कल रामनवमी के अवसर पर देश में जगह – जगह जुलूस निकाला गया। जिसमे रोकने के लिए मुस्लिम समुदाय के कुछ अराजकतत्वों के द्वारा देश में कई जगह हिंसा की है। तोड़ फोड़ और आगजनी भी हुई कई पुलिस के अधिकारी व आम नागरिकों को भी चोटे आई। कल मध्यप्रदेश के खरगोन में सोभा यात्रा के दौरान भारी संख्या में मुस्मिल भीड़ ने जुलूस पर हमला कर दिया। पत्थरबाजी और पेट्रोल बम यात्रा पर फेकर यात्रा को रोकने की कोशिश की है। जहा पर डीजे को भी आग के हवाले कर दिया गया। जितने भी दंगाई थे शिवराज सरकार ने उनके घर तोड़ने के आदेश दे दिया। जिसे लेकर ओवैसी दंगाइयों के पक्ष में खड़े नजर आ रहे। सरकार पर और संघ पर वार कर रहे है।

 

क्या कहा ओवैसी ने।

 

ओवैसी ने कहां की मध्य प्रदेश में कानून के शासन पर भिड़तंत्र हावी हो चुका है। भले ही सीएम शिवराज सिंह चौहान की विचारधारा मस्जिदों को नापाक करने और बुजुर्गों पर हमले को सही ठहराती हो, लेकिन उन्हें भूलना नहीं चाहिए कि वे एक संवैधानिक पद पर बैठे और पूरे जनता के जान माल की जिम्मेदारी है। यही नहीं ओवैसी आगे कहते है की सत्ता के नशे में गरीबों के आशियाने उजाड़े जा रहे है। उन्हें याद रखना चाहिए उनकी सरकार आज है कल नही होगी। आपको बता दे की सीएम शिवराज सिंह चौहान ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। सीएम ने कहा था कि रामनवमी पर खरगोन में हुआ घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। मध्य प्रदेश की धरती पर दंगाइयों के लिए कोई स्थान नहीं है। और यह दंगाई चिन्हित कर लिए गए है, इनको छोड़ा नहीं जाएगा। और इन पर कार्रवाई की जायेगी इसके बाद ही पुलिस प्रशासन ने घरों को चिन्हित कर बुलडोजर चलवा दिया।

 

दंगाइयों के समर्थन में दिग्विजय सिंह।

 

ये वही दिग्विजय सिंह जो अभी राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते है तो यही दिग्विजय सिंह अब रामनवमी पर हुए दंगो को हिंदुओं को ही दोषी ठहरा रहे है। और अपराधियों के पक्ष में अपना समर्थन दे रहे है। दिग्विजय सिंह अपने ट्वीट में लिखते है, क्या मर्यादा पुरुषोत्तम राम का जन्म दिवस पूरे देश में एक वर्ग को गाली देकर भड़काने वाले नारे लगा कर मानना उचित है? यही सनातन हिंदू धर्म है? शर्म करो? राम के नाम पर बवाल क्यों? रामनवमी को क्यों मनाया जा रहा? दूसरे ट्वीट में दिग्विजय सिंह लिखते है। भारतीय संविधान में हर नागरिक को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है धर्म देखकर शिवराज जी कार्यवाही करना असंवैधानिक है। एक और ट्वीट में लिखते है। क्या खरगोन प्रशासन ने लाठी तलवार जैसे हथियारों को लेकर जुलूस निकालने की इजाजत दी थी? क्या जिन्होंने पत्थर फेंके चाहे जिस धर्म के हो सभी के घरों पर बुलडोजर चलेगा? शिवराज जी मत बोलिए आप ने निष्पक्ष होकर सरकार चलाने की शपथ ली थी।
दिग्विजय सिंह अपने ट्वीट हैंडल से एक वीडियो डालते है जिसमे मस्जिद पर कुछ लोग भगवा झंडा लहरा रहे है। जिसका जवाब देते हुए शिवराज सिंह चौहान ट्वीट करते है की, श्री दिग्विजय दिग्विजय सिंह जी ने जो धार्मिक स्थल पर झंडा फहराने का ट्वीट किया वह फोटो मध्यप्रदेश का नहीं है। उन्होंने मध्यप्रदेश में धार्मिक उन्माद फैलाने और दंगों की आग में झोंकने की साजिश की है मेरे प्रदेश में दंगा फैलाने की कोई साजिश करेगा तो वह कोई भी हो बर्दाश्त नहीं करूंगा। दिग्विजय आगे कहते है कि, रूप से बिना नोटिस बिना किसी को सुनें कार्यवाही के खिलाफ हूं क्या भारत के किसी कानून या नियम में बुलडोजर संस्कृति का प्रावधान है। यदि आप को गैरकानूनी तरीके से बुलडोजर चला ना ही है तो उसे धर्म के आधार पर पक्षपात तो ना करें। दिग्विजय सिंह कहते है की ये दंगा कपिल मिश्रा जी की वजह से हुआ इसलिए वो अपने ट्वीट में लिखते है। खरगोन प्रशासन और पुलिस ने या भाषण नहीं सुना? क्या इस प्रकार का भाषण जनता को धर्म के आधार पर भड़काने वाला नहीं है या खरगोन में एक स्थान का भाषण है और कहां-कहां कपिल मिश्रा जी के भाषण हुए? क्या खरगोन प्रशासन व पुलिस को इसकी जानकारी नहीं थी?

