्तमान में भारतीय सशस्त्र बलों के 13 लाख से भी अधिक संख्या की औसत उम्र लगभग 32 वर्ष है । इस योजना से इस औसत उम्र में कमी देखने को मिलेगी । इसका मतलब यह हुआ कि इस साल 23 साल तक की उम्र वाला कोई भी युवा भर्ती की इस प्रक्रिया के लिए आवेदन कर सकता है । हालांकि कोरोना काल में भर्ती प्रक्रिया के रुके रहने के चलते, अपवाद के तौर पर, केवल इस साल उम्र की अधिकतम सीमा में दो सालों की छूट दी गई है‌ ।

 

क्या अग्निवीरों को क्या प्रमोशन मिल सकेगा ?

नियम के अनुसार इस योजना में चार साल की सेवा पूरी करने के बाद कोई अग्निवीर सेना के किसी भी अंग में तभी नियमित हो पाएंगे, जब वे जूनियर कमीशंड अफसर और इस जैसे पदों के रेगुलर नियमों द्वारा शासित हो पाएंगे ।

 

सेक्रेटरी लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी का बयान सामने आया-

सैन्य  विभाग के एडिशनल सेक्रेटरी लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा है कि सेना में भर्ती प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं होगा । रेजीमेंटल प्रोसेस में भी कोई बदलाव नहीं किया जाएगा । अभ्यर्थियों को एक शपथ पत्र देना होगा कि वे किसी भी प्रकार की हिंसा में शामिल नहीं थे । उन्होंने कहा कि यह हमारे देश की सुरक्षा का मामला है । कुछ लोगों की ओर से यह अफवाह फैलाई गई कि सेना के पुराने जवानों को अग्निवीर योजना के अंतर्गत भेजा जाएगा । यह पूरी तरह से फर्जी सूचना है । अनिल पुरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि अग्निपथ योजना तीन चीजों को संतुलित करती है । इनमें पहली चीज है सशस्त्र सेनाओं में युवा प्रोफाइल, तकनीकी रूप से सक्षमता और सेना में शामिल होने वाले योग्य युवा‌ । उन्होंने यह भी कहा है कि दुनिया के किसी अन्य देश में भारत के जैसा जनसांख्यिकी भाग नहीं है । हमारे देश के 50 फीसदी युवाओं की उम्र 25 साल से कम है । सेना को इसका अधिक से अधिक फायदा उठाना चाहिए ।

 

एयर मार्शल एसके झा ने भी अग्निपथ योजना पर कही ये बात

वही एयर मार्शल एसके झा ने कहा है कि वायुसेना में पहले साल 2 फीसदी अग्निवीरों की भर्ती की शुरुआत करके इसे धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा । यह पांचवें साल में 6000 और 10 वें साल तक 9000 से 10000 तक हो सकती है. उन्होंने साफतौर पर कहा कि वायुसेना में अब हर भर्ती ” अग्निवीर वायु ” के माध्यम से होगी । उन्होंने यह भी कहा कि अग्निपथ योजना के तहत होने वाली भर्ती प्रक्रिया, एंट्री लेवल क्वालिफिकेशन, परीक्षा सिलेबस और मेडिकल स्टैंडर्ड में कोई भी बदलाव नहीं किया जाएगा ।

Agnipath scheme

योजना का भर्ती कैलेंडर 

नौसेना की ओर से कहा गया है कि उसका भर्ती कैलेंडर 25 जून से शुरू होना था, लेकिन इसे 22 जून से शुरू किया जा रहा है‌ । ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का काम 1 जुलाई से शुरू होगा‌ । वाइस एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने कहा है कि डीजी शिपिंग ऑर्डर के अनुसार चार साल की ट्रेनिंग के बाद अग्निवीर सीधे तौर पर मर्चेंट नेवी में भर्ती हो सकेंगे‌ ।

 

लोगों को पसंद नहीं ये योजना

योजना के एलान के समय सरकार ने इसकी अच्छाइयों को लेकर कई दावे किए थे, लेकिन बहुत से लोगों को ये योजना पसंद नहीं आई‌ । बता दें कि देश के विभिन्न राज्यों ख़ासकर बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान में इस योजना को लेकर जिस तरह का हिंसक विरोध प्रदर्शन देखा गया, उसके बाद सेना के तीनों अंगों के बड़े अफसरों ने मीडिया के समक्ष आकर सफाई दी । सेना ने उसी दौरान यह भी बताया कि भर्ती की प्रक्रिया तुरंत ही शुरू की जा रही है । जिसके बाद इसके सबसे पहले भारतीय वायुसेना ने अग्निवीरों की भर्ती की अधिसूचना भी जारी कर दी‌ गई ।

Agnipath scheme protect by people

 

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