 

कई की है नौकरी।

 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दंगाईयों के अवैध निर्माण को तोड़ने के साथ ही कुछ कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। जानकारी के मुताबिक इन कर्मचारियों के बवाल में शामिल होने की जानकारी मिली थी। जानकारी के अनुसार 4 शासकीय कर्मचारियों में से 3 की सेवा को समाप्त कर दिया गया है। वहीं एक कर्मचारी को सस्पेंड किया गया है। पुलिस ने बताया कि जीरो टोलरेंस पॉलिसी के तहत यह कार्रवाई की गई है।

 

कुल छह राज्यों में हुए दंगे।

 

इस साल रामनवमी के दौरान मध्यप्रदेश समेत अन्य छह राज्यों में भी विशेष समुदाय के लोगो ने बवाल काटा, गुजरात, झारखंड, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और मध्य प्रदेश। इस पूरे दंगे में कई लोगो की जान भी है और कई अन्य लोगो को गंभीर चोटे आई जिसे बाद में हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया पुलिस के कई आला अधिकारी भी इस दंगे में नही छोड़े गए वो भी गंभीर रूप से घायल हुए। वही झारखंड में सोभा यात्रा के दौरान भी हिंसा हुई वहा पर मुस्लिम समुदाय के लोगो ने हिंदुओं पर धारदार हथियार से हमला किया। झारखंड के लोहरदगा जिले के हिरही भोक्ता बगीचा इलाके के पास रामनवमी की शोभायात्रा पर पथराव हुआ। जुलूस में शामिल लोगों पर धारदार हथियारों से हमले किए गए। शोभायात्रा में शामिल 15 से ज्यादा लोग घायल हो गये। कर्नाटक में भी सोभा यात्रा को रोकने की कोशिश की है और उपद्रवियों के दारा पथराव किया गया।

 

उत्तर प्रदेश में नही हुए एक भी दंगे।

 

उत्तर प्रदेश में योगी की सरकार है और वहा पर दंगे पर रोक काफी पहले से लग चुकी है। और योगी के दमदार प्रदर्शन के बदौलत ही आज उत्तर प्रदेश में एक भी दंगे नही हुए। क्योंकि बाबा का बुल्डोजर जमकर गरजता है उत्तर प्रदेश में आपको बता दे अभी हाल में ही द कश्मीर फाइल देखकर लौट रहा था जिसे मुस्लिम समाज के कुछ अराजक तत्वों के द्वारा चाकू मार दिया गया था जो गंभीर रूप से घायल हो गया था। योगी सरकार ने मामले को संज्ञान में लेते हुए अपराधी के घर पर बुलडोजर चला दिया गया था।

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